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पार्क के सामने कब्जा, पार्किंग के लिए जगह नहींपार्क के सामने कब्जा, पार्किंग के लिए जगह नहीं

पार्क के सामने कब्जा, पार्किंग के लिए जगह नहींपार्क के सामने कब्जा, पार्किंग के लिए जगह नहीं

इटारसी। लंबे लॉकडाउन (lOCKDOWN) के बाद अब पार्क खुल चुके हैं। अटल पार्क (Atal Park) में भी अब लोगों की आवाजाही प्रारंभ हो चुकी है। हालांकि यहां उतनी संख्या में लोग नहीं आ रहे हैं, जितनी संख्या में पहले आते थे। लोगों के अटल पार्क नहीं आने के पीछे एक बड़ी वजह यहां पार्किंग (Parking) का अभाव भी है। दरअसल, जब से चौपाटी (Choupati) टूटी और वहां के खानपान ठेलों को पार्क के सामने लगाया गया है, उन्होंने बड़ी जगह पर कब्जा कर लिया और यहां वाहन रखने की जगह ही नहीं बची है। यही कारण है कि लोग पार्क आने के स्थान पर रोड पर घूमना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

जिन चाट-पकोड़े या अन्य खानपान ठेले वालों को एक टेबल और चार कुर्सियों की जगह दी थी, उन्होंने यहां तीन दुकानों की जगह पर कब्जा करके बीस-बीस कुर्सियां लगाकर रेस्टॉरेंट की शक्ल दे दी है। मेजर ध्यानचंद तिराहे से फ्रेन्ड्स स्कूल के छोटे गेट के सामने तक ये खानपान विक्रेता कब्जा करके बैठे हैं। ऐसे में पार्क आने वालों को अपने वाहन या तो पार्क के दूसरे रोड डॉ.अग्रवाल के निवास के सामने खड़े करना पड़ रहा है या फिर उन्होंने पार्क आने की जगह पैदल रोड पर अपने घर के आसपास घूमना शुरु कर दिया है। पार्क के पास एक वाहन रखने तक की जगह नहीं है।

स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहे

फ्रेन्ड्स स्कूल के तिराहे पर, खिलाडिय़ों की प्रतिमा के सामने, शहर के प्रमुख मार्ग पर लगा कचरे का ढेर, शहर में चल रहे स्वच्छता अभियान (Cleanliness campaign) का उपहास उड़ाने के साथ शहर की छवि को धूमिल कर रहा है। उपभोक्ता संरक्षण मंच (Consumer protection forum) नाराजी व्यक्त कर, मुख्य नगरपालिका अधिकारी हेमेश्वरी पटले (Chief Municipal Officer Hemeshwari Patale) से कारगर कार्रवाई करने की मांग की है। मंच के सचिव राजकुमार दुबे (Secretary Rajkumar Dubey) ने कहा कि अटल पार्क के सामने लगने वाले चाट विक्रेता रात्रि में दुकान बंद करते समय उपयोग हुए जूठे दोने डस्टबिन मेंं डालने के बजाय इसी तिराहे पर फेंकते हंै। शहर का मुख्य मार्ग होने के कारण बाहर से आने वालों के सामने शहर के स्वच्छता की छवि पर भी दाग लगता है। प्रात: काल भ्रमण पर निकले शहर वासियों को सड़क तक फैले कचरे का सामना करना पड़ता है।

इनका कहना है…
नगर पालिका का रात्रि काल में बाजार क्षेत्र में निकलने वाला सफाई वाहन इस क्षेत्र में पहुंचे। साथ ही चाट विक्रेताओं को सख्त निर्देश दें कि वे अपनी दुकानें बंद करते समय उपयोग हुए दोने-प्लेटों को डस्टबिन में ही रखें, मुख्य मार्ग के तिराहे पर नहीं डालें।
राजकुमार दुबे (Rajkumar Dubey, Secretary Consumer Forum)

स्ट्रीट वेंडर्स को रेस्ट हाउस के साइड में उस जगह व्यवस्थित करने की योजना है, जहां पहले चौपाटी थी। जल्द ही इस पर अमल करके रोड किनारे से इन लोगों को हटाकर वहां भेजा जाएगा जिससे यातायात में भी बाधा नहीं होगी और सफाई भी हो सकेगी।
हेमेश्वरी पटले (Hameshwari Patale, CMO)

