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अहमदाबाद : इन शाला संचालकों की शर्त, इस तारीख तक फी भरोगे तो 25% डिस्काउंट!

कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई पर फीस का ग्रहण लगा है। अभिभावक, छात्र स्कूल संचालक और सरकार सभी परेशान हैं। अब देखना है ये समस्या कब खत्म होती है।

कोरोना महामारी के बीच अभी तक स्कूल-कॉलेज नहीं खुले हैं। स्कूलों द्वारा छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा दी जाती है किंतु ऑनलाइन शिक्षा के बीच भी फीस का विषय अभिभावकों को चिंता में डाल रहा है। अभिभावकों द्वारा फीस के विषय पर हाइकोर्ट में अपील की गई थी किंतु हाईकोर्ट ने इस विषय पर सरकार को निर्णय लेने का निर्देश किया है किंतु अभी तक सरकार द्वारा फीस के मामले में कोई तटस्थ निर्णय नहीं ली गई है।

अहमदाबाद में 40 स्कूलों के एसोसिएशन ऑफ प्रोग्रेसिव स्कूल द्वारा इस विषय पर सरकार समक्ष अपना अभिप्राय पेश किया गया, जिसमें स्कूल के संचालकों ने कहा कि यदि अभिभावक 31 अक्टूबर तक 6 महीने की फीस भर दें तो अभिभावकों को 25 प्रतिशत फीस में राहत देने के लिए तैयार हैं। ऐसा दिख रहा है कि स्कूल संचालकों द्वारा सरकार को इस प्रकार की फॉर्मूला देकर उस पर दबाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।

महत्वपूर्ण बात है कि फीस के विषय पर अभी भी स्कूल संचालक मंडल और सरकार के बीच किसी भी प्रकार की कॉमन फॉर्मूला तैयार नहीं हो पाई। इससे दिन-प्रतिदिन फीस का विषय पेचीदा बन रहा है। अभिभावक स्कूल संचालक फीस में राहत दें तो ही बच्चों की फीस भरने के लिए तैयार हैं। दूसरी तरफ अहमदाबाद की 40 निजी स्कूलों के एसोसिएशन द्वारा सरकार के खिलाफ अलग ही फॉर्मूला पेश की जा रही है। इसमें संचालकों द्वारा निश्चित की गई समय में यदि अभिभावक फीस भरे तो ही वे अभिभावकों को फीस में राहत देने की तैयारी दर्शा रहे हैं। संचालकों के रुख को लेकर स्पष्ट देखा जा रहा है कि संचालकों को कोरोना की महामारी में मुश्किल में पड़े अभिभावकों की नहीं अपितु अपने फीस की वसूली करने की चिंता है।

इस संबंध में एसोसिएशन ऑफ प्रोग्रेसिव स्कूल के प्रमुख मनन चौकसी ने कहा कि अभिभावक 31 अक्टूबर तक 6 महीने की पूरी फीस भर दें तो हम अभिभावकों का 25 प्रतिशत फीस माफ कर देंगे किंतु यदि अभिभावक तय की गई समय के अनुसार फीस नहीं भरेंगे तो उनकी फीस माफ नहीं की जाएगी। इस मामले में अभिभावक मंडल का आरोप है कि कई स्कूलों द्वारा दो क्वार्टर की फीस वसूल ली जाती है और आगामी क्वार्टर की फीस भी मैनेज कर ली जाती है। कोरोना की महामारी के बीच फीस माफ होना चाहिए।

कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई पर फीस का ग्रहण लगा है। अभिभावक, छात्र स्कूल संचालक और सरकार सभी परेशान हैं। अब देखना है ये समस्या कब खत्म होती है। कोरोना महामारी के बीच अभी तक स्कूल-कॉलेज नहीं खुले हैं। स्कूलों द्वारा छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा दी जाती है किंतु ऑनलाइन शिक्षा के बीच भी

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