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गुजरात हाइकोर्ट के सभी फैसलों के गुजराती अनुवाद ऑनलाइन रखे जायेंगे

गुजरात हाइकोर्ट के सभी फैसलों के गुजराती अनुवाद ऑनलाइन रखे जायेंगे

कोर्ट का फैसला अब गुजराती भाषा में भी मिलेगा। इस प्रकार न्याय के इच्छुक इस कदम से बहुत ही लाभान्वित होंगे।

गांधी जयंती के अवसर पर गुजरात हाईकोर्ट द्वारा प्रशासन का सरलीकरण हो रहा है। हाईकोर्ट के सभी फैसले गुजराती भाषा में ऑनलाइन अपलोड करने का स्वागत योग्य निर्णय लिया गया है। कोर्ट द्वारा घोषित की गई फैसले की अंग्रेजी आवृत्ति को ही अधिकृत माना जाएगा। गुजरात हाईकोर्ट के इस निर्णय का वकील आलम की तरफ से भी स्वागत किया गया है।

राज्य की छोटी-बड़ी सभी सरकारी कचहरियों में हो रही कार्यवाही में गुजराती भाषा को प्रधानता दी जा रही है। गुजरात सरकार और सचिवालय भी इससे अछूते नहीं हैं। गुजरात के महानगरों मेेेें महापालिका हो या पंचायतों समेत अन्य सभी सरकारी कचहरियों में होनेवाला प्रशासन गुजराती भाषा में ही चल रहा है। वर्ष 1960 में गुजरात की स्थापना के बाद सर्वप्रथम बार न्यायतंत्र में आवश्यक और स्वागतयोग्य बदलाव आया है। सामान्य व्यक्ति कोर्ट के इस फैसले को सादे और सरल भाषा में समझ सके इसके लिए गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टीस विक्रम नाथ ने लोकहित अभिगम अपनाया है। इससे अब हाईकोर्ट के फैसलों को भी गुजराती भाषा में ऑनलाइन अपलोड करने का निर्णय जारी किया है। चीफ जस्टीस के इस निर्णय का सूरत जिला न्यायतंत्र में हर्ष के साथ स्वागत किया गया।

गुजरात हाईकोर्ट द्वारा सार्वजनिक होनेवाले फैसले सामान्य लोगों के लाभ हेतु हाईकोर्ट की वेबसाइट पर गुजराती भाषा में अपलोड की जाएगी। राष्ट्रपति महात्मा गांधी की जन्मजयंति के अवसर पर आज से ही ऑर्डर अपलोड करना भी शुरु कर दी गई है। गुजराती भाषा में अपलोड होनेवाले ऑर्डर या फैसलों का स्थानीय भाषांतर सिर्फ पक्षकारों की सामान्य समझ या जानकारी के लिए ही होगा। इसके लिए गुजरात हाईकोर्ट की वेबसाइट पर एक अलग पेज बनाया गया है।

किसी भी प्रकार की आधिकारिक हेतु के लिए अदालत द्वारा जारी किए गए मूल अंग्रेजी आवृत्ति के ऑर्डर ही मान्य माने जाएंगे। गुजरात के चीफ जस्टीस द्वारा घोषित की गई इस निर्णय को सूरत जिला वकील मंडल के प्रमुख एडवोकेट ब्रिजेश पटेल ने स्वागत करते हुए कहा कि पक्षकार सीधे और सरल भाषा में फैसले को विस्तार से समझ सकेंगे। गुजराती भाषा में हाईकोर्ट के आदेश मिलने से उनके आधे से अधिक सवालों का जवाब उन्हें खुद ही मिल जाएगा।

हाईकोर्ट द्वारा ऑनलाइन अपलोड होनेवाले आदेश में क्या दर्ज किया गया है। इसे लेकर पक्षकारों में उत्पन्न होनेवाली विसंगतताएं भी खुद ही दूर होंगी। इसकी वजह है कि क ई बार अंग्रेजी में फैसला होने के कारण शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों को वकीलों का सहारा लेना पड़ा था, जबकि गुजराती में फैसला आने से उन्हें फैसले की समझ बड़ी आसानी से मिलेगी।

कोर्ट का फैसला अब गुजराती भाषा में भी मिलेगा। इस प्रकार न्याय के इच्छुक इस कदम से बहुत ही लाभान्वित होंगे। गांधी जयंती के अवसर पर गुजरात हाईकोर्ट द्वारा प्रशासन का सरलीकरण हो रहा है। हाईकोर्ट के सभी फैसले गुजराती भाषा में ऑनलाइन अपलोड करने का स्वागत योग्य निर्णय लिया गया है। कोर्ट द्वारा घोषित

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