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पहली बार ऑनलाइन निरीक्षण, अंबिकापुर को मान्यता के बाद अब मेडिकल की 1070 सीटें

पहली बार ऑनलाइन निरीक्षण, अंबिकापुर को मान्यता के बाद अब मेडिकल की 1070 सीटें

रायपुर. शासकीय मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर को 100 सीटों की मान्यता मिलने के साथ ही प्रदेश में मौजूदा सत्र में मेडिकल की 1070 सीटें हो गई हैं। 6 सरकारी और 3 निजी कॉलेजों को मिलाकर प्रदेश में 9 मेडिकल कॉलेज हैं। यहां कुल 1,220 सीटें है। बीते वर्ष दो मेडिकल महाविद्यालयों को जीरो ईयर घोषित किए जाने के कारण सिर्फ 970 सीटों पर ही दाखिला हुआ था। चंदुलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज दुर्ग में भी बीते वर्ष जीरो ईयर घोषित किया गया था। यहां भी नए सत्र में प्रवेश के लिए अनुमति का इंतजार है।

यदि कोई नोटिफिकेशन नहीं आता है, तो बीते वर्ष में जो स्थिति थी, वही इस वर्ष भी रहेगी। अर्थात चंदुलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज में इस वर्ष भी जीरो ईयर हो सकता है। वर्तमान परिस्थितियों में नए सत्र में मेडिकल की 1070 सीटें तय मानी जा रही है। नीट के परिणाम घोषित होने के साथ ही इनमें दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि कुल सीटों में से 50 प्रतिशत में राज्य कोटा तथा 50 प्रतिशत में ऑल इंडिया कोटा के अंतर्गत सीटें आरक्षित रहती हैं।

दिसंबर में दिए गए थे निर्देश

मेडिकर काउंसिल ऑफ इंडिया अर्थात एमसीआई द्वारा अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण दिसंबर में किया गया था। उस दौरान यहां कुछ कमियां पाई गई थीं, जिसे दूर करने निर्देश दिया गया। कोरोना के कारण दोबारा निरीक्षण के लिए टीम नहीं आ सकी। ऐसे में ऑनलाइन निरीक्षण किया गया। दूर की गई कमियों को वीडियो के जरिए कमेटी को दिखाया गया। इसके बाद 100 सीटों के लिए मान्यता इस महाविद्यालय को मिल गई है। एमसीआई ने फैकल्टी की कमी को दूर करने निर्देश दिए थे।

यह था रिपोर्ट में

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने दिसंबर में निरीक्षण के बाद तैयार की गई रिपोर्ट में फैकल्टी की कमी पर विशेष ध्यान देने कहा गया था। इसमें 23.58 फीसदी फैकल्टी तथा 17.47 प्रतिशत रेसीडेंट डॉक्टर की कमी होने की बात कही गई थी। रिपोर्ट के बाद डीन डॉ. आरके सिंह ने फैकल्टी बढ़ाने की मांग शासन से की थी। अन्य कुछ कमियां भी टीम ने गिनाई थीं, जिसे दूर करने के बाद नए सत्र के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिली।

अगले सत्र में शुरू होंगे तीन मेडिकल कॉलेज

केंद्रीय योजना के तहत तीन नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अनुमति दे दी गई है। ये तीन मेडिकल कॉलेज कोरबा, कांकेर और महासमुंद में खोले जाने हैं। मौजूदा सत्र में इनके खुलने की कोई संभावना नहीं है। चिकित्सा से जुड़े सभी विभाग कोरोना की रोकथाम में लगे हुए हैं। ऐसे में ये मेडिकल कॉलेज आने वाले सत्र में ही शुरू हो सकेंगे। तीनों मेडिकल कॉलेज में 100-100 सीटें प्रस्तावित हैं। इनके खुलने के बाद प्रदेश में मेडिकल की 300 सीटें और बढ़ जाएंगी।

कहां, कितनी सीटें?

प्रदेश के तीन मेडिकल कॉलेज को एमसीआई से स्थायी मान्यता मिली हुई है। इसमें शामिल पं. जवाहरलाल नेहरु स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में 180, छग इंस्टिट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेस-सिम्स बिलासपुर में 180 तथा स्व. बलीराम कश्यप मेमोरियल मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में 125 सीटें हैं। इसके अलावा स्व. लखीराम अग्रवाल मेमोरियल मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में 60, स्व. अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव में 125, शासकीय मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर में 100 सीटें हैं। इनके अलावा तीन निजी मेडिकल अस्पताल हैं। चंदुलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज दुर्ग, श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज भिलाई तथा रायपुर इंस्टिट्यूट फॉर मेडिकल कॉलेज में 150-150 सीटें हैं।

पिछले वर्ष अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज को घोषित किया गया था जीरो ईयर

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