News Narmadanchal

अंग्रेजी साम्राज्य की नींव हिलाने वालों को भुला दिया था: विधायकअंग्रेजी साम्राज्य की नींव हिलाने वालों को भुला दिया था: विधायक

कवि भवानी प्रसाद मिश्र संस्कृति भवन में मनायी बिरसा मुंडा की जयंती

इटारसी। हमें स्कूलों में अकबर महान, दे दी हमें आजादी बिना खड्ग, बिना ढाल और बाल दिवस वाले पढ़ा दिये, जबकि अंग्रेजी साम्राज्य की नींव हिलाने वालों को कभी नहीं पढ़ाया। नेताजी बंगाल के सुभाषचंद्र बोस, पंजाब के भगवत सिंह और झारखंड के बिरसा मुंडा ऐसे महान लोग थे, जिन्होंने अंगे्रजी शासन की नींव ढाली कर दी थी। ऐसे लोगों को भुला दिया गया। जो लोग श्रेय लेते हैं, उन्होंने तो केवल धक्का ही दिया था। यह बात पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और वर्तमान विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा ने यहां ऑडिटोरियम में आयोजित बिरसा मुंडा जयंती समारोह (Birsa Munda Jayanti Celebration) में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही। आभार प्रदर्शन एसडीएम एमएस रघुवंशी (SDM MS Raghuvanshi) ने किया। इस अवसर पर युवा आकाश कुशराम (Young akash kusharam) के नेतृत्व में आदिवासी समाज ने बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की।

झारखंड में भगवान के रूप में पूजे जाने वाले बिरसा मुंडा की 145 वी जयंती आज यहां भी मनायी गयी। मप्र शासन आदिवासी विकास विभाग (MP Government Tribal Development Department) के तत्वावधान में जिला स्तर पर यह आयोजन यहां कविवर भवानी प्रसाद मिश्र संस्कृति भवन (Kavivar Bhavani Prasad Mishra Culture Building) में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आदिम जाति कल्याण विभाग के स्कूलों के और शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद थे। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा (MLA Dr. Sitasaran Sharma) के साथ ही जिला पंचायत सीईओ और प्रभारी कलेक्टर मनोज सरियाम (Manoj Sariam), जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल पटेल (District Panchayat President Kushal Patel), आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त चंद्रकांता सिंह(Assistant Commissioner Chandrakanta Singh), केसला जनपद पंचायत अध्यक्ष गणपत उईके (Kesla District Panchayat President Ganpat Uike),  बीईओ केसला आशा मौर्य, प्रभारी सीएमओ और नपा में सहायक इंजीनियर मीनाक्षी चौधरी, भाजपा नेता जगदीश मालवीय, दीपक हरिनारायण अग्रवाल, संदेश पुरोहित, एसडीएम मदनसिंह रघुवंशी सहित आदिवासी समाज के अनेक सदस्य उपस्थित थे।

दो की ही जेल में मृत्यु
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. शर्मा (MLA Dr. Sharma) ने कहा कि केवल दो ही ऐसे महान लोग हैं जिनकी जेल में मृत्यु हुई है। एक बिरसा मुंडा और दूसरे श्यामा प्रसाद मुखर्जी। अत्यंत कम आयु में बड़े काम करके बिरसा मुंडा ने जो उपलब्धि हासिल की, वह भी केवल शंकराचार्य और विवेकानंद को ही मिली थी। उन्होंने धर्मपरिवर्तन कर लिया था, लेकिन वापस अपनी संस्कृति में आये और अपने समाज को शोषित और पीडि़त पाकर उनको जागरुक करने के लिए काम किया।

कन्वर्ट होकर लाभ लेने पर निशाना
विधायक ने ऐसे लोगों पर भी निशाना साधा, जिन्होंने अन्य धर्म में कन्वर्ट होकर आदिवासी होने का लाभ लिया है। उन्होंने कहा कि 1973 में इंदिरा गांधी ने आरक्षण दिया था तो मंडला के सांसद मंगलू उईके (MP Manglu Uike) ने संसद में खड़े होकर कहा था कि आदिवासी समाज को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। विधायक ने कहा कि आदिवासी समृद्ध समाज है और बिरसा मुंडा जयंती के दिन उनसे प्रेरणा लेकर वे राष्ट्र को गौरवशाली बनायेंगे, आज यही प्रण लेना चाहिए।

पिछली सरकारों ने पीछे किया
जिला पंचायत सदस्य कुशल पटेल (District Panchayat member Kushal Patel) ने भी बिरसा मुंडा जैसे क्रांतिकारियों की जन्म शताब्दी मनाना आवश्यक बताते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने ऐसे महान लोगों के नाम को आगे ही नहीं आने दिया। प्रभारी कलेक्टर मनोज सरियाम (Collector in charge Manoj Sariyam) ने कहा कि कुशाग्र बुद्धि का होने से उनको मिशनरीज के स्कूल में भर्ती कराया था, जहां मजबूरी में ईसाई धर्म ग्रहण किया। लेकिन, अपने समाज का शोषण देख वापसी की और समाज को जागृत कर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया।

