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अब बदलेगी आदमपुर की तस्वीर, पढ़ें कैसे

अब बदलेगी आदमपुर की तस्वीर, पढ़ें कैसे

मंडी आदमपुर

आदमपुर में 2 दोस्तों की जिद से शुरु हुआ स्वच्छ आदमपुर अभियान अब एक टीम में तब्दील होकर आंदोलन (protest) के रूप में स्थापित होता नजर आने लगा है। सभी तबकों का साथ मिलने से ‘टीम सफाई वाले’ ग्रुप दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

गांधी जयंती पर युवाओं ने आदमपुर की तस्वीर को बदलने का बीड़ा उठाया और बुजुर्ग, बच्चों और समाजसेवी घरों से निकलकर इनका साथ देने के लिए विवश हो गए। सुबह 7 बजते ही आदमपुर के अग्रसैन चौक पर सैंकड़ों लोग जमा थे। पहली बार गांधी जयंती के अवसर पर लोगों की भीड़ दिखाई दी। थोड़ी देर दिशा-निर्देश दिए गए और सब झाडू, तस्ली, कस्सी लेकर साफ-सफाई करने में जुट गए। मात्र कुछ ही देर में पूरे चौक को चमका दिया। इसके बाद आसपास की गलियों से गंदगी को उठाया गया और लोगों को जागरुक किया गया।

‘टीम सफाई वाले’ पूरी रात रही एक्टिव

आदमपुर को स्वच्छ बनाने का बीड़ा ‘टीम सफाई वाले’ ग्रुप ने उठाया है। पिछले काफी समय से आदमपुर के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई अभियान चला रहे इस ग्रुप ने 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के अवसर स्व छता अभियान के साथ लोगों को जागरूक करने की पहल भी की। इसको लेकर सोशल मीडिया (social media) पर ग्रुप के सदस्य रात को 1 बजे तक एक्टिव दिखाई दिए। सुबह 4 बजे से फिर ग्रुप के सदस्य संदेश देने में जुट गए और 6 बजे ही अग्रसेन चौक पर जुटने आरंभ हो गए।

बदलेगा अब आदमपुर

युवाओं के स्वच्छता अभियान को देखकर भविष्य के आदमपुर की तस्वीर बनने लगी है। साफ दिखाई दे रहा है कि एक बड़े बदलाव की अंगड़ाई अब आदमपुर ले रहा है। राजनेताओं के स्थान पर समाजसेवी आगे आकर आदमपुर की समस्याओं का हल अपने स्तर पर जागरुकता के आधार पर निकालने लगे हैं। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि भविष्य का आदमपुर काफी अलग होगा।

इन्होंने किया अभियान का शुभारंभ

सफाई अभियान का शुभारंभ मंडी आदमपुर के सरपंच सुभाष अग्रवाल, व्यापार मंडल के निवर्तमान प्रधान लीलाधर गर्ग, बिश्नोई सभा के प्रधान प्रदीप बैनीवाल, जिला पार्षद राजेश बगला, पटवारी भजनलाल, अधिवक्ता सतपाल भांभू, राजकुमार जांगड़ा, धर्मवीर जांगड़ा, मुनीष ऐलावादी, पूर्व खेल अधिकारी सूबे सिंह बैनीवाल व दिनेश गर्ग आदि ने सयुंक्त रूप से किया।

गांधी जयंती पर युवाओं ने आदमपुर की तस्वीर (Photo) को बदलने का बीड़ा उठाया और बुजुर्ग, बच्चों और समाजसेवी घरों से निकलकर इनका साथ देने के लिए विवश हो गए। सुबह 7 बजते ही आदमपुर (Adampur) के अग्रसैन चौक पर सैंकड़ों लोग जमा थे। पहली बार गांधी जयंती के अवसर पर लोगों की भीड़ दिखाई दी।

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