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सूरत : कपड़ा बाजार में फैन्सी कपड़ों की अच्छी डिमान्ड की उम्मीद

सूरत : कपड़ा बाजार में फैन्सी कपड़ों की अच्छी डिमान्ड की उम्मीद

लॉकडाउन के दिनों प्रिन्टेड कपड़ों की थी डिमान्ड

लॉकडाउन के बाद कपड़ा उद्योग की गाड़ी पटरी पर चढ़ रही है। दिवाली में भी व्यापारियों की अपेक्षा के अनुसार ही व्यापार रहा है। जिसके चलते कपड़ा उद्यमियों ने राहत ली है। हालाकि थोड़ी बहुत समस्या अभी भी है लेकिन, आगामी दिनों में यह समस्या भी दूर होने की उम्मीद व्यापारी व्यक्त कर रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान अब तक कपड़ा बाजार में प्रिंटेड कपड़ों की डिमांड रही लेकिन आगामी दिनों में अब फैंसी फैब्रिक में डिमांड रहने की उम्मीद कपड़ा उद्यमी व्यक्त कर रहे हैं।

कपड़ा उद्योग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लॉकडाउन के बाद कपड़ा उद्योग और हीरा उद्योग धीरे-धीरे व्यापार जम रह रहा है। इस दौरान श्रमिकों की कमी होने के कारण कपड़ों का उत्पादन भी कम रहा जिसके चलते भी आगामी दिनों में कपड़ों की शॉर्टेज की परिस्थिति बन गई थी। श्रमिक गांव से नहीं लौटने के कारण कई कारखाने सिर्फ एक ही शिफ्ट में चले थे। लॉकडाउन के बाद से अब तक ज्यादातर प्रिंटेड कपड़ों की ही डिमांड रही थी। लेकिन अब आगामी दिनों में लग्सनरा होने के कारण फैंसी फैब्रिक की भी डिमांड हो रही है।

सरकार की ओर से अब सामाजिक कार्यक्रम और लग्न समारोह में 200 लोगों को इकट्ठे होने की छूट मिलने के कारण भी फैन्सी कपड़ों की अच्छी डिमांड निकलने की उम्मीद व्यक्त कर रहे हैं। सूरत में फैन्सी फैब्रिक का उत्पादन लगभग एक करोड़ मीटर प्रतिदिन होता है। फैन्सी कपड़ों का व्यापार करने वालों के पास अन्य राज्यों के व्यापारी बड़े पैमाने पर ऑर्डर बुक हो चुके हैं। व्यापारियों का कहना है कि लॉकडाउन के बाद सिर्फ प्लैन और प्रिन्टेड कपड़ों की डिमांड होने से एम्ब्रॉयडरी उद्यमी परेशान हो गए थे लेकिन, आगामी दिनों में फैन्सी कपड़ों की अच्छी डिमांड रहेगी।

सचिन जीआइडीसी क्षेत्र के उद्यमी महेंद्र रामोलिया ने मीडिया को बताया कि इस बार कपड़ा उद्योग में दिवाली वेकेशन कम रहेगा। बाजार में अच्छी परिस्थिति के कारण कपड़ो की अच्छी डिमान्ड दिख रही है। फैन्सी फेब्रिक्स तैयार करने वाले प्रतिशत कारखाने सचिन जीआईडीसी में है।

लॉकडाउन के दिनों प्रिन्टेड कपड़ों की थी डिमान्ड लॉकडाउन के बाद कपड़ा उद्योग की गाड़ी पटरी पर चढ़ रही है। दिवाली में भी व्यापारियों की अपेक्षा के अनुसार ही व्यापार रहा है। जिसके चलते कपड़ा उद्यमियों ने राहत ली है। हालाकि थोड़ी बहुत समस्या अभी भी है लेकिन, आगामी दिनों में यह समस्या भी दूर

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