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शादी समारोह में मेहमानों की संख्या हुई तय, दिल्ली-एनसीआर समेत इन राज्यों में सिर्फ इतने रिश्तेदार हो सकेंगे शामिल

शादी समारोह में मेहमानों की संख्या हुई तय, दिल्ली-एनसीआर समेत इन राज्यों में सिर्फ इतने रिश्तेदार हो सकेंगे शामिल

प्रतीकात्मक तस्वीर

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दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में अचानक इजाफे को देखते हुए केजरीवाल सरकार ने विवाह समारोह में अतिथियों की संख्या को 200 से घटाकर 50 करने का फैसला लिया है। इस फैसले ने बहुत से ऐसे लोगों को मायूस कर दिया है, जिनकी हाल ही में शादी होने वाली है। वहीं यूपी के नोएडा और गाज़ियाबाद में कल तक 100 मेहमानों के शामिल होने की अनुमति थी। लेकिन अब उसे घटनाकर 100 कर दिया गया है। साथ ही यह भी तय कर दिया गया है कि शादी-समारोह में 50 मेहमानों के अलावा और कौन-कौन शामिल हो सकता है और कितनी संख्या में… खास बात यह है कि यह फरमान दिल्ली-एनसीआर में लागू होगा।

आपको बता दें कि वेडिंग प्लानर के मुताबिक, सबसे ज्यादा बुकिंग 25 नवंबर के लिए आ रही है। इस दिन तुलसी विवाह है। सबसे ज्यादा लोग इसी दिन शादी करना चाह रहे हैं। वे कहती हैं मुझे आश्चर्य लगा कि कुछ लोग इस दिन शादी करने के लिए ज्यादा पैसे भी खर्च करने को तैयार हैं। लेकिन दिल्ली में इस दिन एक भी वेडिंग वेन्यू खाली नहीं है। 25 नवंबर के बाद लोग 30 नवंबर और फिर 11 और 12 दिसंबर को शादी करना चाहते हैं। इस चार डेट्स पर वेडिंग वेन्यू लगभग पूरा बुक हो चुका है।

जहां भी कोई शादी-समारोह होगा तो उससे पहले अनुमति लेनी होगी। इसके साथ ही समारोह स्थल का पता और उसका टाइम भी दर्ज कराना होगा। पता इसलिए पूछा जा रहा है कि जब कार्यक्रम शुरु होगा तो प्रशासन की तरफ से एक कोविड कर्मी उस शादी में मौजूद रहेगा। यह कोविड कर्मी पूरे समारोह पर निगाह रखेगा और जैसे ही समारोह में संख्या 50 से ऊपर हुई तो आयोजक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

फरवरी में शादी के लिए गोवा और उदयपुर डिमांड में-डोमेस्टिक डेस्टिनेशन जैसे कि गोवा, जयपुर और उदयपुर के लिए डिमांड है।  लेकिन यह बुकिंग की डिमांड नवंबर-दिसंबर की बजाय अगले साल शादी करने वालों की है। साल 2021 के जनवरी और फरवरी माह में शादी करने वाले उदयपुर और गोवा की बुकिंग कर रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि यहां कस्टमर अपनी व्हीकल से भी पहुंच सकते हैं। भारत मैट्रिमोनियल और शादी.कॉम के मुताबिक इस साल 90% घरेलू डेस्टिनेशन वेडिंग में कमी आएगी।

50 गेस्ट के नियम ने कम किया शादी का बजट-वेडिंग के जानकारों की मानें तो शादी के मामले में लोग ज्यादातर बजट को लेकर नहीं सोचते हैं। खासकर भारतीय शादियों में बहुत खर्च किया जाता है। एक साधारण शादी में भी 1000-1200 गेस्ट रहते हैं। हालांकि, सोशल डिस्टेंसिंग के नियम और विभिन्न राज्यों में सरकारी दिशानिर्देशों के अनुरूप, 50 से 100 लोगों के बीच एक सीमित गेस्ट आ सकते हैं। इसके चलते शादियों का बजट अपने आप छोटा हो गया है। पहले जहां एक शादी पर औसतन 5 लाख तक खर्च होता था वहीं अब वह 3 लाख पर सिमट गई है।

बढ़ रहा है वेडिंग फ्रॉम होम का ट्रेंड-भारत में हर साल करीब 1.2 करोड़ शादियां होती हैं। कई लोग लॉकडाउन में भी शादी कर रहे हैं। इन बुकिंग के दौरान कंपनियां स्पेशल ऑफर भी कस्टमर को दे रही है। हम इसमें कैटरिंग, फोटोग्राफी सर्विस के साथ ही शादी की रस्मों जैसे कि हल्दी, मेहंदी और संगीत घर पर ही आयोजन कर रहे हैं। साथ ही लोगों ने शादियों में सेफ्टी को टॉप प्रायोरिटी पर रखा है।

काेरोना फैलने की वजह से दिल्ली में शादी समारोह के दौरान 50 लोग तो वहीं नोएडा में 200 की जगह 100 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी गई है।

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