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ऋचा जोगी का भी पीछा नहीं छोड़ रहा ‘जाति का जिन्न’, कलेक्टर के बाद अब जिला जाति सत्यापन समिति ने जारी किया नोटिस

ऋचा जोगी का भी पीछा नहीं छोड़ रहा ‘जाति का जिन्न’, कलेक्टर के बाद अब जिला जाति सत्यापन समिति ने जारी किया नोटिस

मुंगेली. जोगी परिवार से जाति का विवाद बहुत पुराना रहा है. ‘जाति का जिन्न’ अब जोगी परिवार की बहू ऋचा जोगी का भी पीछा नहीं छोड़ रहा है. जिला जाति सत्यापन समिति ने ऋचा जोगी के जाति मामले में नोटिस जारी किया है. जिला जाति सत्यापन समिति ने ऋचा जोगी को 8 अक्टूबर को तलब किया है. सत्यापन समिति के समक्ष उपस्थित नहीं होने पर एकपक्षीय कार्रवाई होने की भी सूचना मिल रही है. मुंगेली कलेक्टर ने कहा कि कार्रवाई हो रही है. 

इधर ऋचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र को लेकर उपजे नए विवाद पर अमित जोगी ने ट्वीट कर कहा है कि अपनी बहू की इज्जत में हाथ डालने वालों को मरवाही अब जवाब देगा. अमित जोगी ने ट्वीट कर कहा कि ‘जब मेरी धर्मपत्नी डॉक्टर ऋचा जोगी का पैतृक परिवार कम से कम पाँच दशकों से अनुसूचित जनजाति वर्ग से सरकारी नौकरियाँ करते आ रहा है, तब तो किसी को उनकी जाति की याद नहीं आई. आज ऋचा का केवल एक ही दोष है कि वो स्वर्गीय अजीत जोगी जी और डॉक्टर रेनु जोगी जी की बहु, मेरी धर्मपत्नी और मेरे दो महीने बेटे की माँ है. जब मेरा पिता जी से नहीं निपट पा रहे हैं तो अब मेरे दूध पीते बेटे की माँ के पीछे नहा धो के पड़ गए हैं. कांग्रेस और भाजपा जोगी परिवार के सामाजिक सम्मान की हत्या करने के लिए किसी हद तक भी जा सकती है. अपनी बहू की इज्जत में हाथ डालने वालों का जवाब अब मरवाही देगा. 

बता दें कि मरवाही उपचुनाव को लेकर सियासत तेज हो चुकी है. ऋचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने की मांग की जा रही है. इस संबंध में कलेक्टर ने भी नोटिस भी जारी किया है. अमित जोगी के चुनाव लड़ने को लेकर कोई अड़ंगा होने पर उन्होंने प्लान बी तैयार रखा था. अमित जोगी ने अपनी पत्नी ऋचा जोगी का जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया था. अब ऋचा जोगी के भी जाति प्रमाण पत्र को लेकर विवाद खड़ा होता नजर आ रहा है. इससे पहले खबर थी कि जकांछ द्वारा पार्टी के स्वाभाविक प्रत्याशी अमित जोगी की जाति मामले में किसी तरह का अड़ंगा डाले जाने की स्थिति में उनकी पत्नी ऋचा जोगी को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है. ऋचा जोगी को मरवाही के चुनाव मैदान में उतारे जाने की चर्चा को ढाई माह पूर्व उनके अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र बनवाए जाने से बल मिल रहा है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह प्रमाणपत्र 17 जुलाई 2020 को जरहागांव जिला मुंगेली के तहसीलदार द्वारा जारी किया गया है. श्रीमती जोगी का अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र जुलाई में आननफानन में बनवाया गया. उनकी जाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन 15 जुलाई की शाम 6 बजे जरहागांव तहसीलदार चित्रकांत चाली ठाकुर के दफ्तर में दिया गया. 17 जुलाई को जरहागांव तहसीलदार श्री ठाकुर द्वारा ऋचा रुपाली साधु पिता प्रवीण राज साधु, निवासी पेंड्रीडीह तहसील जरहागांव जिला मुंगेली के नाम से अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया. 

श्रीमती जोगी इसके पूर्व अकलतरा से विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं, उस समय उन्होंने जाति प्रमाणपत्र नहीं बनवाया था, परन्तु एकाएक उनके द्वारा जाति प्रमाणपत्र बनवाए जाने को मरवाही उप चुनाव से जोड़कर देखा जाने लगा है. कहा यही जा रहा है कि उनका जाति प्रमाणपत्र एक प्रत्याशी सुरक्षित रखने के लिए बनवाया गया है, यदि चुनाव में अमित जोगी की जाति मामले पर किसी तरह का विवाद हुआ या किसी तरह का अडंगा लगाया गया, तो सुरक्षित प्रत्याशी के तौर पर उन्हें चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है, इससे मरवाही में परिवार का प्रत्याशी ही चुनाव मैदान में होगा, साथ ही महिला होने के कारण पार्टी प्रत्याशी को क्षेत्र की लगभग 96 हजार महिला मतदाताओं की सहानुभूति भी मिल सकेगी. 

जोगी परिवार का ही रहा है दबदबा छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से अब तक मरवाही विधानसभा में जोगी परिवार का ही दबदबा रहा है. राज्य बनने के बाद वर्ष 2001 में उस समय भाजपा के विधायक रहे रामदयाल उईके के इस्तीफा देने और कांग्रेस में शामिल होने के बाद उप चुनाव हुए, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे और विधायक बने. उसके बाद 2003 में भी स्व. अजीत जोगी ने चुनाव में जीत हासिल की. कुछ माह बाद 2004 में महासमुंद से लोकसभा चुनाव जीतकर वे सांसद बन गए, उसके बाद 2008 तक यह सीट खाली रही. वर्ष 2008 के चुनाव में पुन: स्व. अजीत जोगी चुनाव जीतकर विधायक बने, वर्ष 2013 में उनके पुत्र अमित जोगी को चुनाव मैदान में उतारा गया, चुनाव जीतकर वे वर्ष 2018 तक मरवाही से विधायक रहे. तत्पश्चात वर्ष 2018 के चुनाव में बतौर जकांछ प्रमुख स्व. अजीत जोगी ने चुनाव लड़ा और जीतकर विधायक बने. अब उनके निधन के बाद यह सीट रिक्त है और यहां उप चुनाव हो रहे हैं.

जोगी परिवार से जाति का विवाद बहुत पुराना रहा है. ‘जाति का जिन्न’ अब जोगी परिवार की बहू ऋचा जोगी का भी पीछा नहीं छोड़ रहा है. जिला जाति सत्यापन समिति ने ऋचा जोगी के जाति मामले में नोटिस जारी किया है. जिला जाति सत्यापन समिति ने ऋचा जोगी को 8 अक्टूबर को तलब किया है. सत्यापन समिति के समक्ष उपस्थित नहीं होने पर एकपक्षीय कार्रवाई होने की भी सूचना मिल रही है. मुंगेली कलेक्टर ने कहा कि कार्रवाई हो रही है.

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