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गुजरात : सिनेमाघर बंद हुए 6 महीने हो गये, इतना नुकसान सह चुके कारोबारी

फिल्में देखने के शौकीनों को आज कल सिनेमा हॉल में जाकर फिल्म देखने का मौका नहीं मिल रहा है। कोरोना के कारण लोगों को ऐसे स्थलों पर जाने से मना किया जा रहा है।

कोरोना काल में एक भी ऐसा व्यवसाय नहीं है, जिस पर उसका उसका नहीं पड़ा किंतु कुछ व्यवसाय ऐसे हैं जो एकदम बंद हो गये हैं, जिसमें ट्रावेल इण्डस्ट्री और थियेटर का समावेश होता है। पिछले 6 महीने से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद भी देश में फ्लाइट्स शुरु नहीं हुई। अनलॉक-4 लागु होने के बाद भी अभी तक सरकार ने थियेटर को ओपन करने की परमिशन नहीं दी है।

16 मार्च से सरकार ने थियेटर्स-मल्टीप्लेक्स को बंद करने का आदेश दिया था। इस बात को 6 महीने बीत जाने के बावजूद भी अभी तक उसे ओपन करने की स्वीकृति नहीं दी गई है, किंतु माना जा रहा है कि अनलॉक-5 में सरकार थियेटर-मल्टीप्लेक्स को खोलने की स्वीकृति देगी।

यदि सरकार थियेटर ओपन करने के लिए राजी होती है तो भी वर्तमान में पुरानी फिल्में ही थियेटर में दिखाए जाने की जानकारी है।दिवाली तक कोई नई फिल्म रिलीज नहीं होनी है। इसके लिए थियेटर मालिकों को पुरानी फिल्में दिखाकर अपना व्यवसाय शुरु करना होगा।

मिले आंकड़े के अनुसार, थियेटर-मल्टीप्लेक्स के मालिकों को 6 महीने में 600 करोड़ का नुकसान सहन करना पड़ा है। गुजरात में 250 से अधिक मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन थियेटर्स हैं। इसमें सबसे अधिक नुकसान अहमदाबाद के मल्टीप्लेक्स-थियेटरों का है, जिसका आंकड़ा 250 करोड़ के आसपास है।

हर महीने 25 लाख की आय वाले थियेटर मालिकों को पिछले 6 महीने से कुछ आय नहीं हुई किंतु इसके सामने मेन्टीनेंस और अन्य खर्चे समेत 6 महीने में लगभग एक मल्टीप्लेक्स को 10 लाख रुपए का खर्च हुआ है।

यदि सरकार अब स्वीकृति देगी तो सरकार की सभी गाइडलाइन के अनुसार थियेटरों को ओपन किया जाएगा। थियेटर चालू होने के बाद भी नई फिल्में नहीं होने के कारण दर्शक पुरानी फिल्में देखने के लिए कम संख्या में ही आएंगे और इस कारण शो हाउसफुल होने के चांस बहुत कम दिख रहा है।

इसके अलावा हरेक शो के बाद हॉल को सेनेटाइज करना और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखना होगा, जिसका खर्च भी बढ़ेगा।

एक थियेटर के मालिक ने कहा कि एक थियेटर या मल्टीप्लेक्स में लगभग 30-120 लोग काम करते हैं, जिसमें से 40 प्रतिशत जितने स्टाफ ने नौकरी छोड़ दी है। फिलहाल थियेटर्स बंद होने के कारण किसी स्टाफ को भी नौकरी पर नहीं बुलाया जाता।

थियेटर मालिकों ने सरकार के पास से प्रोपर्टी टैक्स और लाइटबिल के सरचार्ज की मांग की है और थियेटर खोलने के 2-4 दिनों के पहले इसकी जानकारी देने की बात की है। इससे साफ-सफाई में सरलता रहेगी। नई फिल्मों में सूर्यवंशी, 83 और आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा पर आधार रखी जा रही है।

फिल्में देखने के शौकीनों को आज कल सिनेमा हॉल में जाकर फिल्म देखने का मौका नहीं मिल रहा है। कोरोना के कारण लोगों को ऐसे स्थलों पर जाने से मना किया जा रहा है। कोरोना काल में एक भी ऐसा व्यवसाय नहीं है, जिस पर उसका उसका नहीं पड़ा किंतु कुछ व्यवसाय ऐसे हैं जो

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