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तीन महीने पहले कोरोना का हॉटस्पॉट बने बीरगांव में चमत्कार, 16 दिन में महज 107 मामले

तीन महीने पहले कोरोना का हॉटस्पॉट बने बीरगांव में चमत्कार, 16 दिन में महज 107 मामले

स्वतंत्रता दिवस पर कोरोना रोबोटिक्स मेलास्वतंत्रता दिवस पर कोरोना रोबोटिक्स मेला

रायपुर. एक वक्त में प्रदेश का हॉटस्पॉट बन चुके बीरगांव में चमत्कार की स्थिति निर्मित हो गई है। बीते 16 दिनों के दौरान यहां सिर्फ 107 नए मरीज ही कोरोना के मिले हैं। लगभग तीन से चार माह पूर्व रायपुर जिले से सर्वाधिक संक्रमण के मामले बीरगांव से ही सामने आ रहे थे। अब सबसे कम मामले यहां के हैं, जबकि सबसे अधिक संक्रमण रायपुर शहर में है। जिले के 74.69 फीसदी मामले रायपुर शहर से ही हैं, जबकि ग्राीमण क्षेत्र में संक्रमण की दर सिर्फ 25.31 प्रतिशत ही है।

संक्रमण का हॉटस्पॉट बनने के दौरान बीरगांव का अधिकतर इलाका कंटेनमेंट जोन घोषित किया जा चुका था। सैकड़ों मामले यहां से सामने आ चुके हैं। अब स्थिति इसके उलट है। कुछ क्षेत्र ही ऐसे हैं, जो कंटेनमेंट जोन बने हुए हैं। अधिकतर इलाका अब कोरोना मुक्त है। इसके बाद भी यहां मास्क सहित अन्य कोरोना प्रोटोकाल का पालन किया जा रहा है।

जिले में 7,353 मामले

पिछले दस दिनों के दौरान रायपुर जिले में कुल 7,353 मामले सामने आए हैं। इनमें सर्वाधिक मामले रायपुर शहर से हैं। यहां 5,492 मामले संक्रमण के मिले हैं। सबसे कम बीरगांव में 107 हैं। इनके अलावा धरसीवां में 415, तिल्दा में 402, आरंग में 485 और अभनपुर में 422 नए मरीज बीते 16 दिनों में मिले हैं। 30 मरीज दूसरे राज्य के हैं। ये आंकड़े 21 सितंबर से 6 अक्टूबर तक के हैं। रायपुर सिटी में संक्रमण सर्वाधिक और बीरगांव में सबसे कम है।

फैक्ट्रियों में जाकर जांच

बीरगांव में लोगों के घर पास-पास होने और घनी बस्तियां होने के कारण यहां संक्रमण रोकना एक बड़ी चुनाैती थी। दूसरे राज्यों से आने वाले और स्थानीय मजदूर वर्ग की जांच पर फोकस किया गया। फैक्टि्रयों में जाकर भी जांच की गई। सब्जीवाले, नाई से लेकर अधिक से अधिक लोगों की ऑन स्पॉट जाकर कोरोना जांच की गई। मास्क की अनिवार्यता संबंधित नियम को सख्ती के साथ लागू किया गया। कंटेनमेंट जोन में भी कड़ाई के साथ नियमों का पालन किया गया।

मॉनिटरिंग का फायदा

बीरगांव में अधिक से अधिक जांच पर फोकस किया गया। यहां अधिकतर मजदूर हैं, ऐसे में बिना मास्क फैक्टि्रयों में काम को प्रतिबंधित किया। मॉनिटरिंग का फायदा हमें यहां मिला है।

– डॉ. मीरा बघेल, सीएमएचओ

रायपुर जिले के 75 फीसदी मामले सिटी से, ग्रामीण क्षेत्र में संक्रमण महज 25 फीसदी

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