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सीएम मनोहर बोले, हरियाणा में अब राजनेताओं की जी-हजूरी बंद, रोजगार के खोले दरवाजे, आगें पढ़े

सीएम मनोहर बोले, हरियाणा में अब राजनेताओं की जी-हजूरी बंद, रोजगार के खोले दरवाजे, आगें पढ़े

Cm Manohar Lal KhattarCm Manohar Lal Khattar

चण्डीगढ़।  हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल (Manohar Lal) ने कहा कि पिछले लगभग छ: वर्षों से सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उन्होंने पर्ची-खर्ची व मर्जी को छोडक़र भर्ती करने वाली एजेंसियों को स्वायतता प्रदान की है ताकि योग्यता एवं मैरिट के आधार पर भर्ती होने वाला कर्मचारी अपनी ड्यूटी जनसेवा के भाव से करे।

मुख्यमंत्री आज हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सरदार बल्लभ भाई पटेल व्याख्यान सीरीज में वैबिनार के माध्यम से अपना सम्बोधन दे रहे थे। वैबिनार में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीश न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता के अलावा कई राज्यों के लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्य भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने सरदार बल्लभ भाई पटेल, जो देश की रियासतों को एकजुट करने के लिए अपनी प्रशासनिक बुद्घिमता व राष्ट्रभाव के लिए जाने जाते हैं, के लिए व्याख्यान सीरीज का आयोजन करने के लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने कई संवैधानिक मामलों में अपने अहम फैसले देने के लिए विख्यात न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता का भी वैबिनार से जुडऩे तथा उनके उल्लेखनीय संबोधन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति का संबोधन लोक सेवा आयोग व कर्मचारी चयन आयोग जैसी संवैधानिक भर्ती संस्थानों के लिए एक प्रेरणा का काम करेगा।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में एक जन-प्रतिनिधि पांच साल के लिए चुना जाता है तथा जनहित के लिए नीतियां व कानून बनवाने में अहम भूमिका निभाता है, परंतु सही मायनों में कार्यपालिका व न्यायपालिका ही उन नीतियों व कानूनों को धरातल पर क्रियान्वित करती हैं। मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि पंचायती राज संस्थानों में पढ़े-लिखे जनप्रतिनिधि हों, इसके लिए हमने सर्वोच्च न्यायालय तक अपनी लड़ाई लड़ी और सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में हरियाणा सरकार के इस निर्णय की सराहना करते हुए अन्य राज्यों को इसका अनुसरण करने को कहा।

उन्होंने कहा कि हरियाणा लोक सेवा आयोग व हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग जैसी भर्ती एजेंसियों के लिए भर्ती प्रक्रिया के लिए जितने भी सुधार किए हैं, वे निरंतर जारी रहेंगे और आज के वैबिनार में भी अगर कोई अच्छा सुझाव आता है तो उसे भी शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनके सुधारों के फलस्वरूप आज हरियाणा का युवा मन से पढ़ाई कर प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में न केवल हरियाणा में बल्कि संघ लोक सेवा आयोग व अन्य राज्यों के लोक सेवा आयोग में आगे आ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की दो प्रतिशत जनसंख्या का प्रतिनिधित्व होने के बावजूद हाल ही में सिविल सर्विसिज के परिणामों में पांच प्रतिशत स्थान हरियाणा के युवाओं ने प्राप्त किया है।

हरियाणा का युवा पहले आमतौर पर सेना व पुलिस में भर्ती होने की मानसिकता से पढ़ाई करता था और नौकरी पाने के लिए राजनेताओं की जी-हजूरी में लगा रहता था। हमने इस प्रथा को खत्म किया है और जब तक वे सरकार में रहेंगे तब तक वे इस प्रथा को दोबारा हरियाणा में पनपने नहीं देंगे।

मुख्यमंत्री आज हरियाणा लोक सेवा आयोग
(Haryana Public Service Commission) द्वारा आयोजित सरदार बल्लभ भाई पटेल व्याख्यान सीरीज में वैबिनार के माध्यम से अपना सम्बोधन दे रहे थे। वैबिनार में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीश न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता के अलावा कई राज्यों के लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व सदस्य भी उपस्थित थे।

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