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ऐसे होगी हेल्थ इंप्रूव

ऐसे होगी हेल्थ इंप्रूव

सारी दुनिया के हेल्थ एक्सपर्ट, रिसर्चर ने समय-समय पर कई स्टडी की हैं, जिनसे सामने आया है कि शरीर की नेचुरल रिद्म को ठीक से समझा जाए तो हेल्थ को आसानी से ठीक रखा जा सकता है। इसके फंक्शन, पैटर्न को ठीक से जानकर ही, हम अपनी मेडिकल प्रॉब्लम्स का सही ट्रीटमेंट करवा सकते हैं। इसमें आपकी मदद कुछ हेल्थ फैक्ट्स कर सकते हैं। नए साल में आप इन्हें फॉलो कीजिए और हेल्दी, फिट रहिए।

रात का खाना जल्दी खाएं

यूएसए की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता डीएना अर्बल कहती हैं, ‘अगर आपको लगता है कि आप वजन घटाने के लिए अपनी डाइट में हर मुमकिन बदलाव कर चुके हैं, लेकिन फिर भी वजन नहीं घट रहा है, तो अपना डिनर जल्दी लें। बहुत मुमकिन है कि आपको इससे मदद मिले।’ कई वैज्ञानिक अध्ययनों में साबित हो चुका है कि देर रात भोजन करने से वजन बढ़ता है।

शाम को करें एक्सरसाइज

अगर आप तेजी से फिट होने की तमन्ना रखते हैं तो शाम के वक्त वर्कआउट करना फायदेमंद साबित होगा। यूएसए, विलियम्सबर्ग की ‘विलियम एंड मैरी कॉलेज’ में एक्सरसाइज फिजियोलॉजिस्ट माइकल डिशींस द्वारा किए गए रिसर्च से पता चला है कि शाम 4 से रात 8 बजे तक शरीर में ज्यादा स्ट्रेंथ, एनर्जी रहती है। इसलिए इस वक्त आप ज्यादा मुश्किल एक्सरसाइज कर सकते हैं। साथ ही इस वक्त में मसल्स वॉर्म रहती हैं, जिससे चोट लगने के चांस कम होते हैं। इसके अलावा शाम को वॉकिंग करना भी फायदेमंद है। इससे खासतौर पर एलर्जी से पीड़ित लोगों को ज्यादा फायदा होता है क्योंकि सुबह कई पेड़ पॉलेन (पराग कणों) का उत्सर्जन करते हैं।

अस्थमा की जांच सुबह कराएं

रात 2 बजे से सुबह 5 के बीच श्वांसनली ज्यादा ब्लॉक और इंफ्लेम्ड रहती है, ज्यादा अस्थमा अटैक इसी वक्त होते हैं। अगर आप अपनी स्थिति की सही-सही जांच करवाना चाहते हैं तो सुबह जितनी जल्दी मुमकिन हो सके, उतनी जल्दी डॉक्टर से चेकअप करवाएं। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर माइकल स्मोलेंस्की का ऐसा मानना है। वे कहते हैं, ‘महिलाओं में पीरियड की शुरुआत से पहले भी अस्थमा बढ़ जाता है, इसलिए उनमें लक्षणों की मॉनिटरिंग के लिए यह समय ज्यादा सही है।’

दोपहर में दांतों का इलाज

दांत निकलवाने हों या कैविटी फिलिंग करवानी हो तो दोपहर का समय चुनना सही रहता है। डॉक्टर्स के मुताबिक डेंटल एनेस्थिसिया का पेनकिलिंग असर सुबह की बजाय दोपहर में ज्यादा समय तक कारगर रहता है। एक अध्ययन में पाया गया कि लीडोकेन दोपहर में इंजेक्ट करने पर अंगों को सुबह की तुलना में पांच गुणा ज्यादा समय तक सुन्न रख सकता है।

ब्लडप्रेशर चेकअप का सही समय

ब्लडप्रेशर दिन भर कम-ज्यादा होता रहता है। रात को यह सबसे कम रहता है, जबकि सुबह सबसे ज्यादा। अगर आप अपने डॉक्टर को बताने के लिए और दवा लिखवाने के लिए बीपी चेक कराते हैं, तो इसे दिन में एक बार नहीं, दो बार चेक कराएं। हर रोज बिल्कुल एक ही वक्त पर चेक करवाएं। रोजाना दो वक्त की रीडिंग से आपके डॉक्टर को दवा, डाइट और एक्सरसाइज तय करने में मदद मिलेगी। इन सभी बातों को अमल में लाकर आप खुद को आसानी से हेल्दी रख सकते हैं, कई बीमारियों से भी बचाव कर सकते हैं।

आप अपनी हेल्थ को तभी ठीक रख सकते हैं, जब अपनी बॉडी की नेचुरल रिद्म को ठीक से समझेंगे, उसके अनुसार लाइफस्टाइल मैनेज करेंगे। इसके लिए आप कल से शुरू हो रहे नए साल के लिए हेल्थ रेजॉल्यूशन भी ले सकते हैं।

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