News Narmadanchal

व्यापारियों के लिए डिजिटल सोल्यूशन प्लेटफॉर्म देता हुआ सूरत मर्केंटाइल एसोसिएशन

Vastratej Textile Market Weekly Column

मुझे तैरने दे या फिर बहाना सिखा दे,
अपनी रजा में अब तू रहना सिखा दे,
मुझे शिकवा न हो कभी किसी से, हे ईश्वर,
मुझे सुख और दुःख के पर जीना सिखा दे।

लोक डाउन में और उसके बाद अब तक कुल मिलाकर 6 महीनो में सूरत के टेक्सटाइल व्यापार को काफी हद तक बड़े नुकसान से गुजरना पड़ा है। लेकिन लॉकडाउन के पश्चात सूरत मार्केट अब एक नई सोच नई उम्मीद नए अंदाज में मगर सावधानी के साथ व्यापार करने का तरीका अपनाना शुरू कर चुका है। उधार देने से पहले व्यापारी काफी सतर्क होकर काम करने लगा या फिर नगद व्यापार में रुचि दिखाने लगा है।

भूतकाल में जिन गलतियों की वजह से सूरत का व्यापारी नफा करने के बाद भी नुकसान में आ जाता था। उसकी बहुत बड़ी वजह माल बेचने का लालच आपसी प्रतिस्पर्धा और माल वापसी और पेमेंट का अनुशासन ना होना एक मुख्य वजह थी। जिसकी वजह से डूबत आना एक आम बात हो गई थी। साथ में धोखाखड़ी के मामले भी दिनोंदिन बढ़ते चले गए।

अब जैसे-जैसे मार्केट में डिमांड आनी शुरू हुई है वैसे वैसे कारीगरों का आना भी बढ़ने लगा है। सरकार ने भी अब कोरोना को जीवन का अंग मानते हुए ज्यादातर नियमों में सावधानी बरतते हुए ढील देखकर व्यापार की गति को फिर से पहले की तरह सामान्य करने में पूरा पूरा सहयोग कर रही है।

फेयर डील के मालिक धीरूभाई शाह जिनका व्यवसाय यार्न मैन्युफैक्चरिंग, यार्न ट्रेडिंग, साइज़िंग बीम तथा ग्रे मैन्युफैक्चरिंग से लेकर एक्सपोर्ट के क्षेत्र में फैला हुआ है। उनसे बात करने पर पता चला कि अब हालात पहले की तरह सामान्य होने लगे हैं लोकल मार्केट के ऑडर भी अब 60 से 70% तक पहुंचने लगे हैं साथ में एक्सपोर्ट मार्केट में भी पहले की तरह आर्डर आने लगे है। यह एक बहुत ही सकारात्मक बात लंबे समय के बाद सुनने को मिली।

कुल मिलाकर एक सकारात्मक मोहल बनना शुरू हो चुका है। लेकिन एक चिंता आज भी जस की तस बनी हुई है वह है पेमेंट को लेकर। न्यायपालिका की लचर व्यवस्था को देखते हुए यहां के प्रशासन को टेक्सटाइल से जुड़े हुए सभी एसोसिएशन व उनके काबिल सदस्यों के साथ मिलकर कलेक्टर व कमिश्नर के साथ एक सामूहिक मीटिंग का आयोजन करके एक नई रूपरेखा को तैयार करने की बहुत बड़ी आवश्यकता है। जिससे सूरत के टेक्टाइल व्यापारी अपनी उधार दी गई रकम सुरक्षा के साथ वापस पा सके।

डिजिटल युग की मांग है हर काम कम समय में तेज गति के साथ किया जाए और इसी बात को सार्थक करने के लिए सूरत का एक संगठन सूरत मर्केंटाइल एसोसिएशन आगे बढ़ चुका है। नई सोच और नई तकनीक के माध्यम से एक एप्लीकेशन लेकर सूरतके टेक्सटाइल व्यपारियों की सभी समस्याओं को एक ही प्लेटफार्म पर समाहित करने की योजना के साथ कार्यरत हुआ है। जिसमें व्यापारियों को सिर्फ एक बार रेजिस्ट्रेशन करवाने के पश्चात अपनी दुकान पर बैठे बैठे कंप्लेन करने का मौका और उसका समाधान पाने की व्यवस्था की गई है। जिसमें ट्रांसपोर्ट संबंधित माल वापसी संबंधित या नौकरी संबंधित या दुकानों के भाड़े पर लेना या लगाना या फिर वकीलों द्वारा कानूनी सलाह मशवरा या चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह मशवरा आदि बहुत सी और भी सुविधा प्रदान की गई है। एप्लीकेशन सभी व्यापारियों को सुरक्षा कवच प्रदान करेगा। सभी व्यापारियों को इसका लाभ लेने के लिए आगे आना चाहिए। और एप्लीकेशन को अपने मोबाइल में डाउनलोड करना चाहिए।

मुझे तैरने दे या फिर बहाना सिखा दे, अपनी रजा में अब तू रहना सिखा दे, मुझे शिकवा न हो कभी किसी से, हे ईश्वर, मुझे सुख और दुःख के पर जीना सिखा दे। लोक डाउन में और उसके बाद अब तक कुल मिलाकर 6 महीनो में सूरत के टेक्सटाइल व्यापार को काफी हद तक

Related Articles