News Narmadanchal
सूरत : तक्षशिला अग्निकांड के आरोपी के पक्ष में डॉक्टर के विरोधाभासी बयानों पर सख्त कोर्ट, जानें मामला

सूरत : तक्षशिला अग्निकांड के आरोपी के पक्ष में डॉक्टर के विरोधाभासी बयानों पर सख्त कोर्ट, जानें मामला

2019 में सूरत शहर के वराछा इलाके में स्थित तक्षशिला कॉम्पलेक्स में सबसे ऊपरी मंजिल पर मौजूद ट्यूशन क्लास में आग लग गई थी। इस हादसे में 22 मासूम बच्चों की जान चली गई थी। इस मामले के एक आरोपी दिनेश वेकरिया को कथित रूप से बचाने के लिये एक डॉक्टरों द्वारा की गई कोशिशों पर अदालत ने सख्त रवैया अपनाया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी दिनेश वेकरिया को उपरोक्त अग्निकांड के सिलसिले में न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। विगत 5 दिसंबर 2020 को उन्हें उनकी मां के निधन के चलते 21 दिनों के लिये जमानत पर रिहा किया गया था। उन्हें 26 दिसंबर को पुनः हाजिर होना था। लेकिन उनके वकील ने अदालत को सूचना दी कि दिनेश वेकरिया कोरोना पोजीटीव पाये गये हैँ और उन्हें 11 जनवरी तक होम आइसोलेशन में रखने की हिदायत डॉक्टरों द्वारा दी गई है। अदालत ने वेकरिया को सिविल अस्पताल या स्मीमेर अस्पताल से कोविड रिपोर्ट पेश करने का आदेश किया। उसके बाद वेकरिया की ओर से उनके वकील ने जमानत सीमा 25 जनवरी तक बढ़ाने की गुहार लगाई। इसमें डॉ. एस कथरोटिया का मेडिकल सर्टीफिकेट संलग्न किया गया जिसमें वेकरिया को अधिक समय कोरंटीन में रखने को कहा गया था।

इतना ही नहीं सरकारी वकील ने अदालत को डॉ. कथरोटिया के हवाले से कहा कि वेकरिया ने सूरत महानगर पालिका को उनके कोरोना स्टेटस के बारे में कोई सूचना नहीं दी है क्योंकि उनके लक्षण गंभीर नहीं थे। सरकारी वकील ने आशंका जताई कि वेकरिया को कोरोना हुआ भी या नहीं यह सुनिश्चित नहीं है। अदालत ने डॉ. कथरोटिया द्वारा किये गये इलाज में भी विरोधाभास पाया। ऐसे में अदालत ने सख्त रवैया अख्यार करते हुए डीसीबी के सहायक आयुक्त को आदेश दिय है कि वे डॉ. एम एस कथरोटिया के खिलाफ जांच करें और देखें कि कहीं उन्होंने भूतकाल में अन्य आरोपियों को भी मेडिकल सर्टीफिकेट जारी करके अस्थायी जमानत दिलाने में भूमिका तो नहीं निभाई।

2019 में सूरत शहर के वराछा इलाके में स्थित तक्षशिला कॉम्पलेक्स में सबसे ऊपरी मंजिल पर मौजूद ट्यूशन क्लास में आग लग गई थी। इस हादसे में 22 मासूम बच्चों की जान चली गई थी। इस मामले के एक आरोपी दिनेश वेकरिया को कथित रूप से बचाने के लिये एक डॉक्टरों द्वारा की गई कोशिशों

Related Articles