इटारसी। लंबे लॉकडाउन (lOCKDOWN) के बाद अब पार्क खुल चुके हैं। अटल पार्क (Atal Park) में भी अब लोगों की आवाजाही प्रारंभ हो चुकी है। हालांकि यहां उतनी संख्या में लोग नहीं आ रहे हैं, जितनी संख्या में पहले आते थे। लोगों के अटल पार्क नहीं आने के पीछे एक बड़ी वजह यहां पार्किंग (Parking) का अभाव भी है। दरअसल, जब से चौपाटी (Choupati) टूटी और वहां के खानपान ठेलों को पार्क के सामने लगाया गया है, उन्होंने बड़ी जगह पर कब्जा कर लिया और यहां वाहन रखने की जगह ही नहीं बची है। यही कारण है कि लोग पार्क आने के स्थान पर रोड पर घूमना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

जिन चाट-पकोड़े या अन्य खानपान ठेले वालों को एक टेबल और चार कुर्सियों की जगह दी थी, उन्होंने यहां तीन दुकानों की जगह पर कब्जा करके बीस-बीस कुर्सियां लगाकर रेस्टॉरेंट की शक्ल दे दी है। मेजर ध्यानचंद तिराहे से फ्रेन्ड्स स्कूल के छोटे गेट के सामने तक ये खानपान विक्रेता कब्जा करके बैठे हैं। ऐसे में पार्क आने वालों को अपने वाहन या तो पार्क के दूसरे रोड डॉ.अग्रवाल के निवास के सामने खड़े करना पड़ रहा है या फिर उन्होंने पार्क आने की जगह पैदल रोड पर अपने घर के आसपास घूमना शुरु कर दिया है। पार्क के पास एक वाहन रखने तक की जगह नहीं है।

स्वच्छता अभियान को पलीता लगा रहे

फ्रेन्ड्स स्कूल के तिराहे पर, खिलाडिय़ों की प्रतिमा के सामने, शहर के प्रमुख मार्ग पर लगा कचरे का ढेर, शहर में चल रहे स्वच्छता अभियान (Cleanliness campaign) का उपहास उड़ाने के साथ शहर की छवि को धूमिल कर रहा है। उपभोक्ता संरक्षण मंच (Consumer protection forum) नाराजी व्यक्त कर, मुख्य नगरपालिका अधिकारी हेमेश्वरी पटले (Chief Municipal Officer Hemeshwari Patale) से कारगर कार्रवाई करने की मांग की है। मंच के सचिव राजकुमार दुबे (Secretary Rajkumar Dubey) ने कहा कि अटल पार्क के सामने लगने वाले चाट विक्रेता रात्रि में दुकान बंद करते समय उपयोग हुए जूठे दोने डस्टबिन मेंं डालने के बजाय इसी तिराहे पर फेंकते हंै। शहर का मुख्य मार्ग होने के कारण बाहर से आने वालों के सामने शहर के स्वच्छता की छवि पर भी दाग लगता है। प्रात: काल भ्रमण पर निकले शहर वासियों को सड़क तक फैले कचरे का सामना करना पड़ता है।

इनका कहना है…
नगर पालिका का रात्रि काल में बाजार क्षेत्र में निकलने वाला सफाई वाहन इस क्षेत्र में पहुंचे। साथ ही चाट विक्रेताओं को सख्त निर्देश दें कि वे अपनी दुकानें बंद करते समय उपयोग हुए दोने-प्लेटों को डस्टबिन में ही रखें, मुख्य मार्ग के तिराहे पर नहीं डालें।
राजकुमार दुबे (Rajkumar Dubey, Secretary Consumer Forum)

स्ट्रीट वेंडर्स को रेस्ट हाउस के साइड में उस जगह व्यवस्थित करने की योजना है, जहां पहले चौपाटी थी। जल्द ही इस पर अमल करके रोड किनारे से इन लोगों को हटाकर वहां भेजा जाएगा जिससे यातायात में भी बाधा नहीं होगी और सफाई भी हो सकेगी।
हेमेश्वरी पटले (Hameshwari Patale, CMO)

इटारसी। लंबे लॉकडाउन (lOCKDOWN) के बाद अब पार्क खुल चुके हैं। अटल पार्क (Atal Park) में भी अब लोगों की आवाजाही प्रारंभ हो चुकी है। हालांकि यहां उतनी संख्या में लोग नहीं आ रहे हैं, जितनी संख्या में पहले आते थे। लोगों के अटल पार्क नहीं आने के पीछे एक बड़ी वजह यहां पार्किंग (Parking)

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