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कागजों पर सवा दो सौ करोड़ का कोयला कारोबार, दो गिरफ्तार

कागजों पर सवा दो सौ करोड़ का कोयला कारोबार, दो गिरफ्तार

रायपुर. कोयले के ऊपर लिए जाने वाले फर्जी जीएसटी इनपुट टैक्स रैकेट के खिलाफ जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रायगढ़ के कोयला कारोबारी राकेश शर्मा और उसके सलाहकार साथी नरेश इशरानी को गिरफ्तार किया है। राकेश और उसके साथी पर आरोप है कि दोनों ने कई फर्जी कंपनियां बनाकर कोयला कारोबार करते हुए 230 करोड़ रुपए के फर्जी बिल जारी कर 38 करोड़ रुपए की जीसीएसटी चोरी की है। जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने जांच में पाया है कि राकेश शर्मा ने 3 फर्जी फर्मों का निर्माण किया।

इसी तरह से राकेश के साथी ने 15 से अधिक कंपनियों का निर्माण कर टैक्स चोरी की घटना को अंजाम दिया। उल्लेखनीय है कि जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम इस मामले में अब तक 9 करोड़ रुपए की जीएसटी वसूल चुकी है। इसके अलावा, अधिकारियों ने इस रैकेट के माध्यम से पारित किये गए लगभग 16 करोड़ रुपये के फर्जी आईआरटीसी क्रेडिट को रिवर्स कराकर शासन को संभावित कर हानि से बचाया। इस सिलसिले में सारी फर्मों द्वारा पारित किये गए फर्जी आईटीसी क्रेडिट को ब्लॉक करना भी प्रारंभ कर चुके हैं।

शासन को कर हानि होने से बचाएंगे

हमने बीते दो वर्षों में लगभग 250 करोड़ के फर्जी आईटीसी घोटालों को उजागर किया, जिसमें लगभग 100 करोड़ रुपए की कर वसूली भी की जा चुकी है। हमें उम्मीद है कि आगे भी हम ज्यादा से ज्यादा ऐसे घोटालों को उजागर कर शासन को कर हानि होने से बचाएंगे।

– अजय कुमार पाण्डेय, अतिरिक्त महानिदेशक, जीएसटी इंटेलिजेंस रायपुर जोनल इकाई

कई और भी इनपुट्स

हमारे पास फर्जी आईटीसी घोटालों से जुड़े कई और भी इनपुट्स हैं, जिनके तार छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्यों से भी जुड़े हुए हैं, जिस पर आने वाले दिनों में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी |

– नेम सिंह, संयुक्त निदेशक, जीएसटी इंटेलिजेंस रायपुर जोनल इकाई

ऐसे दिए घोटाले को अंजाम

जीएसटी इंटेलिजेंस के अधिकारियों के मुताबिक राकेश और उसके साथी की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पहले 15 फर्मों को खोला गया। इन बोगस फर्मों से करीब 230 करोड़ की राशि के फर्जी बिल जारी कर राकेश की ही तीन फर्मों (मेसर्स श्री मंगलम, मेसर्स श्री साईं मंगलम एवं मेसर्स श्री मंगल) को महज कागजों पर कोयला बेचा जाना दिखाया गया। उक्त फर्जी बिलों के आधार पर राकेश की कथित फर्मों द्वारा गलत तरीके से लगभग 38 करोड़ रुपए इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया गया एवं उसको आगे पारित भी किया गया। इस प्रकार बनाई गई फर्जी फर्मों की श्रृंखला के माध्यम से इस घोटाले को अंजाम दिया गया।

250 करोड़ रुपए से ज्यादा फर्जी आईटीसी का भंडाफोड़

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार, राजस्व विभाग, सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस द्वारा देशभर में चल रहे फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के रैकेट पर नकेल कसने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जीएसटी इंटेलिजेंस की जोनल इकाई छत्तीसगढ़ में वर्ष 2017 से अब तक ढाई सौ करोड़ रुपए के फर्जी आईटीसी रैकेट का भंडाफोड़ कर चुकी है। साथ ही पांच लोगों को गिरफ्तार कर उनसे सौ करोड़ रुपए कर वसूली की गई है।

कोयले के ऊपर लिए जाने वाले फर्जी जीएसटी इनपुट टैक्स रैकेट के खिलाफ जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रायगढ़ के कोयला कारोबारी राकेश शर्मा और उसके सलाहकार साथी नरेश इशरानी को गिरफ्तार किया है। राकेश और उसके साथी पर आरोप है कि दोनों ने कई फर्जी कंपनियां बनाकर कोयला कारोबार करते हुए 230 करोड़ रुपए के फर्जी बिल जारी कर 38 करोड़ रुपए की जीसीएसटी चोरी की है। जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने जांच में पाया है कि राकेश शर्मा ने 3 फर्जी फर्मों का निर्माण किया।

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