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जिलवानी में कचरा प्रबंधन के तहत कई काम शुरु होंगेजिलवानी में कचरा प्रबंधन के तहत कई काम शुरु होंगे

– अफसरों की टीम ने किया निरीक्षण

– एफएसटीपी, सीएंडडी पर की चर्चा

– पौधरोपण के साथ चहारदीवारी बनेगी

इटारसी। ग्राम जिलवानी (Jilwani) के निकट नगर पालिका को मिली भूमि पर कचरा प्रबंधन के तहत अनेक काम प्रारंभ होंगे। ग्रामीणों के विरोध के बाद नगर पालिका (Nagarpalika) ने यहां चहारदीवारी, पौधरोपण सहित कई प्रस्तावित योजनाओं पर काम प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। आज अधिकारियों की टीम ने जिलवानी कचरा डंपिंग मैदान (Garbage dumping ground) पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और कई काम प्रारंभ करने की निर्णय लिया है।
जिलवानी में ठोस एवं तरल अपशिष्ठ प्रबंधन के लिए एफएसटीपी तैयार किया गया था। उसमें कुछ मरम्मत की दरकार है, अधिकारियों की टीम ने आज उसे देखा और रिपेयर करके जल्द से जल्द पुन: प्रारंभ करने के निर्देश दिये हैं। स्वच्छता विभाग का तो दावा है कि यह चालू था। लेकिन, सूत्र बताते हैं कि यह पिछले कई महीनों से बंद था। सीएमओ हेमेश्वरी पटले(CMO Hemeshwari Patale), एई मीनाक्षी चौधरी (AE Meenakshi Chaudhary,), सब इंजीनियर आदित्य पांडेय (Sub Engineer Aditya Pandey), सोनिका अग्रवाल (Sonika Agrawal), स्वच्छता निरीक्षक आरके तिवारी (Sanitation Inspector RK Tiwari), स्वच्छता विभाग से कमलकांत (Kamalkant from Sanitation Department) और जगदीश पटेल (Jagdish Patel) ने जिलवानी में निरीक्षण किया।

क्या है एफएसटीपी
फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (Fecal sludge treatment plant) (एफएसटीपी) में शौचालयों से निकलने वाले जलमल को शोधित कर गाद से जैविक खाद बनाया जाएगा। इससे शहर को तो प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी तो स्वच्छ भारत अभियान में नपा को अंक मिलेंगे। फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (Fecal sludge treatment plant) का फायदा यह होगा कि सेप्टिक टैंक की सफाई से निकलने वाले जलमल को शोधन के बाद उपयोगी बनाया जा सकेगा। गाद से जहां जैविक खाद बन जाएगी वहीं पानी को वहीं पेड़ पौधों की सिंचाई के लिए उपयोगी बनाया जाएगा। शौचालयों के अपशिष्ट को पूरी तरह से पैक वाहन से प्लांट तक पहुंचाया जाएगा।

सीएंडडी प्लांट पर चर्चा
सीएंडडी प्लांट (C&D Plant) (कंस्ट्रक्शन एंड डिमॉलिश वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट) के जरिए बिल्डिंग और सड़क के वेस्ट मैटेरियल का प्रोसेस कर ईंट, इंटर लॉकिंग टॉइल्स व अन्य उत्पाद बनाए जाएंगे तथा पुन: इसे उपयोग में लिया जा सकेगा। इस प्रक्रिया से पर्यारण को फायदा होगा तथा बिल्डिंग वेस्ट का पूरी तरह निस्तारण हो सकेगा। इसके लिए पिट का काम जल्द प्रारंभ करने की योजना अधिकारियों ने बनायी है। सीएमओ और नपा के इंजीनियर्स की टीम ने आज जिलवानी में सीएंडडी प्लांट पर भी चर्चा की और इस पर आगामी दिनों में जल्द से जल्द काम प्रारंभ करने का निर्णय लिया है।

एमआरफ के काम में तेजी
मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (Material recovery facility) (एमआरएफ) के काम में भी तेजी लायी जाएगी। दरअसल, अभी नगर पालिका ने कचरा प्रबंधन क्षेत्र जिलवानी में कचरे में से पन्नी, कांच और अन्य चीजों को अलग-अलग करने का काम प्रारंभ नहीं कराया है। अलबत्ता ओझा बस्ती के परिवार खुद वहां जाकर अपनी रोजी के लिए यह काम कर रहे हैं। नगर पालिका की तैयारी तो है, बिजली का कनेक्शन नहीं होने से काम में तेजी नहीं आ पा रही है। बिजली विभाग की मांग के अनुसार ट्रांसफार्मर का पैसा जमा किया है, ट्रांसफार्मर लगने पर फटका, बेलन मशीन से काम प्रारंभ होगा।

इनका कहना है…
स्वच्छता सर्वेक्षण के अंतर्गत आज कुछ स्थानों पर निरीक्षण किया है। जिलवानी में ट्रेंचिंग ग्राउंड में एफएसटीपी और एमआरएफ पाइंट चालू करना है, अटल पार्क में भी जो कचरे से खाद बनाने के स्थान हैं, उनको देखा है। सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया है।
हेमेश्वरी पटले,(Hameshwari Patale, CMO Itarsi Nagarpalika)

