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साइबर ठग ने बनाया डीआईजी का फर्जी फेसबुक अकाउंट, मांग रहा था 30 से 40 हजार रुपये, साइबर सैल को सौंपा मामला

डीआईजी कम एसपी ओपी नरवाल की फर्जी फेसबुक आईडी बना मैसेंजर से मांगी गई राशि का फोटो।

हरिभूमि न्यूज. जींद

साइबर ठगों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि डीआईजी कम जींद एसपी का फर्जी फेसबुक (Facebook) अकाउंट बना उससे लोगों को जोड़ मैसेंजर के माध्यम से राशि मांगी जा रही है। किसी व्यक्ति से 20 हजार तो किसी से 30 तो किसी से 40 हजार रुपये तक की राशि मांगी गई है।

खुद डीआईजी को उस समय पता चला जब फर्जी फेसबुक आइडी से जुड़े लोगों ने इसके बारे में डीआईजी ओपी नरवाल से बात की। साइबर ठगों का पता लगाने के लिए डीआईजी ने मामले की जांच साइबर सैल को सौंपी है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे उनके खाते में राशि न डालें। अगर किसी के पास मैसेज आता है तो तुरंत ही पुलिस को इसके बारे में सूचना दें।

साइबर ठग अक्सर लोगों को निशाना बनाते रहते है इस बार साइबर ठगों ने जींद (Jind) के एसपी एवं डीआईजी ओपी नरवाल का फर्जी फेसबुक अकाउंट बना लिया। फिर उससे काफी संख्या में लोगों को भी जोड़ लिया। जिसके बाद फर्जी फेसबुक से जुड़े लोगों से मैसेंजर के माध्यम से राशि डलवाने के संदेश भेजने का सिलसिला शुरु कर दिया।

इतफाकिया राशि खाते में डलवाने की रिक्वेस्ट डीआईजी ओपी नरवाल के जानकार के पास पहुंच गई। जिन्होंने डीआईजी ओपी नरवाल से संपर्क साधा और उसके फेसबुक मैसेंजर पर आई रिक्वेस्ट के बारे में बताया।

उसके बाद ही डीआईजी को पता चला कि उनके नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाई गई है। जिस पर उन्होंने तुरंत संज्ञान लेते हुए साइबर सैल से फेसबुक आईडी के संचालित किए जाने के बारे में दिशा निर्देश दिए। साथ ही फेसबुक को भी नोटिस भेजकर यह सुराग लगाने के लिए कहा है कि रिक्वेस्ट कहां-कहां पर भेजी गई है। फिलहाल साइबर सैल मामले की जांच कर रही है।

डीआईजी एव एसपी ओपी नरवाल ने बताया कि उनके नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बना मैसेंजर के माध्यम से राशि खाते में डलवाने की रिक्वेस्ट उनसे जुड़े लोगों को भेजी गई थी। मामला संज्ञान में आते ही उन्होंने साइबर सैल को जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

खुद डीआईजी को उस समय पता चला जब फर्जी फेसबुक
(Facebook) आइडी से जुड़े लोगों ने इसके बारे में डीआईजी ओपी नरवाल से बात की। साइबर ठगों का पता लगाने के लिए डीआईजी (DIG) ने मामले की जांच साइबर सैल को सौंपी है।

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