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मास्क का ये नवीन रूप आपको पसंद आयेगा, इसमें है एयर प्योरीफायर और पंखा!

मास्क का ये नवीन रूप आपको पसंद आयेगा, इसमें है एयर प्योरीफायर और पंखा!

विश्व में फैली हुई कोरोना की महामारी से सभी को बचाने के लिए सरकार ने सभी को मास्क पहने रखने का आदेश दिया है। हालांकि पूरे दिन मास्क पहरे रखने से कइयों को सांस लेने में दिक्कत होने की बातें भी सामने आती रहती हैं। इस समस्या का समाधान लाई है कुरीन सिटी क्लीनर। इस कंपनी ने दुनिया का सबसे पहला एयर प्युरीफाई करने वाला मास्क तैयार किया है।

N-95 मास्क में होती थी सांस लेने में दिक्कत

इस मास्क के बारे में बात करते हुए कुरिन सिस्टम के सह-संस्थापक पवनीत पुरी ने मीडिया को बताया, ” सामान्य रूप से एक सामान्य N-95 मास्क पहनने के बाद जब आप श्वास बाहर निकालते हो, तो हवा के कण पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते। इसलिए हमने इस मास्क में एक फिल्टर का प्रयोग किया है।

(Photo Credit : kurin.co)

कुरिन एटम वेर 2.0.4 के बारे में कंपनी को ICMR से मंजूरी मिली है। पुरी ने कहा, “हमें ICMR अनुमोदन की आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, हमें BIS अनुमोदन की आवश्यकता है। इसे आप एक पोर्टेबल प्यूरीफायर कह सकते हो।

पुरी ने बताया कि पहला कुरिन एटम 2017 में जारी किया गया था। पर उसकी डिजाइन की वजह से बच्चे उसे पहनने में आनाकानी करते थे। उस मास्क में जो एयर प्यूरीफायर था, उसे आप एक छेद मास्क को कनेक्ट कर सकते थे और हवा सीधे आपके मुंह में चली जाती थी। बच्चे शुरू में इसे पहनना नहीं चाहते थे क्योंकि इसका डिजाइन थोडा अजीब था। पूरी ने आगे बताया कि इस बार उन्होंने एक्सहॉल्ड कार्बन डाइऑक्साइड के निकास और वेंटिलेशन पर भी काम किया है। इसके अलावा बाहर निकलने वाली हवा को फिल्टर करने के लिए मास्क में पंखे का इस्तेमाल भी किया गया है।

चार परतों से सज्ज है मास्क; 99.99 प्रतिशत प्रदूषकों को रोकता है

कुरिन एटम अत्याधुनिक लघु मोटर और पंखे से सुसज्जित है, जो हवा को स्वच्छ करने में मदद करता है। प्रक्रिया के पहले चरण में हवा को मास्क के सामने के माध्यम से लिया जाता है, जिससे यह फिल्टरेशन (कंसोलिडेटेड फिल्टर) की चार परतों से गुजरता है। इन परतों में शामिल हैं; दृश्यमान और बड़े कणों के लिए पूर्व फ़िल्टर यानी पीएम 10 और उससे ऊपर, धूल, पराग, धुआं आदि। इसके अलावा वायरस और बैक्टीरिया से सुरक्षा के लिए बैक्टीरियल फ़िल्टर (नैनो ग्रेड निस्पंदन)। मास्क में HEPA H14 फ़िल्टर का भी प्रयोग किया गया है। HEPA का उपयोग आम तौर पर अस्पतालों और अन्य चिकित्सा सुविधाओं में साफ कमरे बनाने के लिए किया जाता है, जो 99.99 प्रतिशत प्रदूषकों को रोक लेता है।

मास्क के बारे में बात करते हुए ओडिशा के MP पिनाकी मिश्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस मास्क के जरिए शुद्ध हवा ली जा सकती है। मास्क के फैन नाक द्वारा ली जाने वाली और बाहर निकलने वाली हवा को फिल्टर करता है जिस कारण सफोकेशन भी नहीं होता। एयर प्यूरीफायर वाला यह मास्क सांस लेने में कठिनाई वाले रोगियों में और अस्पतालों में व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है।

 

LG ने भी लॉन्च किया अपना खुद का पोर्टेबल एयर प्यूरीफायर

LG ने भी अपने स्वयं के पोर्टेबल एयर प्यूरीफायर की घोषणा की थी जिसे लोग अपने चेहरे पर मास्क की तरह पहन सकते हैं। LG का मास्क जिसे “PurCare Wearable Air Purifier” के रूप से प्रचलित इस मास्क में दो फिल्टर्स का इस्तेमाल किया जाएगा।

विश्व में फैली हुई कोरोना की महामारी से सभी को बचाने के लिए सरकार ने सभी को मास्क पहने रखने का आदेश दिया है। हालांकि पूरे दिन मास्क पहरे रखने से कइयों को सांस लेने में दिक्कत होने की बातें भी सामने आती रहती हैं। इस समस्या का समाधान लाई है कुरीन सिटी क्लीनर। इस

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