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गुजरात : कर्फ्यू रात 12 बजे से सुबह 9 बजे तक करो, जानें सीएम को किसने की पेशकश

गुजरात : कर्फ्यू रात 12 बजे से सुबह 9 बजे तक करो, जानें सीएम को किसने की पेशकश

कर्फ्यू की समयावधि से होटल कारोबार को बड़ा नुकसान होगा

गुजरात सरकार ने राज्य में कोरोना संक्रमण बढऩे के कारण अहमदाबाद, वडोदरा और सूरत सहित शहरों में रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। इस कदम से होटल बेन्कवेट और रेस्तरां व्यवसाय से जुड़े लोगों में नाराजगी फैल गई है। क्योंकि अब शादी का सीजन है और सारी तैयारियां हो चुकी हैं। एसोसिएशन का मानना है कि कर्फ्यू की समयावधि से कारोबार को बड़ा नुकसान होगा। एसोसिएशन ने इस संबंध में गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी को एक पत्र लिखा और अनुरोध किया कि ऑफ-सीजन के दौरान होटल बेन्कवेट और रेस्तरां के लिए कर्फ्यू में रियायतें दी जाएं।

दक्षिण गुजरात होटल और रेस्तरां एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण शेट्टी और दक्षिण गुजरात होटल एंड रेस्तरां एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सनत रेलिया ने कहा, हम कोरोना में संक्रमण के कारण मौजूदा स्थिति में सरकार द्वारा उठाए जा रहे विभिन्न कदमों का पूरा समर्थन करते हैं। लेकिन हमारा विनम्र अनुरोध है कि हम जो कुछ उचित कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, उन्हें कम किया जाए।

1. वर्तमान में कर्फ्यू का समय रात के 9 बजे से शुरू होता है। जबकि होटल बेन्कवेट या अन्य रेस्तरां वास्तव में रात में शुरू होते हैं। इस संबंध में हमें कर्फ्यू का खामियाजा भुगतना होगा। इसलिए इस समय सीमा को रात 12 बजे से सुबह 9 बजे करने से हमें राहत मिलेगी और सरकार के कर्फ्यू का उद्देश्य भी बना रहेगा।

2. यदि सुबह 6 बजे के बजाय कर्फ्यू को 9 बजे तक बढ़ा दिया जाता है, तो कोई अन्य बुनियादी आवश्यकताएं प्रभावित नहीं होती हैं। क्योंकि ये सभी चीजें जैसे दूध, सब्जियां छूट दी जाती हैं। इसलिए हमारा मानना है कि कर्फ्यू को बढ़ाने में कोई कठिनाई नहीं होगी।

3. सूरत महानगर पालिका का दबाव विभाग रात में काम नहीं कर रहा है। क्योंकि शाम को 6 बजे के बाद निगम का समय खत्म हो जाता है। पुलिस विभाग फिर लॉरी चालकों और खाद्य ट्रक चलाने वालों के खिलाफ कार्यवाही करता है। हमारा मानना है कि ये सभी सड़क / फुटपाथ पर अवैध रूप से कारोबार कर रहे हैं। अधिकांश कोरोना प्रकोप चाय लॉरी, सिगरेट, मावा, तम्बाकू गुटखा, थूकने और खाद्य ट्रकों पर भीड़ के कारण होते हैं। उनके पास हाथ धोने के लिए पानी की व्यवस्था नही होती है। उनके पास सामाजिक दूरी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इन सभी जगहों पर रात में भीड़ होती है। इसने होटल उद्योग को अव्यवस्था की स्थिति में ला दिया है और इसे महंगा कर दिया है।

होटल उद्योग कई अलग-अलग प्रकार के कर-भुगतान कर देश के विकास में योगदान देता है। इसलिए होटल उद्योग का मानना है कि कर्फ्यू का समय रात में 12 बजे से सुबह 9 बजे तक होना चाहिए और साथ ही शहर के हर क्षेत्र में लॉरियों और खाद्य ट्रकों को अनिश्चित काल के लिए यानी कोरोना काल तक जब्त कर कोरोना को कंट्रोल किया जाना चाहिए।

होटल उद्योग सरकार का एक प्रमुख करदाता और रोजगार देने वाला उद्योग है। कोरोना के कारण यह सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। यह जगहजाहिर है। इसलिए यह केवल सद्भावना देने की बात नहीं है, बल्कि इसे विकल्प के बारे में सोचना चाहिए और उद्योग को विकट परिस्थिति से बाहर निकालने के लिए कई तरह की राहतें देनी चाहिए।

कर्फ्यू की समयावधि से होटल कारोबार को बड़ा नुकसान होगा गुजरात सरकार ने राज्य में कोरोना संक्रमण बढऩे के कारण अहमदाबाद, वडोदरा और सूरत सहित शहरों में रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। इस कदम से होटल बेन्कवेट और रेस्तरां व्यवसाय से जुड़े लोगों में नाराजगी फैल गई है।

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