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युवाओं के सामर्थ्य से नये भारत के निर्माण में गुजरात के युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी : मुख्यमंत्री

युवाओं के सामर्थ्य से नये भारत के निर्माण में गुजरात के युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी : मुख्यमंत्री

‘निरंतर नया सोचते रहें, नया करते रहें, कभी क्षणिक विफलता मिले तो स्वामी विवेकानंद के संदेश का अनुसरण करें’

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि गुजरात ने कौशल विकास कार्यक्रम, अप्रेंटिसशिप योजना, युवा स्वावलंबन योजना और शोध योजना के जरिए राज्य के युवाओं का सशक्तिकरण किया है। पिछले 4 वर्ष में लगभग डेढ़ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की है, लगभग 5400 भर्ती मेलों के मार्फत निजी क्षेत्र में 12 लाख से अधिक नौकरियां उपलब्ध करवाई हैं। हजारों युवाओं को व्यवसाय करने के लिए कर्ज प्रदान कर उन्हें ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब गिवर’ बनाया है, और तो और गुजरात में बेरोजगारी की दर देश में सबसे कम 3 फीसदी है। मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंदजी की जयंती के अवसर पर सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी के विभिन्न भवनों का मंगलवार को ई-लोकार्पण और ई-शिलान्यास करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा कि गत दो दशक में गुजरात में शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प हुआ है। गुजरात पूरे देश में एजुकेशनल हब के तौर पर स्थापित हो गया है। गुजरात की स्थापना के बाद 40 वर्षों तक राज्य में केवल 11 यूनिवर्सिटियां थीं जो आज बढ़कर 77 हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने 25 हजार से अधिक युवा छात्रों द्वारा कार्यक्रम में रजिस्ट्रेशन कराने का जिक्र करते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि भले ही डेढ़ सौ वर्ष बीत गए हों, लेकिन आज भी स्वामी विवेकानंद युवाओं के रोल मॉडल हैं। श्री रूपाणी ने युवाओं को निरंतर नया विचार करने और नया करते रहने की सीख देते हुए कहा कि यदि कभी क्षणिक विफलता मिले तो स्वामी विवेकानंद जी के संदेश का अनुसरण करें।

उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंदजी ने पाश्चात्य देशों में जाकर पूरी दुनिया को भारतीय जीवन दर्शन से अवगत कराया था। विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम की प्रेरणा दी थी। गुजरातियों के लिए गर्व की बात यह है कि स्वामी जी को पश्चिम में जाने की प्रेरणा गुजरात की भूमि में मिली थी। उन्होंने स्व. अटलजी की कविता का स्मरण करते हुए कहा कि, जब-जब दुनिया में अज्ञानता का अंधकार फैला, जब-जब मानवजाति पर बड़ी विपत्ति आई, तब-तब इस भारत देश ने दुनिया को राह दिखलाई है। हमने पाश्चात्य संस्कृति को अपनाते हुए ‘नमस्ते’ करना कम कर दिया था, लेकिन आज कोविड के दौर में हमने दुनियाभर के लोगों को नमस्ते करते हुए देखा है।

दो-दो स्वदेशी वैक्सीन उपलब्ध कराकर भारत ने दिया अपने सामर्थ्य का परिचय

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ की राह पर अग्रसर हमारे देश ने दुनिया की सभी धारणाओं को झुठलाते हुए एक नहीं बल्कि दो-दो स्वदेशी वैक्सीन उपलब्ध कराकर अपने सामर्थ्य का परिचय दिया है। भारत में बनी वैक्सीन के लिए आज डेढ़ सौ से अधिक देशों ने मांग की है। यह ताकत देश के युवा वैज्ञानिकों की है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के लिए ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान बहुत बड़ा अवसर है। भारत को महासत्ता बनाने की दिशा में अपनी शक्ति और सामर्थ्य का उपयोग कर हमारे युवा बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि, मुझे मेरे राज्य के युवाओं की शक्ति पर पूरा भरोसा है और उस भरोसे के आधार पर मैं आज कहता हूं कि आने वाले वर्षों में भारत एक महासत्ता बन जाएगा और गुजरात उसका केंद्र बिंदु होगा।

श्री रूपाणी ने युवाओं को प्रेरणा देते हुए कहा कि भविष्य के विकसित भारत में वे स्वयं को कहां खड़ा देखना चाहते हैं, उसके लिए उन्हें आज से ही उस दिशा में संकल्पबद्ध होकर काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी कैम्पस में अध्ययन कर रहे विदेशी छात्रों के उपयोग के लिए 4 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित ‘इंटरनेशनल ट्रांजिट हाउस’ तथा सरस्वती वुमन हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं को पढ़ने की सुविधा के लिए स्वाध्याय परिवार के प्रणेता पांडुरंग शास्त्री दादा की चेयर द्वारा निर्मित लाइब्रेरी का ई-लोकार्पण किया। इसके अलावा, 6 करोड़ रुपए के खर्च से तैयार होने वाली अद्यतन लाइब्रेरी और 3 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले अत्याधुनिक स्पोर्ट्स हॉस्टल तथा सवा करोड़ रुपए के खर्च से तैयार होने वाले ओपन एयर थियेटर का भी उन्होंने ई-शिलान्यास किया।

स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मुख्यमंत्री ने सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी के विभिन्न भवनों का किया ई-लोकार्पण और शिलान्यास

श्री रूपाणी ने कोरोना महामारी के दौरान सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की टीम की ओर से किए गए सेवा कार्यों को बयान करने वाली पुस्तक का विमोचन भी किया। एनएसएस को श्रेष्ठ कार्य के लिए उन्होंने बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने एनएसएस के छात्रों की कार्य प्रणाली का जिक्र करते हुए कहा कि ये युवा गांवों में जाकर कैम्प करते हैं। ग्रामीण जीवन को बहुत बारीकी से समझते हैं। इस तरह की गतिविधियों से चरित्र निर्माण होता है। युवाओं के लिए यह बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि, हमें भारत में गांवों की आत्मा और शहरों की आधुनिकता का समन्वय साधना है और उस संदर्भ में मुझे युवाओं से बहुत उम्मीद है।
इस अवसर पर सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी के कुलपति नितिन कुमार पेथाणी ने यूनिवर्सिटी में सुविधा युक्त शिक्षा के लिए निर्धारित विभिन्न प्रकल्पों के बारे में जानकारी दी। सम कुलपति विजय देसाणी ने स्वागत भाषण दिया। समारोह में बड़ी संख्या में युवा छात्र इंटरनेट के जरिए जुड़े थे।

‘निरंतर नया सोचते रहें, नया करते रहें, कभी क्षणिक विफलता मिले तो स्वामी विवेकानंद के संदेश का अनुसरण करें’ मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि गुजरात ने कौशल विकास कार्यक्रम, अप्रेंटिसशिप योजना, युवा स्वावलंबन योजना और शोध योजना के जरिए राज्य के युवाओं का सशक्तिकरण किया है। पिछले 4 वर्ष में लगभग डेढ़ लाख युवाओं

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