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काले हीरे की नगरी में ‘गब्बर टैक्स’ की वसूली, हर माह 3 करोड़ की रंगदारी

काले हीरे की नगरी में ‘गब्बर टैक्स’ की वसूली, हर माह 3 करोड़ की रंगदारी

प्रतीकात्मक चित्र

कोरबा। पावर हब कोरबा बिजली कारखाने व कोयला खदानों के लिए विश्व में अलग पहचान रखता है। एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान का गौरव भी कोरबा जिले को ही प्राप्त है। काले हीरे की नगरी कोरबा में जिला अब तक किसी तरह का रंगदारी टैक्स नहीं वसूला जाता था लेकिन बीते माह से कोयले में प्रति टन 25 रुपए वसूला जा रहा है। इस टैक्स की राशि भी बकायदे खनिज विभाग के दफ्तर में जमा कराया जाता है। उसके बाद ही SECL से कोयला निकालने की अनुमति दी जाती है। अनुमान लगाया जा रहा कि जिले में लगभग हर माह 3 करोड़ रुपए का गब्बर टैक्स वसूला जा रहा है पर सवाल यही है कि रंगदारी वसूली का पैसा आखिर जाता किसके पास है।

बीते वर्ष तक यहां व्यवसाय करना सामान्य था किंतु अब यहां के कोयले से जुड़े व्यवसायी खासे परेशान नजर आते है कारण है कोयले के पीछे लगने वाला टेक्स यानि गब्बर टेक्स प्रति टन 25 रुपए खनिज विभाग में जमा करने के बाद ही पिट पास जारी किया जाता था। जबकि इसके पहले SECL की पिट पास जारी करता रहा। अब डीओ मिलने के बाद 25 रुपए प्रति टन के हिसाब से पहले खनिज विभाग में रंगदारी की राशि जमा करनी होती है। उसके बाद ही खदान से कोयला निकालने की अनुमति दी जाती है।

रंगदारी वसूली के कारण छोटे व्यपारियों पर सीधा असर पड़ रहा है तो वही बड़े व्यापारियों ने भी रंगदारी टैक्स लगने की वजह से रेट में बढ़ोतरी कर दिया है। कैमरे के सामने न आने की शर्त पर कोयला व्यापारी और सत्ता पक्ष के पार्षद ने इस पूरे मामले की पोल खोली और बताया कि खनिज विभाग के अधिकारी स्वयं इस काले कारनामे के कर्ता-धर्ता है। बिना उनकी इजाज़त के कोयला निकालना नामुमकिन है रुपए देने के बाद ही परमिशन दी जाती है। पार्षद ने बताया कि लगभग हर माह 3 करोड़ रुपए का जिले में गब्बर टैक्स वसूला जा रहा है। सवाल यही उठता है कि आखिर रंगदारी के इस पैसे पर आखिर किसका हक है।

इस मामले में खनिज विभाग के उपसंचालक एसएस नाग का कहना है कि- ‘ऐसी जानकारी नहीं मिली है, आपके माध्यम से जानकारी मिली है जानकारी ली जाएगी। खनिज विभाग पर लगाया जा रहा आरोप अवैध वसूली के मामले में पर अधिकारी ने कहा आरोप बेबुनियाद है, ऐसी कोई बात नहीं है। 

‘गब्बर टैक्स’ जमा कने के बाद ही दी जाती है SECL से कोयला निकालने की अनुमति। पढ़िए पूरी खबर-

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