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कोरोना से 8 दिनों में 46 मौत मचा हडकम्प

कोरोना से 8 दिनों में 46 मौत मचा हडकम्प

 कोरोना वायरस से मौत (प्रतीकात्मक फोटो)

 कोरोना वायरस से मौत (प्रतीकात्मक फोटो)

हरियाणा के रोहतक में कोरोना से पिछले 8 दिनों में 46 मौत पीजीआईएमएस में होने से हड़कम्प की स्थिति है। 14 मरीज रोहतक से सम्बंधित हैं। बृहस्पतिवार को रोहतक के 3 मरीजों ने दम तोड़ा। जबकि 79 नए मामले सामने आए। इसीके साथ मृतकों की संख्या 100 पहुंच गई है। अब तक कुल संक्रमित 9673 हैं। इनमें से 89.60 फीसद मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 902 सक्रिय केस हैं। जबकि 8671 मरीज स्वस्थ हुए हैं। रोजाना बिगड़ते हालात से स्वास्थ्य विभाग काफी चिंतित है।

रिकार्ड के मुताबिक 17 से 19 नवंबर तक 9 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। आने वाले दिनों में मौत के आंकड़े ज्यादा बढ़ सकते हैं। जवान लोगों की भी काेरोना से मौत हुई है। कोविड पॉजिटिविटी रेट 5.37 फीसद हो चुका है। सिविल सर्जन डा. अनिल बिरला का कहना है कि लोगों को महामारी के प्रति जागरूकता होनी चाहिए। कोरोना के मामलों को नियंत्रित रखने के लिए लोगों के सहयोग की बहुत जरूरत है। लोगों को हर हालात में मास्क लगाना होगा। सोशल डिस्टेंस के अलावा सेनिटाइजर प्रयोग करने होंगे। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने वाले लोगों के भी टेस्ट किए जा रहे हैं। इसके अलावा जिस कालोनी में संक्रमित मिलते हैं वहां सेनिटाइज स्प्रे करवाया जाता है।

जिला के स्कूूलों में 9 बच्चे कोरोना संंक्रमित मिलने से हड़कम्प मच गया। इसके अलावा कई शिक्षक भी संक्रमित पाए गए हैं। जिन्हें आइसोलेशन में रखा गया है। कलानौर में सरकारी स्कूल में 5 बच्चे, चिड़ी में दो बच्चे, ईस्माइला में 2 बच्चे और कई शिक्षक संक्रमित पाए गए हैं। शिक्षा विभाग से सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इन स्कूलाें का निरीक्षण किया है। ज्यादा से ज्यादा सैंपलिंग के आदेश दिए गए हैं।

प्रदेश में स्कूलों व महाविद्यालयों कक्षाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि कक्षाएं लगाने के लिए शिक्षा विभाग तथा उच्चतर शिक्षा निदेशालय ने कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके सैंपलिंग में एक के बाद एक स्कूल में बच्चों के कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को मिलने लगी है। जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर आ गया है। वहीं डीसी ने भी स्कूलों में आने वाले प्रत्येक बच्चे का कोरोना टैस्ट करवाने के आदेश दिए हैं। आदेशों की पालना करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार दस्तक देकर छात्रों की कोरोना सैंपलिंग कर रही है।

अधिकारियों ने नियमों को लेकर स्कूलों का किया निरीक्षण

स्कूलों में छात्रों के कोरोना संक्रमित होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बृहस्पितवार को राजकीय स्कूलों का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा लगाए जाने को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों की सख्ती से पालना किए जाने के आदेश दिए। उन्होंने स्वयं स्कूलों में आने वाले छात्रों को सोशल डिस्टेंसिंग का जायजा लिया। इसके बाद हैंड सेनेटाइजेशन करवाने के बाद ही उन्हें कक्षाओं में जाने दिया गया।

डीसी ने चिकित्सा अधिकारियों के साथ किया मंथन

स्कूलों में कोरोना संक्रमण के मामलों को लेकर डीसी द्वारा स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मंथन किया गया। सैंपलिंग कार्यो की जानकारी ली गई और यह भी पूछा गया कि प्रतिदिन कितनी संख्या में सैंपलिंग हो रही है। सिविल सर्जन डाॅ. अनिल बिरला के अनुसार सैंपलिंग के लिए टीमें गठित हैं और प्रतिदिन अलग-अलग जगहों पर सैंपलिंग की जा रही है। इसके अलावा अब स्कूलों में छात्रों की कोरोना संक्रमण जांच को लेकर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें स्कूलों में पहुंच रही हैं और बच्चों के कोरोना संक्रमण की जांच कर रही है। बृहस्पितवार को भी राजकीय सीनियर सैकेंडरी स्कूल में 100 से अधिक बच्चों के सैंपल लेकर जांच के लिए लैबोरेटरी भेजे गए हैं।

कोरोना के मामलों में वृद्धि हमारी ही लापरवाही का नतीजा है। लोगों ने कोरोना संक्रमण को हलके में लिया और फिजिकल डिस्टेंसिंग व मास्क को तो बिल्कुल ही भुला दिया गया। त्योहारी सीजन के दौरान तो बाजारों व भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोग बिना मास्क के घूमते रहे। फिजिकल डिस्टेंसिग का किसी ने कोई पालन नहीं किया। लोगों को लगा कि कोरोना खत्म हो गया है। यही भूल जिले में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोततरी की वजह बन रही है।

कोरोना से पिछले 8 दिनों में 46 मौत पीजीआईएमएस में होने से हड़कम्प की स्थिति है। 14 मरीज रोहतक से सम्बंधित हैं। बृहस्पतिवार को रोहतक के 3 मरीजों ने दम तोड़ा। जबकि 79 नए मामले सामने आए।

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