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गुजरात : कृषि विधेयक के विरोध में 28 सितंबर को कांग्रेस की गांधीनगर कूच

  • कांग्रेस ने कहा सरकार का कृषि बिल किसान विरोधी
  • राज्यपाल को देंगे ज्ञापन

केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ कांग्रेस हरकत में आ गई है। कांग्रेस का कहना है कि केंद्र सरकार के इस फैसले के कारण किसानों को नुकसान होगा। एयरपोर्ट और पोर्ट की तरह ही खेती भी उद्योगपतियों के हाथ में आ जाएगी।

केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ गुजरात कांग्रेस 28 सितंबर को गांधीनगर में पदयात्रा करेगी। राजभवन से पदयात्रा कर राज्यपाल को आवेदन पत्र दिया जाएगा इसके साथ ही केंद्र सरकार के कानून के खिलाफ कांग्रेस द्वारा राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

गुरुवार की दोपहर पालडी के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर पत्रकारों को संबोधित करते प्रभारी राजीव सातीव और हुए प्रदेश प्रमुख अमित चावड़ा ने बताया कि सत्ता के अहंकार में केंद्र सरकार गरीबों की रोजी रोटी ले रही है।

केंद्र सरकार के फैसले के कारण खेती मुट्ठी भर लोगों के हाथ में आ जाएगी। राज्यसभा में मतदान कराने से केंद्र सरकार भाग रही है। विधेयक में सरकार कुछ और बताती है जबकि सच में कुछ और है। क़ानून में एमएसपी का उल्लेख नहीं है सरकार किसानों को भ्रमित कर रही है। केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए नए क़ानून को को उन्होंने काला कानून बताया। उन्होंने कहा कि इससे खेती और किसान बर्बाद हो जाएंगे।हम किसानों के हित में जुटे रहेंगे।

आगामी दिनों में कांग्रेस किसानों के लिए कार्यक्रम करेगी। इस बिल से सामान्य ग्राहक और किसानों के लिए मुसीबत खडी होगी। कोन्ट्राक्ट पद्धति से खेती करने के कारण किसान खेत मजदूर बन जाएंगे। बिल के कारण किसानों के लिए आधारभूत भाव तय करने की पद्धति आगामी दिनों में बंद हो जाएगी।संसद में सरकार ने हमारी नहीं सुनी लेकिन अब कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी।

कांग्रेस ने कहा सरकार का कृषि बिल किसान विरोधी राज्यपाल को देंगे ज्ञापन केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ कांग्रेस हरकत में आ गई है। कांग्रेस का कहना है कि केंद्र सरकार के इस फैसले के कारण किसानों को नुकसान होगा। एयरपोर्ट और पोर्ट की तरह ही खेती भी उद्योगपतियों के हाथ में आ

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