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मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में लागू किए 11 केंद्रीय कानून, गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में लागू किए 11 केंद्रीय कानून, गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

केंद्रीय गृह मंत्रालय

केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में 11 केंद्रीय कानून लागू किए हैं। मोदी सरकार ने दो आदेशों के जरिये 11 केंद्रीय कानूनों को तत्काल प्रभाव से जम्मू-कश्मीर में लागू करने की अधिसूचना जारी की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मोदी सरकार साथ ही पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य का दर्जा बदल जाने के चलते 10 राज्य कानूनों की शब्दावली को भी संशोधित करेगी।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के द्वारा जारी 136 पेज की अधिसूचना में कहा गया है कि दोनों आदेशों को केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (केंद्रीय कानूनों का संयोजन) दूसरा और तीसरा आदेश 2020 कहा जाएगा।

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में यह 11 केंद्रीय कानून किए हैं लागू

1- फैक्टरी कानून, (1948)

2- मोटर वाहन श्रमिक कानून, (1961)

3- अनियमित जमा योजना प्रतिबंध कानून (2019)

4- भवन व अन्य निर्माण श्रमिक (रोजगार नियमन और सेवा शर्तें) कानून (1996)

5- फार्मेसी एक्ट (1948)

6- अनुबंधित श्रमिक (नियमन व उन्मूलन) कानून (1970)

7- ट्रेड यूनियंस एक्ट (1926)

8- औद्योगिक विवाद कानून, 1947

9- पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम ( 2014)

10- औद्योगिक रोजगार (स्टैंडिंग ऑर्डर) कानून (1947)

11- सेल्स प्रमोशन कर्मचारी कानून (1976) 

जम्मू कश्मीर के इन कानूनों में होगा संशोधन

1- जम्मू-कश्मीर मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी कानून (2018)

2- राज्य विधानसभा में नेता विपक्ष के वेतन-भत्ते कानून, (1985)

3- जम्मू-कश्मीर विद्यालय शिक्षा परिषद कानून, (1975)

4- जम्मू-कश्मीर सहकारी समितियां कानून, (1989)

5- जम्मू-कश्मीर नगरपालिका अधिनियम (2000)

6- जम्मू-कश्मीर वस्तु व सेवा कर कानून, (2017)

7- जम्मू-कश्मीर स्वयं सहायता सहकारी कानून, (1999)

8- जम्मू-कश्मीर राज्य विधानसभा के सदस्यों के वेतन-भत्ते कानून, (1960)

9- जम्मू-कश्मीर नगर निगम अधिनियम, (2000)

10- जम्मू-कश्मीर विद्यालयी शिक्षा कानून, (2002)

केंद्रीय गृह मंत्रालय के द्वारा जारी 136 पेज की अधिसूचना में कहा गया है कि दोनों आदेशों को केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (केंद्रीय कानूनों का संयोजन) दूसरा और तीसरा आदेश 2020 कहा जाएगा।

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