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गोहाना में इंसानियत को शर्मसार : संक्रमित की चिता में ही जला दिया दूसरे कोरोना मृतक का शव

गोहाना में इंसानियत को शर्मसार : संक्रमित की चिता में ही जला दिया दूसरे कोरोना मृतक का शव

फाइल फोटो।

गोहाना। नगरपरिषद के कर्मचारियों (Municipal Council Staff) ने बस स्टैंड (Bus Stand) के निकट स्थित श्मशानघाट (Graveyard) में कोरोना मृतका की चिता में ही दूसरे कोरोना मृतक का शव जला दिया। नगरपरिषद ने जांच प्रारम्भ कर दी। जय देवी वर्मा पत्नी स्व. हर दयाल वर्मा का रविवार को गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कालेज के कोविड अस्पताल में कोरोना संक्रमण के चलते स्वर्गवास हो गया। इसी दिन इस बुजुर्ग महिला का शहर में बस स्टैंड के समीप के श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों की उपस्थिति में यह अंतिम संस्कार प्रशासन की तरफ से नगरपरिषद के कर्मचारियों ने किया।

दाह संस्कार की जगह पर पहुंच परिवार वाले रह गए सन्न

मंगलवार को जय देवी वर्मा के चौथे की रस्म थी। उनके दोनों बेटे शांति स्वरूप वर्मा और हरीश वर्मा अपने चचेरे भाई राज कुमार वर्मा और सुभाष वर्मा सहित प्रमुख परिजनों के साथ फूल चुनने के लिए श्मशानघाट में पहुंचे। वर्मा परिवार जब दाह संस्कार वाले कुंड के निकट पहुंचा, यह देख कर चौंक उठा कि उनकी मां की चिता पर ही एक और शव का अंतिम संस्कार कर रखा था। शांति स्वरूप वर्मा और हरीश वर्मा के अनुसार उन्होंने श्मशानघाट के प्रभारी को कुंड के पास बुलाया। अचारज ने बताया कि सोमवार को सिरसाढ़ गांव के एक ग्रामीण की भी महिला मेडिकल कालेज में कोरोना से मौत हो गई थी।

पास में खाली थे तीन और कुंड

नगरपरिषद के कर्मचारियों ने उसी ग्रामीण के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार स्व. जयदेवी वर्मा की चिता के कुंड में ही कर दिया। गंभीर बिन्दु यह है कि जहां जय देवी वर्मा की चिता पर ही दूसरे कोरोना मृतक के शव को जला दिया गया, उसी कुंड के नजदीक बने तीनों के तीनों कुंड खाली पड़े थे। नगरपरिषद के कर्मचारियों ने उन कुंडों में से किसी कुंड में दूसरे मृतक का संस्कार नहीं किया। उन्होंने सिरसाढ़ गांव के कोरोना मृतक का अंतिम संस्कार जय देवी वर्मा की चिता वाले कुंड में ही कर दिया। मां के फूल कैसे चुनें, इस धर्म संकट में फंसे उनके बेटों ने हल यह निकाला कि ऊपर की चिता के अवशेष एक साइड में कर नीचे से अपनी मां के फूल निकाल लिए। घटना की जानकारी मिलने पर नगरपरिषद के आला अधिकारी भी सन्न रह गए। 

इस घटना ने प्रशासन के स्तर पर होने वाले कोरोना मृतकों के अंतिम संस्कार (Funeral) को कटघरे में खड़ा कर दिया। नगरपरिषद के कर्मचारियों ((Municipal Council Staff) ) ने बस स्टैंड के निकट स्थित श्मशानघाट में कोरोना मृतका की चिता में ही दूसरे कोरोना मृतक का शव जला दिया।

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