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अनियमित कर्मचारी आंदोलन : जब छंटनी ही जारी रहेगी, तो नियमितीकरण होगा किसका..?

अनियमित कर्मचारी आंदोलन : जब छंटनी ही जारी रहेगी, तो नियमितीकरण होगा किसका..?

प्रदेश के अनियमित कर्मचारी/अधिकारी अपनी 5 सूत्रीय मांगों यथा नियमितीकरण, विगत 4-5 वर्षों से निकाले गए अनियमित कर्मचारियों को बहाल करने, छटनी न किये जाने, शासकीय सेवाओं में आउटसोर्सिंग/ठेका प्रथा को पुर्णतः समाप्त कर कर्मचारियों का समायोजन करने, अंशकालिक कर्मचारियों को पूर्णकालीन करने तथा 15 अनियमित कर्मचारियों पर न्यायालय में चल रही मुकदमें को वापस लेने को लेकर निरंतर संघर्षरत है।

उल्लेखनीय है माननीय मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस वरिष्ठ जनप्रतिनिधि हमारे संघर्ष के दिनों में हमारे मंच में आये और उनकी सरकार बनाने पर 10 दिवस में हमें नियमित करने का वादा किया। वादे के अनुरूप कांग्रेस के जन-घोषणा (वचन) पत्र “दूर दृष्टि, पक्का इरादा, कांग्रेस करेगी पूरा वादा” के बिंदु क्रमांक 11 एवं 30 में अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण करने, छटनी न करने तथा आउट सोर्सिंग बंद करने वादा किया है, तथा दिनांक 14.02.2019 को अनियमित कर्मचारियों के मंच से पुनः इस वर्ष किसानों के लिए, आगामी वर्ष कर्मचारियों के लिए बात कही परन्तु आज सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने को है फिर भी हम अनियमित है। अनके अवसरों पर माननीय मुख्यमंत्री, मंत्री मंडल के सहयोगी मंत्रियों, कांग्रेस के विधायकों, वरिष्ठ जन प्रतिनिधियों से प्रत्यक्ष मिलकर एवं पोस्टल के माध्यम से अनियमित कर्मचारी/अधिकारियों के उक्त मांगों हेतु ज्ञापन सौंपा गया है, परन्तु अद्यतन कार्यवाही अपेक्षित है। 

महासंघ के प्रांतीय संयोजक गोपाल प्रसाद साहू द्वारा प्रेषित विज्ञप्ति में लिखा गया है कि वादे के विपरीत अनियमित कर्मचारियों की छटनी एवं सीधी भर्ती की जा रही है, अनेक विभागों में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों के विगत कई महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा है, दूसरी ओर सरकार विधायकों का भत्ता दोगुना कर रही है| इस भेदभाव पूर्ण रवैया से प्रदेश में कार्यरत अनियमित कर्मचारी/अधिकारियों में भारी रोष, असंतोष व्याप्त है तथा प्रशासन के इस कृत्य से कर्मचारियों के मन में यह सवाल पैदा होता है कि इसी तरह से छटनी एवं नई भर्ती जारी रहेगी तो नियमितीकरण किसकी और कैसे होगी।

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल गिरी गोस्वामी ने बताया की नियमितीकरण, छटनी बंद करने, छटनी किये गए साथियों के बहाली सहित 5 सूत्रीय मांग को लेकर महासंघ ने 21 नवम्बर 2020 शनिवार को एकदिवसीय विशाल धरना/प्रदर्शन धरना स्थल बुढापारा रायपुर में आयोजित किया गया है| आयोजित धरना में 70 से अधिक संघों के अनियमित कर्मचारी उपस्थित होने के सम्भावना है| आपके माध्यम से प्रदेश के शासकीय विभागों में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों से अपील की जाती है इस कार्यक्रम में नई ऊर्जा के साथ अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होवें|

छत्तीसगढ़ के हजारों अनियमित कर्मचारी आगामी 21 नवंबर को राजधानी रायपुर में एकत्र होंगे। वे नियमितीकरण समेत अपनी तमाम पुरानी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं। पिछली सरकार के समय जब आंदोलन कर रहे थे, तब कांग्रेस के नेता मंच पर पहुंचकर उन्हें आश्वस्त करते रहे कि जब उनकी सरकार बनेगी तब उनकी मांगें पूरी कर दी जाएगी। कांग्रेस की सरकार बन भी गई, लेकिन अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण नहीं हो पाया। इसीलिए वे आक्रोशित हैं और आंदोलित भी। अनियमित कर्मचारियों ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अपनी व्यथा कही है। पढ़िए-

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