कवि भवानी प्रसाद मिश्र संस्कृति भवन में मनायी बिरसा मुंडा की जयंती

इटारसी। हमें स्कूलों में अकबर महान, दे दी हमें आजादी बिना खड्ग, बिना ढाल और बाल दिवस वाले पढ़ा दिये, जबकि अंग्रेजी साम्राज्य की नींव हिलाने वालों को कभी नहीं पढ़ाया। नेताजी बंगाल के सुभाषचंद्र बोस, पंजाब के भगवत सिंह और झारखंड के बिरसा मुंडा ऐसे महान लोग थे, जिन्होंने अंगे्रजी शासन की नींव ढाली कर दी थी। ऐसे लोगों को भुला दिया गया। जो लोग श्रेय लेते हैं, उन्होंने तो केवल धक्का ही दिया था। यह बात पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और वर्तमान विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा ने यहां ऑडिटोरियम में आयोजित बिरसा मुंडा जयंती समारोह (Birsa Munda Jayanti Celebration) में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही। आभार प्रदर्शन एसडीएम एमएस रघुवंशी (SDM MS Raghuvanshi) ने किया। इस अवसर पर युवा आकाश कुशराम (Young akash kusharam) के नेतृत्व में आदिवासी समाज ने बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की।

झारखंड में भगवान के रूप में पूजे जाने वाले बिरसा मुंडा की 145 वी जयंती आज यहां भी मनायी गयी। मप्र शासन आदिवासी विकास विभाग (MP Government Tribal Development Department) के तत्वावधान में जिला स्तर पर यह आयोजन यहां कविवर भवानी प्रसाद मिश्र संस्कृति भवन (Kavivar Bhavani Prasad Mishra Culture Building) में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आदिम जाति कल्याण विभाग के स्कूलों के और शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद थे। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा (MLA Dr. Sitasaran Sharma) के साथ ही जिला पंचायत सीईओ और प्रभारी कलेक्टर मनोज सरियाम (Manoj Sariam), जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल पटेल (District Panchayat President Kushal Patel), आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त चंद्रकांता सिंह(Assistant Commissioner Chandrakanta Singh), केसला जनपद पंचायत अध्यक्ष गणपत उईके (Kesla District Panchayat President Ganpat Uike),  बीईओ केसला आशा मौर्य, प्रभारी सीएमओ और नपा में सहायक इंजीनियर मीनाक्षी चौधरी, भाजपा नेता जगदीश मालवीय, दीपक हरिनारायण अग्रवाल, संदेश पुरोहित, एसडीएम मदनसिंह रघुवंशी सहित आदिवासी समाज के अनेक सदस्य उपस्थित थे।

दो की ही जेल में मृत्यु
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. शर्मा (MLA Dr. Sharma) ने कहा कि केवल दो ही ऐसे महान लोग हैं जिनकी जेल में मृत्यु हुई है। एक बिरसा मुंडा और दूसरे श्यामा प्रसाद मुखर्जी। अत्यंत कम आयु में बड़े काम करके बिरसा मुंडा ने जो उपलब्धि हासिल की, वह भी केवल शंकराचार्य और विवेकानंद को ही मिली थी। उन्होंने धर्मपरिवर्तन कर लिया था, लेकिन वापस अपनी संस्कृति में आये और अपने समाज को शोषित और पीडि़त पाकर उनको जागरुक करने के लिए काम किया।

कन्वर्ट होकर लाभ लेने पर निशाना
विधायक ने ऐसे लोगों पर भी निशाना साधा, जिन्होंने अन्य धर्म में कन्वर्ट होकर आदिवासी होने का लाभ लिया है। उन्होंने कहा कि 1973 में इंदिरा गांधी ने आरक्षण दिया था तो मंडला के सांसद मंगलू उईके (MP Manglu Uike) ने संसद में खड़े होकर कहा था कि आदिवासी समाज को लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। विधायक ने कहा कि आदिवासी समृद्ध समाज है और बिरसा मुंडा जयंती के दिन उनसे प्रेरणा लेकर वे राष्ट्र को गौरवशाली बनायेंगे, आज यही प्रण लेना चाहिए।

पिछली सरकारों ने पीछे किया
जिला पंचायत सदस्य कुशल पटेल (District Panchayat member Kushal Patel) ने भी बिरसा मुंडा जैसे क्रांतिकारियों की जन्म शताब्दी मनाना आवश्यक बताते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने ऐसे महान लोगों के नाम को आगे ही नहीं आने दिया। प्रभारी कलेक्टर मनोज सरियाम (Collector in charge Manoj Sariyam) ने कहा कि कुशाग्र बुद्धि का होने से उनको मिशनरीज के स्कूल में भर्ती कराया था, जहां मजबूरी में ईसाई धर्म ग्रहण किया। लेकिन, अपने समाज का शोषण देख वापसी की और समाज को जागृत कर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया।

कवि भवानी प्रसाद मिश्र संस्कृति भवन में मनायी बिरसा मुंडा की जयंती इटारसी। हमें स्कूलों में अकबर महान, दे दी हमें आजादी बिना खड्ग, बिना ढाल और बाल दिवस वाले पढ़ा दिये, जबकि अंग्रेजी साम्राज्य की नींव हिलाने वालों को कभी नहीं पढ़ाया। नेताजी बंगाल के सुभाषचंद्र बोस, पंजाब के भगवत सिंह और झारखंड के

Related Articles