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इस साल शादी के 7 शुभ मुहूर्त, अभी चुके तो अगले साल अप्रैल तक करना होगा इंतजार

इस साल शादी के 7 शुभ मुहूर्त, अभी चुके तो अगले साल अप्रैल तक करना होगा इंतजार

 (फाइल फोटो) (फाइल फोटो)

हरिभूमि न्यूज : सोनीपत

इस साल कोरोना महामारी(Corona Epidemic) के कारण न केवल सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा, वहीं न जाने कितने युवाओं का विवाह (Marriage) टल गया था। अब कोरोना के प्रकोप से राहत मिल रही है और जीवन वापस सामान्य होने लगा है। हालांकि अब मुहूर्त (Muhurta) अड़चन बन सकते हैं। इस साल शादी के 7 मुहुर्त शेष हैं। ऐसे में देवउठनी एकादशी के बाद शुरू हो रहे मुहूर्त से शहनाइयां बजने लगेगी और युवा सात फेरे ले सकते हैं। इस माह नवंबर में तीन और दिसंबर में चार मुहूर्त विवाह के लिए श्रेष्ठ हैं। यदि इन सात मुहूर्त में विवाह नहीं किया तो फिर अगले साल 2021 के अप्रैल माह तक इंतजार करना पड़ेगा।

इन 10 दिनों में शहर व आसपास के क्षेत्रों में एक से डेढ़ हजार जोड़ों के दांपत्य सूत्र में बंधने का अनुमान है। इसकी दो बड़ी वजह हैं। एक यह कि गत मार्च से जुलाई तक कोरोना महामारी से बचाव के लिए लॉकडाउन लगने और शासन की गाइडलाइन की बंदिशों के चलते काफी कम जोड़ों के विवाह हो सके थे। दूसरी वजह यह है कि अब यदि जो लोग नवंबर व दिसंबर माह के मुहूर्त में विवाह करने से चूक जाएंगे तो उन्हें फिर मुहूर्त के लिए 22 अप्रैल तक का लंबा इंतजार करना होगा।

 25 नवंबर से शुरू होंगे मुहूर्त

ज्योतिषार्च पंडित राधे-राधे बताते हैं कि शादी, सगाई सहित अन्य मांगलिक कार्यों के लिए शुभ महीना की तिथि, महीना, तिथि, वार, नक्षत्र और शुभ दिन का विचार किया जाता है। वर, वधु एवं मांगलिक कार्य कर व्यक्ति की राशि के हिसाब से शुभ मुहूर्त निकलता है। उन्होंने बताया कि 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी के साथ ही शुभ मुहूर्तों की शुरूआत होगी। इसके बाद नवंबर में मात्र तीन और दिसंबर में चार मुहूर्त में ही फेरे लिए जा सकेंगे।

जनवरी से मार्च तक शुभ मुहूर्त नहीं

अगले साल 2021 में जनवरी से लेकर मार्च तक तारा अस्त रहने से शादी-विवाह के मुहूर्त नहीं हैं। अप्रैल, मई, जून और जुलाई में कुल 38 मुहूर्त हैं। इसके बाद चातुर्मास शुरू हो जाएगा और फिर चार माह तक विवाह नहीं किया जा सकेगा।

15 दिसंबर से 14 जनवरी तक मलमास

25 नवंबर को तुलसी पूजा पर तुलसी और सालिग्राम का विवाह कराने के बाद शुभ संस्कारों की शुरूआत होगी। नवंबर में तीन मुहूर्त ही श्रेष्ठ हैं। अगले महीने के शुरूआती पखवाड़े में भी मात्र चार मुहूर्त पड़ेंगे। इसके बाद 15 दिसंबर से 14 जनवरी तक मलमास रहेगा।

अगले साल 2021 में 7 जनवरी से 15 फरवरी के बीच देव गुरु अस्त रहेंगे। इसके बाद होलाष्टक और फिर 14 मार्च से 14 अप्रैल तक मीन मलमास रहेगा। इसलिए अप्रैल के पहले पखवाड़े तक कोई मुहूर्त नहीं है। महज अप्रैल, मई, जून और जुलाई में ही कुछ श्रेष्ठ मुहूर्त होंगे। इसके बाद चातुर्मास शुरू हो जाएगा।

इस साल के ये हैं शुभ मुहुर्त

ज्योतिषार्चों के अनुसार इस साल शादी के लिए 7 शुभ मुहुर्त हैं। इनमें नवंबर में तीन और दिसंबर में 4 मुहुर्त हैं। नवंबर में 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी तथा इसके बाद 27 नवंबर और 30 नवंबर को शुभ मुहुर्त है। वहीं दिसंबर में चार मुहूर्त 1, 6, 7 और 9 दिसंबर को शुभ मुहुर्त हैं।

2021 के शुभ मुहूर्त

अप्रैल में कुल 5 मुहूर्त- 25, 26, 27, 28, 30

मई में सबसे ज्यादा 15 मुहूर्त- 2, 4, 7, 8, 9, 13, 14, 21, 22, 23, 24, 26, 29, 30, 31

जून में 12 मुहूर्त- 5,6 , 17, 18, 19, 20, 21, 22, 24, 26, 28, 30

जुलाई में 6 मुहूर्त- 1, 2, 3, 7, 15, 18

अब तिथियां निकलवा रहे लोग

कोरोना के चलते अधिकांश शादियां स्थगित कर दी गईं थी। अब लोग नवंबर व दिसंबर में विवाह जरूर करना चाह रहे हैं। उन्होंने पंडितों से मुहूर्त की तिथियां भी निकलवा ली हैं।

शादी हॉल, गार्डन की बुकिंग में तेजी

शहर में कई शादी आयोजन स्थल हैं। इनमें मैरिज गार्डन, होटल, कम्युनिटी हॉल व धर्मशालाएं शामिल हैं। मैरिज गार्डन एसोसिएशन की मानें तो नवरात्रि के बाद से विवाह के लिए शादी हॉल और गार्डन की बुकिंग में तेजी आई है। कुछ जगह से महीनेभर पहले से बुकिंग हो चुकी है।

बुकिंग करने वालों से मांगते हैं अनुमति पत्र

मैरिज गार्डन संचालक और अन्य आयोजन स्थल के संचालक बुकिंग कराने वालों से जिला प्रशासन का अनुमति पत्र दिखाने के लिए बोलते हैं कि उन्हें कितने लोगों को आमंत्रित करने की अनुमति मिली है। हालांकि कई लोग अभी भी मेहमानों की संख्या को लेकर असमंजस में हैं कि वे होटल बुक कराएं या मैरिज गार्डन।

शादी में 200 से अधिक लोग नहीं हो सकेंगे शामिल

सरकार की गाइडलाइन के अनुसार होटल, धर्मशाला आदि में विवाह में 200 से अधिक लोग नहीं होने चाहिए। इसमें भी सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखना होगा। मैरिज गार्डन या कोई अन्य मैदान में उसकी क्षमता के अनुपात से आधे लोग यानी 800 लोगों की जगह है, तो 400 ही बुलाए जाएं।

देवउठनी एकादशी के बाद शुरू हो रहे मुहूर्त से शहनाइयां बजने लगेगी। इस माह नवंबर में तीन और दिसंबर में चार मुहूर्त विवाह के लिए श्रेष्ठ हैं।

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