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भारत का सर्वश्रेष्ठ मसाला अनुसंधान केंद्र अब रायगढ़ जिले में

भारत का सर्वश्रेष्ठ मसाला अनुसंधान केंद्र अब रायगढ़ जिले में

रायगढ़. जिला मुख्यालय में संचालित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के मसाला अनुसंधान को देशभर में सर्वेश्रेष्ठ अनुसंधान केंद्र का सम्मान प्राप्त हुआ है। यह सम्मान हल्दी, अदरक, धनिया, मेथी, अजवाइन आदि मसाला फसलों की नई किस्म के विकास, फसल सुधार, अनुसंधान एवं विस्तार के प्रतिपादन के उपलक्ष्य में प्रदान किया गया है। रायगढ़ में स्थित जिले का मसाला अनुसंधान केंद्र आदिवासी किसानों के उत्थान के लिए विभिन्न किस्मों की मसाला फसलों का प्रदर्शन भी आयोजित करता रहा है।

अनुसंधान केंद्र को यह सम्मान अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना मसाला की 31वीं वार्षिक कार्यशाला के अवसर पर प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि इंदिरा विहार के समीप स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में मसाला अनुसंधान केंद्र की स्थापना वर्ष 1996 में की गई थी तब से लेकर अब तक यह केंद्र मसाला अनुसंधान हेतु अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना का संचालन कर रहा है। परियोजना के वैज्ञानिक राज्य की प्रमुख फसलें जैसे हल्दी, अदरक, धनिया, मेथी, अजवाइन आदि पर फसल सुधार और रोप प्रतिरोधकता पर अनुसंधान कार्य कर रह हैं।

जिले के इस अनुसंधान केंद्र का विभिन्न फसलों की अनेक प्रजातियों के प्रयोग व परीक्षण में महत्वपूर्ण योगदान है। केंद्र द्वारा विकसित धनिया की दो किस्मों, सीजी धनिया वन एवं सीजी हल्दी टू को छत्तीसगढ़ राज्य किस्म बीज उप समिति द्वारा जारी करने के लिए पहचान किया गया है। इन नवीन किस्मों को राज्यों के लिए अधिसूचित करने का प्रस्ताव सीवीआरसी नई दिल्ली के समक्ष विचाराधीन है। छत्तीसगढ़ राज्य किस्म बीच उपसमिति द्वारा राज्य हेतु केंद्र की पहली अजवाइन की किस्म सीजी अजवाइन वन की भी पहचान की गई है। परियोजना के वैज्ञानिक डा. एके सिंह व डाक्टर श्रीकांत संवरगांवकर ने हल्दी और अदरक के उत्पादन हेतु कम लागत वाली प्रकंदगुड़ा फसल उत्पादन एवं संरक्षक नामक तकनीक का विकास किया है जो किसानों के लिए लाभदायक होगी।

जिला मुख्यालय में संचालित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के मसाला अनुसंधान को देशभर में सर्वेश्रेष्ठ अनुसंधान केंद्र का सम्मान प्राप्त हुआ है। यह सम्मान हल्दी, अदरक, धनिया, मेथी, अजवाइन आदि मसाला फसलों की नई किस्म के विकास, फसल सुधार, अनुसंधान एवं विस्तार के प्रतिपादन के उपलक्ष्य में प्रदान किया गया है। रायगढ़ में स्थित जिले का मसाला अनुसंधान केंद्र आदिवासी किसानों के उत्थान के लिए विभिन्न किस्मों की मसाला फसलों का प्रदर्शन भी आयोजित करता रहा है।

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