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बाहर से आने वालों की कोरोना जांच नहीं होगी, प्रस्ताव खारिज

बाहर से आने वालों की कोरोना जांच नहीं होगी, प्रस्ताव खारिज

रायपुर. कोरोना की दूसरी लहर को राजधानी में रोकने के लिए सीमाओं पर एंटीजन किट के माध्यम से कोरोना की जांच का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है। रोजाना एक लाख से ज्यादा लोगों के राजधानी आने की वजह से कलेक्टर ने इसे संभव नहीं माना है। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए जांच का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा गया था। ठंड के दिनों में दूसरा कोरोना वेव आने की आशंका है और पहले की तरह रायपुर जिला, खासकर राजधानी एक बार फिर डेंजर जोन बनने की संभावना है।

इसे लेकर चिंतित स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला प्रशासन को यह प्रस्ताव भेजा गया था कि शहर की सीमाओं को सील कर बाहर से आने वालों की एंटीजन किट के माध्यम से कोरोना की जांच कराने और निगेटिव आने पर ही शहर के भीतर प्रवेश की अनुमति दी जाए। इस प्रस्ताव पर जिला प्रशासन की ओर से विचार-विमर्श किया गया, मगर यह प्रक्रिया पूरी हो पाना आसान नहीं। कलेक्टर डा. एस. भारतीदासन कहा कि यह संभव नहीं है, इसलिए ऐसा नहीं किया जाएगा। वर्तमान राजधानी व्यापारिक केंद्रबिंदु है और दूसरे शहरों और राज्यों से प्रदेश में आने वालों के लिए यह मध्य केंद्र है। ट्रेन, फ्लाइट और बसों के अलावा अपने निजी वाहनों के माध्यम से भी बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं। शहरों की सीमाओं पर उन्हें रोककर लंबी लाइन के माध्यम से इस प्रक्रिया को पूरा किया जाना संभव ही नहीं है, इसलिए इस प्रस्ताव को अमल में नहीं लाया जा रहा है।

एक घंटे में जांच

वर्तमान में एंटीजन किट के माध्यम से कोरोना संक्रमितों की जांच की प्रक्रिया पूरी करने में कम से कम एक घंटे का वक्त लगता है। किसी सीमा में दूसरे जिले से आने वाली बसों को रोककर यात्रियों की लंबी लाइन लगवाकर जांच और रिपोर्ट आने तक इंतजार करने की प्रक्रिया अव्यवहारिक था। इसके लिए विभिन्न सीमाओं पर स्वास्थ्य कर्मचारियों, पुलिस बल की तैनाती में भी बड़ी संख्या में स्टाफ की जरूरत होती।

इतनी आवाजाही

रेलवे स्टेशन- 26 ट्रेनों के माध्यम रोजाना पांच से सात हजार लोगों की आवाजाही

सड़क मार्ग- विभिन्न राज्यों-शहरों के लिए लगभग 1200 बसों से 70-80 हजार यात्री

एयरपोर्ट- प्रतिदिन 34 से 40 उड़ानाें के जरिए तीन से चार हजार लोगों की आवाजाही

निजी वाहन- निजी वाहनों के माध्यम से लगभग 50 हजार लोगों का आगमन

कोरोना की दूसरी लहर को राजधानी में रोकने के लिए सीमाओं पर एंटीजन किट के माध्यम से कोरोना की जांच का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है। रोजाना एक लाख से ज्यादा लोगों के राजधानी आने की वजह से कलेक्टर ने इसे संभव नहीं माना है। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए जांच का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा गया था। ठंड के दिनों में दूसरा कोरोना वेव आने की आशंका है और पहले की तरह रायपुर जिला, खासकर राजधानी एक बार फिर डेंजर जोन बनने की संभावना है।

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