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गांजा हब बना छत्तीसगढ़, ओडिशा से रायपुर के रास्ते काॅरिडोर, सप्लाई नागपुर से लेकर मुंबई तक

रायपुर. नशे के मामले में छत्तीसगढ़ प्रदेश अब गांजा हब बन चुका है। मेट्रो सिटी में जहां ड्रग्स लेने लोगों में होड़ है, वहीं प्रदेश के हालात देखते हुए यहां पर गांजा सेवन करने वाले दिनो-दिन बढ़ रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान जिले की सीमा पर तगड़ी पहरेदारी में भी इस तरह का खुलासा हुआ है, जहां ओडिशा और मलकानगिरी के रास्ते से बड़ी मात्रा में गांजा पार्सल जब्त किए गए हैं। पिछले महीने ही रायपुर-महासमुंद की सीमा पर गांजा तस्करी का बड़ा नेटवर्क खुला है। पुलिस ने एक ट्रक में सात बोरियों में भरे 105 पैकेट गांजा बरामद किए।

पशु आहार से भरे ट्रक में गांजा छिपाकर रायपुर के रास्ते उसे ठिकाने लगाने वालों का पर्दाफाश हुआ। यहां ओडिशा के तस्कर के साथ उज्जैन और मध्यप्रदेश में सक्रिय एजेंटों के बारे में पता चला। जिस तरह से हर दिन गांजा पार्सल प्रदेश के शहरों में भेजे जा रहे हैं। यहां से एजेंट मेट्रो सिटी मुंबई जैसे शहर में भी पार्सल की डिलीवरी कर रहे हैं। पुलिस की जांच में यह भी सामने आ चुका है, जब कंटेनर और ट्रकों में गांजा पार्सल भरकर उसे हरियाणा और महाराष्ट्र के लिए रवाना किया गया था। छत्तीसगढ़-ओडिशा बार्डर के रास्ते से गांजा तस्करों ने बड़ा कॉरिडोर बना रखा है। रायपुर के रास्ते नागपुर और कोलकाता जाने मार्ग खुला हुआ है। सड़क मार्ग से तस्कर गांजा खपाने चारपहिया, मालवाहकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

लॉकडाउन के पहले 1.85 करोड़ का गांजा

महासमुंद-रायपुर के रास्ते पुलिस ने गांजा तस्करी के बड़े मामले का खुलासा किया था। 11 सितंबर 2020 को हुई अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई बताई गई। सड़क मार्ग में पुलिस को एक करोड़ 82 लाख 60 हजार रुपए कीमत का 9 क्विंटल 13 किलोग्राम गांजा बरामद करने सफलता मिली। नशे की इस बड़ी तस्करी में बिहार गैंग का नेटवर्क फूटा।

सूचनातंत्र मजबूत, कड़ी निगरानी

ओडिशा और मलकानगिरी के रास्ते से गांजा तस्कर बड़े स्टाक को ठिकाने तक पहुंचाने की कोशिश में रहते हैं। इन रास्तों पर सूचनातंत्र मजबूत रखते हुए पुलिस हर बार कार्रवाई कर रही है। रायपुर-महासमुंद बार्डर पर निगरानी रखते हुए कई बड़े मामले पकड़े जा चुके हैं।

– प्रफुल्ल ठाकुर, पुलिस अधीक्षक, महासमुंद

ओडिशा-मलकानगिरी की तरफ से खुले रास्ते

ओडिशा और राज्य सीमा की तरफ सरायपाली और इधर कोमाखान बेल्ट पूरी तरह से खुला हुआ है। ज्यादातर गांजा तस्करी के केस इन मार्गों में पकड़े गए हैं। मलकानगिरी से निकलने वाले नशीले पदार्थ सुकमा, बस्तर निकलने वाले अंदरूनी रास्तों के जरिए शहर की ओर भेजे जा रहे हैं। अलग-अलग शहरों में मालवाहकों की अदला-बदली कर पार्सल रवाना करने सिस्टम काम कर रहा है।

बिहार से लेकर मुंबई के नेटवर्क में पार्सल ठेका

रायपुर-महासमुंद पुलिस की जांच में अब तक ओडिशा, नागपुर-महाराष्ट्र के बाद बिहार गिरोह के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। हरियाणा की ओर से एजेंट बनाकर पार्सल खपाने कमीशन देने का खुलासा पुलिस पहले कर चुकी है। गांजा की गीली और सूखी डालियों-पत्तियों के लिए अलग-अलग दाम तय किए जाते हैं।

एजेंट के मार्फत प्रदेश में बड़ा नेटवर्क सक्रिय, ट्रांसपोर्ट में बड़ा कमीशन

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