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‘समुद्र’ की संपत्ति के लिए मंथन, 50 एकड़ के फार्महाउस, बंगले का हो रहा हिसाब

‘समुद्र’ की संपत्ति के लिए मंथन, 50 एकड़ के फार्महाउस, बंगले का हो रहा हिसाब

रायपुर. शराब कारोबार में करोड़ों रुपये का घोटाला करने के आरोप में जेलबंद आबकारी विभाग के पूर्व ओएसडी समुद्र सिंह की अकूत संपत्ति के लिए एसीबी ने मंथन शुरू कर दिया है। जेल दाखिले के बाद एक स्पेशल टीम दस्तावेज खंगालने के साथ ही प्रापर्टी का ब्योरा जुटा रही है। इसी कड़ी में गिरफ्तारी के अगले दिन जिलेवार पंजीयन कार्यालयों से भी जानकारी मांगी गई है। खबर यह भी है, पूर्व ओएसडी ने अनूपपुर में ही करोड़ों रुपये का निवेश किया है। जांच की पहली किस्त में 50 एकड़ बड़े फार्महाउस का ब्योरा मिल गया है।

किसान से खरीदे गए बड़े रकबे के दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन भी पूरा कर लिया गया है। बिलासपुर में आलीशान बंगले के साथ यहां भी समुद्र सिंह ने बड़े रकबे को खरीदकर फार्महाउस बनाया है, जिसकी कीमत 5 करोड़ रुपये से भी अधिक बताई गई है। एसीबी की टीम के पास संपत्ति का ब्योरा मिलने पर बारी-बारी से इसका हिसाब कोर्ट में पेश करने दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। एसीबी अफसरों का कहना है, कोर्ट का आदेश होने के बाद एसीबी संपत्ति को अटैच करने की कार्रवाई करेगी। बताया जा रहा है, समुद्र सिंह ने शराब ठेकेदारों की मिलीभगत से कमीशन में ही करोड़ों रुपये के वारे न्यारे किए हैं।

बोरियाकला में खरीदा मकान

बोरियाकला में अपनी बेटी के नाम पर हाऊसिंग बोर्ड का मकान आठ लाख रुपये में खरीदा था। इसकी कीमत अब बढ़ चुकी है। एसीबी का जैसा हिसाब सामने आया है, पूरे सर्विस में रहते हुए इंकम इतनी नहीं है, जितनी की समुद्र ने बारी-बारी से प्रापर्टी खरीदी हैं।

आबकारी अफसर-प्लेसमेंट निशाने पर

एसीबी की जांच में आबकारी विभाग के एक अफसर से भी पूछताछ होने की खबर है। बताया जा रहा है, समुद्र सिंह के रहते अफसर को बड़े जिले में जवाबदारी सौंपने के बाद बेनामी संपत्ति में तेजी से इजाफा हुआ है। शराब के लिए सरकारी सिस्टम बैठने के बाद एक प्लेसमेंट कंपनी की मिलीभगत का भी पता चला है, जिसके बाद एसीबी ने कंपनी प्रमुख का बयान लिया है। हालांकि अभी इस बारे में अधिकारिक तौर पर कोई जानकारी बाहर नहीं आई है, लेकिन बताया जा रहा है, दोनों समुद्र के बहुत करीबी रहे हैं।

कमाई से 120 % ज्यादा का कारोबार

अब तक की जांच में पता चला है, समुद्र सिंह ने अपने सर्विस रिकार्ड में जितनी इंकम हासिल की है, उसके पास 120 % अधिक की कमाई से प्रापर्टी का हिसाब मिला है। संविदा में रहने के बाद समुद्र ने ज्यादा जगहों पर निवेश करते हुए प्रापर्टी बनाई है। सरकार बदली होने के बाद इस्तीफा देकर समुद्र सिंह ने गायब रहते कई जगहों से निवेश के सबूत मिटाने की कोशिश की है। क्लू मिलने के बाद एसीबी की यूनिट इस बिंदु पर भी छानबीन कर रही है।

प्रापर्टी की जांच शुरू

समुद्र सिंह के पास मौजूदा संपत्ति की जांच शुरू कर दी गई है। अभी शहडोल, रायपुर और बिलासपुर में प्रापर्टी का पता चला है। आगे की जांच में संभवतया और खुलासे होंगे।

– आरिफ शेख, चीफ-एसीबी-ईओडब्ल्यू

खास बातें

24 अप्रैल 2019 से समुद्र राम सिंह फरार था। ईओडब्लू में 4 अप्रैल 2019 को भ्रष्टाचार अधिनियम 2018 और कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज।

50 एकड़ में फैले सर्वसुविधायुक्त फार्महाऊस के हिसाब जांच की पहली किस्त बाहर आई। मध्यप्रदेश के शहडोल से ताल्लुक रखने वाले समुद्र सिंह की काली कमाई का बड़ा हिसाब यहां मिलने की उम्मीद।

50 करोड़ रुपये की प्रापर्टी का हिसाब मिल चुका अब तक। सर्विस की कमाई से इतनी बड़ी पूंजी मुश्किल। आबकारी नीति में बदलाव कर गड़बड़ी का अनुमान। प्रॉफिट मार्जिन, लो-क्वॉलिटी की शराब के कैटेगरी में फेरबदल कर ठेकदारों को फायदा पहुंचाया।

5000 करोड़ रुपये के राजस्व का सीधे नुकसान आबकारी विभाग को हुआ। समुद्र सिंह के इस फैसले के बाद फायदा ठेकेदारों को हुआ। आरोप है, इसके बदले ठेकेदारों ने समुद्र को मालामाल कर दिया। 

 

हजार करोड़ रुपये के घोटाले में फंसे आबकारी के पूर्व ओएसडी की काली कमाई की पड़ताल

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