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राज्यपाल ने रोकी मरवाही नगर पंचायत बनाने की प्रक्रिया, कहा- 7 दिन में दें जवाब वरना कार्रवाई करूंगी

रायपुर. मरवाही ग्राम पंचायत को नगर पंचायत बनाने संबंधी प्रक्रिया पर राज्यपाल अनुसईया उईके ने रोक लगा दी है। सोमवार को राजभवन में इस संबंध में हुई समीक्षा बैठक में राज्यपाल ने सरकार के अधिकारियों से कहा है कि वे सात दिन के अंदर पूरे मामले की रिपोर्ट (प्रतिवेदन) पेंश करें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। हरिभूमि ने सबसे पहले मरवाही ग्राम पंचायत को नगर पंचायत बनाने के मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। राजभवन में समीक्षा के बाद अब माना जा रहा है, इस मामले में अभी निर्णायक फैसला होना बाकी है।

गौरेला पेंड्रा मरवाही अनुसूचित क्षेत्र में

इधर राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने एक अलग आदेश जारी कर प्रदेश के सभी कलेक्टरों को सूचित किया है कि संविधान की पांचवी अनुसूची के अतंर्गत राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में नवगठित गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले को भी शामिल किया गया है। इससे पूर्व कांकेर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, कोंड़ागांव, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरबा पांचवी अनुसूची जिले में शामिल हैं। इन जिलों में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति के लिए केवल इन जिलों के स्थानीय निवासी ही पात्र होंगे। यह अधिसूचना पूर्व में दो वर्ष के लिए जारी की गई थी। अब इन जिलों की सूची में गौरेला पेंड्रा मरवाही को कोरबा के बाद शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री व विभागीय मंत्री से राज्यपाल करेंगी बात

राज्यपाल ने अधिसूचित क्षेत्र में ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत में परिवर्तन करने के संबंध में वैधानिक स्थिति की विस्तार से समीक्षा करने के साथ ही ये भी कहा है कि इस मामले को लेकर वे मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री से भी बात करेंगी। समीक्षा बैठक में राज्यपाल ने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों से कहा है कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत बनाते समय संविधान के प्रावधानों का पालन किया जाना चाहिए। नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वे नियम कानूनों की सही जानकारी अपने मंत्री के समक्ष रखें।

पहले वैधानिक प्रक्रिया पूरी करें

राज्यपाल ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत बनाने के लिए संविधान के प्रावधानों के अनुसार वैधानिक प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए, जिससे जनजातियों का अधिकार भी सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि अंकार-डौंडी, प्रेमनगर, नरहरपुर, बड़े बचेली ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत बनाये जाने पर उन ग्राम पंचायतों द्वारा दावा आपत्ति कर नगर पंचायत में शामिल न होकर ग्राम पंचायत में रहने का आग्रह किया गया है, उनके संबंध में उचित कार्यवाही कर एक सप्ताह के अंदर जानकारी भेजें। उन्होंने मरवाही ग्राम पंचायत को नगर पंचायत बनाने की प्रक्रिया में संवैधानिक प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए।

जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक की जानकारी भी मांगी

राज्यपाल ने आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के सचिव से कहा कि जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक की सूचना उन्हें अवश्य दी जाए, ताकि आदिवासियों के कल्याण संबंधी बिंदु एजेंडा में शामिल कराया जा सके। साथ ही इन बैठकों में आदिवासियों के संबंध में शामिल किए गए नीतिगत विषयों की जानकारी भी दी जाए। बैठक में राज्यपाल के सचिव सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के सचिव डीडी सिंह, नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक सौमिल चौबे और राज्यपाल के विधिक सलाहकार आरके अग्रवाल उपस्थित थे।

मंत्रियों का टिप्पणी से इनकार

राजभवन में राज्यपाल द्वारा की गई समीक्षा के संबंध में सरकार के मंत्रियों से उनकी प्रतिक्रिया लेने पर मंत्रियों ने कहा-राज्यपाल संवैधानिक पद पर हैं। उनके द्वारा ली गई बैठक पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं।

गवर्नर ने कहा- इस मुद्दे पर सीएम विभागीय मंत्री से करूंगी बात

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