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बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों व प्रधानाचार्यों को नॉन वायलेंट कम्युनिकेशन नामक कोर्स करवाएगा सीबीएसई

बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों व प्रधानाचार्यों को नॉन वायलेंट कम्युनिकेशन नामक कोर्स करवाएगा सीबीएसई

बहादुरगढ़। कोर्स के बारे में जानकारी देती मुक्ता गहलावत।

हरिभूमि न्यूज : बहादुरगढ़

सीबीएसई स्कूली बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों व प्रधानाचार्यों को नॉन वायलेंट कम्युनिकेशन नामक कोर्स करवाएगा। संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत स्वायत्त संस्था गांधी स्मृति और दर्शन स्मृति के सहयोग से सीबीएसई ने इस कोर्स का पंजीकरण शुरू कर दिया है। सीबीएसई ने इसके लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है। हर वर्ग के कोर्स में रजिस्ट्रेशन 10 अक्टूबर तक चलेंगे।

सीबीएसई ने इस कोर्स के लिए कोई पंजीकरण शुल्क या कोर्स शुल्क नहीं रखा है। जिससे अधिक से अधिक लोग इसमें हिस्सा ले सकें और अपनी बात कहने या अपना संदेश पहुंचाने के लिए अहिंसात्मक रवैए के बारे में विस्तार से जान व पढ़ सकें। इसका प्रमुख उद्देश्य बच्चों व अभिभावकों और बच्चों व शिक्षकों के बीच के संवाद को मधुर व अहिंसात्मक बनाए रखना है। इस संबंध में सीबीएसई ने कोर्स में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए प्रिंसिपल व शिक्षकों और अभिभावक व छात्रों के लिए अलग-अलग लिंक जारी किए हैं। पंजीकृत लोगों को कोर्स मैटेरियल उपलब्ध कराने के अलावा कुछ वेबिनार भी आयोजित किए जाएंगे। कोर्स पूरा होने पर सभी को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

शिक्षाविद् मुक्ता गहलावत के अनुसार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मूल्यों पर आधारित अहिंसा को वार्तालाप का सबसे मजबूत और प्रभावी दृष्टिकोण माना जाता है। इस कोर्स का एक प्रमुख उद्देश्य बच्चों व अभिभावकों और शिक्षकों व स्कूल के बीच मानसिक दूरी को कम कर एक-दूसरे के प्रति आदर-सम्मान के भाव को बढ़ाना है। पिछले कुछ सालों में गुरु-शिष्य का सम्मान कुछ विशेष दिवस के दिन ही दिखता है। इस दूरी को हरी कम करने और बच्चों को मूल्यों की सीख देने के लिए यह कोर्स बच्चों से लेकर प्रिंसिपल तक के लिए कराया जा रहा है।

सीबीएसई ने इस कोर्स (Course) के लिए कोई पंजीकरण शुल्क या कोर्स शुल्क नहीं रखा है। जिससे अधिक से अधिक लोग इसमें हिस्सा ले सकें और अपनी बात कहने या अपना संदेश पहुंचाने के लिए अहिंसात्मक रवैए के बारे में विस्तार से जान व पढ़ सकें।

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