News Narmadanchal

छत्तीसगढ़ मे कोरोना का कहर, मरीजों का आंकड़ा 100000 पार

कोरोना वायरसकोरोना वायरस

रायपुर. अगस्त के बाद सितंबर के बीते दिनों में कोरोना ने इतनी रफ्तार पकड़ी कि संक्रमित होने वालों की कुल संख्या एक लाख के पार हो गई। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की जांच मार्च के पहले सप्ताह से प्रारंभ हो गई थी और लक्षण के आधार पर संदिग्ध लोगों के सैंपल लेकर जांच की जा रही थी। इसी दौरान समता कालोनी में रहने वाली एक छात्रा जो विदेश से लौटी थी, उसने लक्षण के आधार पर जांच कराई और 19 मार्च को कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिससे राजधानी में हड़कंप मच गया। इसके बाद विदेश से लौटने वालों की जांच शुरू हुई और एक के बाद एक 31 मार्च तक 9 लोगों में कोविड का वाइरस पाया गया था।

प्रदेश में अप्रैल में कोरोना के विस्तार के लिए जांच की सुविधा बढ़ाने का काम शुरू किया गया। इस दौरान रायपुर जिले के साथ अन्य जिलों में भी संक्रमण ने दस्तक देनी शुरू कर दी थी। स्वास्थ्य विभाग विभिन्न तरह के प्रतिबंध लगाकर चार माह तक तो स्थिति को किसी तरह नियंत्रित करता रहा, मगर कोरोना से बचाव के सारे उपाय को नजरअंदाज करने की वजह से संक्रमण बढ़ता चला गया और जुलाई अंत तक तीन हजार तक पहुंचे कुल संक्रमित 26 सितंबर तक एक लाख के पार हो गए। लाखभर मरीज होने के बीच इस बात की बड़ी राहत है कि संक्रमित हुए लोगों में करीब साठ फीसदी स्वस्थ हो चुके हैं।

विदेशी, मरकज फिर मजदूर

प्रदेश में शुरुआती दिनों में विदेश से लौटने वालों को संक्रमण की वजह माना गया। इसके बाद मरकज में शामिल होकर लौटने वालों को कोरोना की वजह माना जाने लगा, फिर दूसरे राज्यों से लौटने वाले मजदूरों को कोरोना संक्रमण फैलने की मुख्य वजह माना गया। मजदूरों को क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया, जहां से पॉजिटिव केस निकलते चले गए।

अभी भी आसार नहीं

प्रदेश में बड़ी संख्या में कोरोना की जांच हो रही है और उस हिसाब से संक्रमित मरीज सामने आ रहे हैं। सितंबर के दूसरे पखवाड़े से संक्रमितों की संख्या नियंत्रित होने का जो अनुमान लगाया जा रहा था, वह भी गलत साबित हुआ। वर्तमान में बड़ी संख्या मामले सामने आ रहे हैं। उनकी संख्या फिलहाल कम होने के आसार नजर नहीं आ रहे।

ऐसे बढ़े मरीज

19 मार्च 1 संक्रमित

1 अप्रैल 9 संक्रमित

1 मई 43 संक्रमित

1 जून 547 संक्रमित

1 जुलाई 2,940 संक्रमित

1 अगस्त 9,427 संक्रमित

1 सितंबर 33,387 संक्रमित

26 सितंबर 1,02,461 संक्रमित

धीरे-धीरे खत्म हुआ डर

शुरआत में जब कोरोना के संक्रमित मामले सामने आते रहे, तो इसकी दहशत नजर आती थी। जिला प्रशासन प्रभावित इलाकों में कंटेनमेंट जोन बनाकर सख्ती करता था। लोग संक्रमित होने के डर से बाहर नहीं निकलते थे। इसके बाद कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते हुए हजारों तक पहुंच गए और इसका डर भी खत्म होता चला गया।

