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कोरोना के साये में सादगी से मनेगा राज्योत्सव, नहीं होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

कोरोना के साये में सादगी से मनेगा राज्योत्सव, नहीं होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

रायपुर. कोरोना संक्रमण को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य का स्थापना दिवस इस बार सादगी से मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ का 20वां स्थापना दिवस मनाने को लेकर संस्कृति विभाग ने अपनी ओर से तैयारी की है, पर कोरोना को देखते हुए कोई बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होगा। राज्योत्सव पर राजधानी सहित जिलों में लोकार्पण कार्यक्रम ऑनलाइन ही कराए जाएंगे। राज्योत्सव को लेकर कैबिनेट कार्यक्रम तय करेगा। 1 नवंबर से होने वाले भव्य कार्यक्रम इस बार कोरोना संक्रमण के कारण देखने को नहीं मिलेंगे। राज्य में कोरोना के जो हालात हैं, उसे देखते हुए यह कहा जा रहा है कि राज्याेत्सव सांकेतिक रूप से मनाया जाएगा।

इस दौरान किसी तरह का बड़ा कार्यक्रम नहीं होगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मंत्री राजधानी और प्रदेश में इस दौरान कई निर्माण कार्याें को लोकार्पण वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से करेंगे। 1 नंवबर को राजधानी रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के माध्यम से राजधानी शहर नगर निगम क्षेत्र में नागरिकों को नए 3 अंग्रेजी मीडियम स्कूल, जवाहर बाजार, सिटी कोतवाली थाने के नए स्वरूप, स्वामी विवेकानंद सरोवर सौंदर्यीकरण योजना के तहत फेज-1 के विकास कार्यों, मोतीबाग का सौंदर्यीकरण, कलेक्ट्रेट में नवीन मल्टीलेवल पार्किंग परिसर, जयस्तंभ चौक सौंदर्यीकरण जैसे कार्यक्रमों का लोकार्पण वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कराया जाएगा। राज्योत्सव कार्यक्रम के दौरान दिल्ली से पार्टी के बड़े नेताओं को बुलाया जाता था, इस बार किसी भी नेता के आने की संभावना कम है। बड़े नेताओं को रात्याेत्सव के शुभारंभ पर ऑनलाइन जोड़कर कार्यक्रम में शामिल किया जा सकता है। हालात को देखते हुए राजधानी और जिलों में सादगी से कार्यक्रम होंगे। राज्य कैबिनेट की बैठक में राज्योत्सव का स्वरूप तय किया जाएगा।

पुरस्कार वितरण भी ऑनलाइन

राज्योत्सव के दौरान राज्य अलंकरण सम्मान देने की परंपरा रही है। राज्य सरकार द्वारा सभी राज्य अलंकरण सम्मान के लिए प्रविष्टियां मंगाने का काम लगभग पूरा हो गया है। राज्य अलंकरण जिन लोगों को दिया जाना है, उसका निर्णय समिति तय करती है। राज्य अलंकरण पाने वालों को एक कार्यक्रम में सम्मानित किया जाता है। कोरोना संक्रमण के दौरान इस बार समारोह का आयोजन नहीं कराए जाने के चलते सभी सम्मान ऑनलाइन ही दिए जाएंगे।

कम हो सकती है राज्योत्सव की अवधि

छत्तीसगढ़ राज्य का गठन होने के बाद से स्थापना दिवस को पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाया जाता रहा है। हर साल जिलों और राजधानी में अलग-अलग कार्यक्रम कराने की परंपरा रही है। भाजपा सरकार के समय राज्योत्सव एक सप्ताह का होता था। कांग्रेस सरकार ने पिछले वर्ष पांच दिनों तक राज्योत्सव आयोजित किया था। राज्योत्सव के दौरान इस बार आदिवासी महाेत्सव कराने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की थी। कोरोनाकाल के चलते राज्योत्सव का कार्यक्रम अवधि और कम की जा सकती है।

नहीं होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम : राज्योत्सव के दौरान प्रतिवर्ष पांच से सात दिन तक सांस्कृतिक कार्यक्रम राजधानी और जिलों में कराए जाते रहे हैं। इस दौरान राज्य के लोक कलाकारों और बाहर से बुलाए गए कलाकारों का कार्यक्रम मेला स्थल पर कराने की परंपरा रही है। यहां पर विभागों की उपलब्धि दिखाने के लिए बड़े स्टाल भी लगाए जाते हैं।

परिस्थितियों के अनुरूप होगा राज्योत्सव

संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि राज्योत्सव का आयोजन इस बार सादगी से किया जाएगा। विभाग के अधिकारियों को तैयारी करने कहा गया है। कोरोना के परिस्थितियों को देखते हुए कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई जाएगी।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य का स्थापना दिवस इस बार सादगी से मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ का 20वां स्थापना दिवस मनाने को लेकर संस्कृति विभाग ने अपनी ओर से तैयारी की है, पर कोरोना को देखते हुए कोई बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होगा। राज्योत्सव पर राजधानी सहित जिलों में लोकार्पण कार्यक्रम ऑनलाइन ही कराए जाएंगे। राज्योत्सव को लेकर कैबिनेट कार्यक्रम तय करेगा। 1 नवंबर से होने वाले भव्य कार्यक्रम इस बार कोरोना संक्रमण के कारण देखने को नहीं मिलेंगे। राज्य में कोरोना के जो हालात हैं, उसे देखते हुए यह कहा जा रहा है कि राज्याेत्सव सांकेतिक रूप से मनाया जाएगा।

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