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नाहड़ का दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम का सब डिवीजन बना सफेद हाथी, पढ़ें आगे

नाहड़ का दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम का सब डिवीजन बना सफेद हाथी, पढ़ें आगे

रेवाड़ी। नाहड़ स्थित बिजली निगम का सब डिवीजन कार्यालय।

रेवाड़ी। नाहड़ स्थित बिजली निगम का सब डिवीजन कार्यालय।

हरिभूमि न्यूज. नाहड़। कोसली व रेवाड़ी की दूरी नापने को मजबूर नाहड़ क्षेत्र के लोगों की समस्याओं (problems) को ध्यान में रखते हुए कुछ माह पहले खुल दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम के नाहड़ सबडिवीजन कार्यालय में रिकार्ड नहीं होने के कारण अब यही कार्यालय सफेदहाथी सिद्ध होता दिख रहा है। स्टाफ का अभाव और रिकार्ड नहीं होने के कारण आज भी लोगों को कोसली कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे है।

दरअसल, नाहड़ क्षेत्र के 28 गांवों को शामिल कर पिछले दिनों दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम ने नाहड़ में अपना सब डिवीजन कार्यालय खोला था। इन 28 गांवों के लोगों को लंबी दूरी तय कर कोसली या फिर रेवाड़ी में बिजली से संबंधित कार्य कराने के लिए जाना पड़ता था।

विधायक लक्ष्मण सिंह यादव (Laxman Singh Yadav) ने कार्यालय का उद्घाटन करते समय लोगों की समस्या का नाहड़ में ही समाधान का दम भरा था, लेकिन निगम और विधायक के दावों की हवा निकलती दिख रही है, क्योंकि सब डिवीजन कार्यालय में स्टाफ का तो अभाव है ही साथ ही रिकार्ड भी नहीं है, जिससे बिजली निगम से संबंधित कोई कार्य नहीं हो पा रहा है।

स्टाफ की बात करें तो यहां एक एसडीओ का पद स्वीकृत है, लेकिन उद्घाटन के बाद से ही एसडीओ का चार्ज कोसली के एसडीओ मुकेश कुमार हुड्डा को एडिशनल के रूप में दिया हुआ है। वे सप्ताह में 2 दिन मंगलवार और वीरवार को ही आते है।

इतना ही नहीं दो जेई, 50 टेक्नीशियन ( हर गांव में दो की संख्या में ) तथा 10 से 12 ऑफिस स्टाफ सदस्य इस सब डिवीजन के अंडर कार्यरत है। कार्यालय का उद्घाटन होने पर लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब कोसली जाने की बजाए 28 गांवों के लोगों की समस्याओं का समाधान यही हो जाएगा, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। कार्यालय तो खोल दिया गया, लेकिन सब डिवीजन से संबंधित गांवों का रिकार्ड आज तक यहां नहीं पहुंचा है, जिससे बिजली का बिल भरने, नए ट्रांसफार्मर, जले हुए ट्रांसफार्मर बदलने आदि कार्य अटके हुए है।

विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कार्यालय (Office) का उद्घाटन करते समय लोगों की समस्या का नाहड़ में ही समाधान का दम भरा था, लेकिन निगम और विधायक के दावों की हवा निकलती दिख रही है

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