News Narmadanchal

बच्चों को स्कूल आने बाध्य नहीं किया जाएगा, ऑनलाइन पढ़ाई भी रहेगी जारी

रायपुर. केंद्र सरकार ने अनलॉक 5 की गाइडलाइन में कहा है कि स्कूल,कोचिंग खोले जाने पर राज्य फैसला करेंगे। केंद्र की इस गाइडलाइन के बाद राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने अपनी रणनीति पर काम शुरु कर दिया है। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने हरिभूमि से खास चर्चा में कहा है कि हम बच्चों को स्कूल आने के लिए किसी भी रूप में बाध्य नहीं करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि अगर स्कूल खुले तो भी ऑनलाईन पढ़ाई जारी रहेगी। जो बच्चे स्कूल नहीं आएंगे उनकी शिक्षा ऑनलाईन माध्यम से ही कराई जाएगी।

दरअसल केंद्र की स्कूल-कोचिंग खोले जाने के मामले में गाइडलाइन आने के बाद छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों के अभिभावकों में इस बात की चिंता बढ़ी है कि अगर स्कूल खुले तो बच्चों को कैसे भेज पाएंगे। अगर बच्चे स्कूल नहीं गए तो उनके एक साल के शैक्षिक भविष्य का क्या होगा। अगर स्कूल भेजा तो बच्चों को संक्रमण का खतरा होगा। इस तरह की चिंताओं को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री से चर्चा करके समाधान का प्रयास करने पर उन्होंने कुछ ऐसी बातें कहीं है जो पालकों की चिंता कम कर सकती है।

अभिभावक की राय भी हो शामिल

छत्तीसगढ़ के प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता का कहना है कि हमारा संगठन चाहता है कि प्रदेश में स्कूल खोले जाएं। लेकिन साथ ही हमारा ये भी कहना है कि इस मामले में बच्चों के अभिभावकों की भी सहमति होनी चाहिए। इसके साथ ही राज्य शासन स्कूल खोलने के लिए जो भी गाइडलाइन तय करेगा हम लोग पूरी तरह उसका पालन करेंगे। श्री गुप्ता ने ये भी कहा कि अभी की स्थिति में कम से कम नवमी से लेकर बारहवीं तक बच्चों के लिए स्कूल खोले जाने चाहिए। कारण ये है कि जिन विषयों में प्रेक्टिल होने है उन विषयों को लेकर भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने ये भी कहा कि अब अर्धवार्षिक परीक्षाओं का भी समय आ गया है। ऐसे में बड़ी कक्षाओं के स्टूडेंट के लिए आवश्यक है कि वे स्कूल में आकर पढ़ाई करें। ऐसा करने के लिए अगर जरूरी हुआ कि एक बार में कक्षा के आधे बच्चों को एक दिन बाकी को दूसरे दिन पढ़ाया जाए तो भी ये ठीक रहेगा।

कोरोना संक्रमण से स्थिति अनुकूल नहीं

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अभी कोरोना संक्रमण की जो स्थिति है उसे देखते हुए वे कह सकते हैं कि छत्तीसगढ़ में अभी स्कूल खोलने के लिए स्थिति अनुकूल नहीं है। 21 अक्टूबर से स्कूल खोलने की बात केंद्रीय गाइडलाइन में कही गई है। लेकिन इस समय नवरात्रि का त्यौहार शुरु होने वाला है। इसके बाद दशहरा आ जाएगा। स्कूलों में छुट्टियां लग जाएंगी। गाइडलाइन में ये भी कहा गया है कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देश का भी पालन करना है। इस संबंध में अभी विभाग के अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर विचार विमर्श किया जाएगा,इसके बाद अंतिम रूप से सारी चीजें तय करेंगे।

पहले चर्चा और राय फिर खुलेंगे स्कूल

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि 21 अक्टूबर के बाद स्कूल खोले जाने संबंधी गाइडलाइन पर काम किया जाना है। हमारी कोशिश होगी कि इस संबंध में सबसे पहले स्कूलों के प्राचार्य, प्रधान पाठकों से चर्चा की जाएगी कि यह कैसे किया जाए। प्राचार्य, प्रधान पाठक, गुरुजन अपने स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों से चर्चा करेंगे। इसके बाद माता-पिता की लिखित में यह सहमति ली जाएगी कि उनका बच्चा स्कूल में पढ़ने आएगा। किसी भी हाल में किसी बच्चे को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। लेकिन ये तय है कि स्कूल खुलने के बाद भी ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था जारी रहेगी।

केंद्र ने स्कूल का फैसला राज्यों पर छोड़ा, शिक्षामंत्री बोले- छग में हालात अनुकूल नहीं

Related Articles