– अफसरों की टीम ने किया निरीक्षण

– एफएसटीपी, सीएंडडी पर की चर्चा

– पौधरोपण के साथ चहारदीवारी बनेगी

इटारसी। ग्राम जिलवानी (Jilwani) के निकट नगर पालिका को मिली भूमि पर कचरा प्रबंधन के तहत अनेक काम प्रारंभ होंगे। ग्रामीणों के विरोध के बाद नगर पालिका (Nagarpalika) ने यहां चहारदीवारी, पौधरोपण सहित कई प्रस्तावित योजनाओं पर काम प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। आज अधिकारियों की टीम ने जिलवानी कचरा डंपिंग मैदान (Garbage dumping ground) पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और कई काम प्रारंभ करने की निर्णय लिया है।
जिलवानी में ठोस एवं तरल अपशिष्ठ प्रबंधन के लिए एफएसटीपी तैयार किया गया था। उसमें कुछ मरम्मत की दरकार है, अधिकारियों की टीम ने आज उसे देखा और रिपेयर करके जल्द से जल्द पुन: प्रारंभ करने के निर्देश दिये हैं। स्वच्छता विभाग का तो दावा है कि यह चालू था। लेकिन, सूत्र बताते हैं कि यह पिछले कई महीनों से बंद था। सीएमओ हेमेश्वरी पटले(CMO Hemeshwari Patale), एई मीनाक्षी चौधरी (AE Meenakshi Chaudhary,), सब इंजीनियर आदित्य पांडेय (Sub Engineer Aditya Pandey), सोनिका अग्रवाल (Sonika Agrawal), स्वच्छता निरीक्षक आरके तिवारी (Sanitation Inspector RK Tiwari), स्वच्छता विभाग से कमलकांत (Kamalkant from Sanitation Department) और जगदीश पटेल (Jagdish Patel) ने जिलवानी में निरीक्षण किया।

क्या है एफएसटीपी
फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (Fecal sludge treatment plant) (एफएसटीपी) में शौचालयों से निकलने वाले जलमल को शोधित कर गाद से जैविक खाद बनाया जाएगा। इससे शहर को तो प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी तो स्वच्छ भारत अभियान में नपा को अंक मिलेंगे। फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (Fecal sludge treatment plant) का फायदा यह होगा कि सेप्टिक टैंक की सफाई से निकलने वाले जलमल को शोधन के बाद उपयोगी बनाया जा सकेगा। गाद से जहां जैविक खाद बन जाएगी वहीं पानी को वहीं पेड़ पौधों की सिंचाई के लिए उपयोगी बनाया जाएगा। शौचालयों के अपशिष्ट को पूरी तरह से पैक वाहन से प्लांट तक पहुंचाया जाएगा।

सीएंडडी प्लांट पर चर्चा
सीएंडडी प्लांट (C&D Plant) (कंस्ट्रक्शन एंड डिमॉलिश वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट) के जरिए बिल्डिंग और सड़क के वेस्ट मैटेरियल का प्रोसेस कर ईंट, इंटर लॉकिंग टॉइल्स व अन्य उत्पाद बनाए जाएंगे तथा पुन: इसे उपयोग में लिया जा सकेगा। इस प्रक्रिया से पर्यारण को फायदा होगा तथा बिल्डिंग वेस्ट का पूरी तरह निस्तारण हो सकेगा। इसके लिए पिट का काम जल्द प्रारंभ करने की योजना अधिकारियों ने बनायी है। सीएमओ और नपा के इंजीनियर्स की टीम ने आज जिलवानी में सीएंडडी प्लांट पर भी चर्चा की और इस पर आगामी दिनों में जल्द से जल्द काम प्रारंभ करने का निर्णय लिया है।

एमआरफ के काम में तेजी
मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (Material recovery facility) (एमआरएफ) के काम में भी तेजी लायी जाएगी। दरअसल, अभी नगर पालिका ने कचरा प्रबंधन क्षेत्र जिलवानी में कचरे में से पन्नी, कांच और अन्य चीजों को अलग-अलग करने का काम प्रारंभ नहीं कराया है। अलबत्ता ओझा बस्ती के परिवार खुद वहां जाकर अपनी रोजी के लिए यह काम कर रहे हैं। नगर पालिका की तैयारी तो है, बिजली का कनेक्शन नहीं होने से काम में तेजी नहीं आ पा रही है। बिजली विभाग की मांग के अनुसार ट्रांसफार्मर का पैसा जमा किया है, ट्रांसफार्मर लगने पर फटका, बेलन मशीन से काम प्रारंभ होगा।

इनका कहना है…
स्वच्छता सर्वेक्षण के अंतर्गत आज कुछ स्थानों पर निरीक्षण किया है। जिलवानी में ट्रेंचिंग ग्राउंड में एफएसटीपी और एमआरएफ पाइंट चालू करना है, अटल पार्क में भी जो कचरे से खाद बनाने के स्थान हैं, उनको देखा है। सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया है।
हेमेश्वरी पटले,(Hameshwari Patale, CMO Itarsi Nagarpalika)

– अफसरों की टीम ने किया निरीक्षण – एफएसटीपी, सीएंडडी पर की चर्चा – पौधरोपण के साथ चहारदीवारी बनेगी इटारसी। ग्राम जिलवानी (Jilwani) के निकट नगर पालिका को मिली भूमि पर कचरा प्रबंधन के तहत अनेक काम प्रारंभ होंगे। ग्रामीणों के विरोध के बाद नगर पालिका (Nagarpalika) ने यहां चहारदीवारी, पौधरोपण सहित कई प्रस्तावित योजनाओं

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