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नाबालिग लड़की को बालिका वधु बनने से बचाया

बयान दर्ज करते हुए जांच टीम।

बयान दर्ज करते हुए जांच टीम।

हरिभूमि न्यूज. जींद

जिले में बाल विवाह का एक और मामला सामने आया। बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय की सतर्कता से नाबालिग शादी को रूकवा दिया गया। जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता को गुप्त सूचना मिली थी कि कैथल जिले के कलायत की रहने वाली एक नाबालिग लड़की की जिले के मुआना गांव में ला कर एक नाबालिग लड़की की शादी करने वाले है और लड़की की बारात मदनपुर जिला करनाल से आएगी।

इस पर कार्रवाई करते हुए रवि लोहान, एसआई राजबीर सिंह, महिला कांस्टेबल आरती, नीलम, एसपीओ सतीश के साथ मौके पर गांव में पहुंचे। इस पर लड़की के परिवार वालों से लडकी के जन्म से संबंधित कागजात मांगे तो परिजनों ने पहले तो टाल मटोल करने की कोशिश की लेकिन जब मौके पर गांव के अन्य मौजिज व्यक्तियों को बुलाया गया तो लगभग दो घंटे के बाद जो सबूत दिखाए उसमें लड़की की उम्र साढ़े 17 वर्ष मिली। इस पर उसके परिजनों ने बताया कि उन्हें बाल विवाह कानून की कोई जानकारी नहीं है इसलिए वह गलती से ऐसा कर रहे थे। इस पर परिजनों को समझाया गया कि आपकी लड़की नाबालिग है। इसलिए आप उसके बालिग होने तक का इंतजार करें ताकि कोई कानूनी अड़चन न आए। इसके बावजूद भी नाबालिग लड़की की शादी करते हैं तो आप सभी के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस पर परिवार सहमत हो गया तथा शादी को स्थगित कर दिया गया और परिवार द्वारा महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध विभाग के अधिकारियों को लिखित ब्यान दिये कि वह कानून की पालना करेंगे तथा लड़की के बालिग होने पर ही उसकी शादी करेंगे।

परिजनों ने बताया कि उन्हें बाल विवाह कानून की कोई जानकारी नहीं है इसलिए वह गलती से ऐसा कर रहे थे। इस पर परिजनों को समझाया गया कि आपकी लड़की नाबालिग है। इसलिए आप उसके बालिग होने तक का इंतजार करें ताकि कोई कानूनी अड़चन न आए।

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