फायर ब्रिगेड के अधीक्षक ने कोरोना से तोड़ा दम, मिले 3,896 संक्रमित

कोरोना की चपेट में आकर आंबेडकर अस्पताल में इलाज करा रहे फायर ब्रिगेड के अधीक्षक मोइनुद्दीन अशरफी समेत प्रदेश में में 23 लोगों की मौत हो गई। वहीं लॉकडाउन के बाद भी शनिवार को प्रदेश में 3896 नए केस सामने आए। इसे मिलाकर प्रदेश में अब तक कुल संक्रमितों की संख्या 102461 हो गया है। शनिवार को 3187 लोग स्वस्थ भी हुए हैं। कोरोना के बढ़ते मरीजों को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला प्रशासन लगातार लॉकडाउन और कंटेनमेंट जोन के जरिए सख्ती बरतने की कोशिश कर रहा है, मगर उनका सारा प्रयास नाकाम साबित होता जा रहा है। बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए अलग-अलग जिलों में कंटेनमेंट जोन बनाकर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कर वायरस के चेन को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, मगर इसके बाद भी कोरोना संक्रमितों की संख्या काम होने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को प्रदेश में कुल 3896 नए संक्रमितों का पता चला है, जो कि काफी बड़ा आंकड़ा है और आने वाले दिनों में इसमें किसी तरह की कमी आने की संभावना भी काफी कम नजर आ रहा है। प्रदेश में इसके साथ ही कोरोना की वजह से जान गंवाने वालों की संख्या भी कम होने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को कुल 23 लोगों की मौत हुई, जिसे मिलाकर अब तक जान गंवाने वाले मरीजों की संख्या 817 हो गया है।

किस जिले से कितने

शनिवार को रायपुर जिले से 891, दुर्ग जिले से 313, रायगढ़ 281, कोेरबा 247, बिलासपुर 213, बस्तर जिले में 188, जांजगीर-चांपा 183,धमतरी 155, सुकमा 146, सरगुजा 131, कांकेर 127, राजनांदगांव से 111, महासमुंद 108, कोंडागांव 103, दंतेवाड़ा 99, बलौदाबाजार 76, कबीरधाम 65, गरियाबंद 62, बालोद 61, बलरामपुर 47, मुंगेली 42, कोरिया 41, नारायणपुर 40, बीजापुर 37, बेमेतरा-जीपीएम 34, जशपुर 30, सूरजपुर 28, तथा अन्य राज्य से लौटे 3 लोगों को संक्रमित पाया गया है।

इनकी मौत

गुढ़ियारी में 55 साल की महिला, विधानसभा इलाके की 59 साल का अधेड़, भाठागांव में 47 साल का व्यक्ति, रावांभाठा में 30 साल का युवक, पचपेढ़ी नाका की 65 साल की महिला, राजातालाब में 70 साल का वृद्ध, धमतरी का 71 साल का वृद्ध, भिलाई का अधेड़, दुर्ग की महिला, रिसाली भिलाई का वृद्ध, वैशालीनगर का वृद्ध, खुर्सीपार भिलाई का युवक, कुम्हारी में वृद्ध तथा बिलासपुर संभाग में पांच लोगों की कोरोना और गंभीर बीमारी की वजह से मौत हुई है। इसके अलावा पुराने मामलों में रायपुर, गरियाबंद, बस्तर, दुर्ग, राजनांदगांव तथा रायगढ़ के अस्पतालों में हुई मौताें की देर से मिली जानकारी को जोड़ा गया है।

अगस्त के बाद सितंबर के बीते दिनों में कोरोना ने इतनी रफ्तार पकड़ी कि संक्रमित होने वालों की कुल संख्या एक लाख के पार हो गई। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की जांच मार्च के पहले सप्ताह से प्रारंभ हो गई थी और लक्षण के आधार पर संदिग्ध लोगों के सैंपल लेकर जांच की जा रही थी। इसी दौरान समता कालोनी में रहने वाली एक छात्रा जो विदेश से लौटी थी, उसने लक्षण के आधार पर जांच कराई और 19 मार्च को कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिससे राजधानी में हड़कंप मच गया। इसके बाद विदेश से लौटने वालों की जांच शुरू हुई और एक के बाद एक 31 मार्च तक 9 लोगों में कोविड का वाइरस पाया गया था।

Related Articles