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गूगल स्प्रेडशीट बताएगा महिला संबंधी अपराधों का ब्योरा

रायपुर. प्रदेश में महिला संबंधी अपराधों में जांच के दौरान लापरवाही की चौकसी के लिए पुलिस मुख्यालय में अब नया सिस्टम काम करेगा। हाईटेक तरीके से गूगल स्प्रेडशीट के जरिए अफसरों की लापरवाही नापी जाएगी। डीजीपी गूगल स्प्रेडशीट के जरिए खुद मामलों की समीक्षा करेंगे। जहां भी अफसरों की चूक पकड़ी गई, वहां तुरंत कार्रवाई होगी। शुक्रवार को डीजीपी डीएम अवस्थी ने नई व्यवस्था बनाने के साथ हाईटेक तरीके से अपराधों का ब्योरा अपलोड करने निर्देश दिए हैं। डीजीपी अवस्थी ने बताया कि महिला विरुद्ध अपराधों की निगरानी एवं समीक्षा गूगल स्प्रेडशीट के माध्यम से की जायेगी। इसके लिए प्रत्येक जिले को गूगल स्प्रेडशीट की एक लिंक भेजी जायेगी। लिंक को खोलते ही निर्धारित फार्मेट में प्रतिदिन की महिला विरुद्ध अपराध एवं कार्यवाही की जानकारी भरनी होगी। मॉनिटरिंग के लिए पुलिस मुख्यालय में विशेष महिला सेल का गठन किया गया है। महिला विरुद्ध अपराधों की मॉनिटरिंग के लिए भावना गुप्ता, एआईजी स्टेट नोडल अधिकारी होंगी। डीजीपी अवस्थी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी आईजी और एसपी को यह निर्देश जारी किया है।

उद्देश्य पीड़ित महिला को त्वरित न्याय मिले

डीजीपी अवस्थी ने बताया, गूगल स्प्रेडशीट के माध्यम से महिला विरुद्ध अपराधों पर निगरानी रखने का मूल उद्देश्य पीड़िताओं को त्वरित न्याय दिलाना है। इसके साथ ही ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम होने से पेपरलेस रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। ऐसे पुलिस अधिकारी महिला विरुद्ध अपराधों पर तेजी से काम करके अपराधियों को सजा दिलायेंगे, उन्हें पुरस्कृत भी किया जायेगा। ऐसे पुलिस अधिकारियों को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

रायपुर में आरोपपत्र दस से पंद्रह दिनों में ही

महिला संबंधी अपराधों और पास्को एक्ट के तहत दर्ज होने वाले अपराधों पर सख्त कार्रवाई के लिए रायपुर जिले में व्यवस्था बदली गई है। एसएसपी अजय यादव के बताए अनुसार पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सके, इसके लिए अब चार्जशीट निर्धारित अवधि में पेश करने के बजाए दस से पंद्रह दिनों के भीतर प्रस्तुत करने इंतजाम किए हैं। अभी तक 45 फीसदी प्रकरणों में चार्जशीट रेडी है।

एक नवंबर से व्यवस्था सभी जिलों में दुरुस्त

मॉनिटरिंग सिस्टम 1 नवंबर से लागू किया जा रहा है। सभी जिला पुलिस के लिए लिंक भेजे जाने की कवायद तेज होगी। प्राथमिक तौर पर डेमो के जरिए जांच अफसर मामलों का विवरण सिस्टम में अपलोड करेंगे। गूगल स्प्रेडशीट में अपराधों पर कार्यवाही नहीं होने पर तीन तरह के अलर्ट दिखेंगे। अपराध दर्ज करने के दिनांक से 15 दिन में गिरफ्तारी ना होने पर संबंधित जिले के कॉलम में येलो अलर्ट, गिरफ्तारी दिनांक से 15 दिन में चालान पेश नहीं करने पर रेड अलर्ट और गिरफ्तारी दिनांक से 60 दिनों में चालान पेश नहीं करने पर ब्लैक लिस्ट दिखेगा।

 

पुलिस मुख्यालय से होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग, रेड अलर्ट के सिग्नल में थानेदार के साथ नपेंगे जांच अफसर

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