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Farmers Protest: राहुल गांधी ने किसान आंदोलन की तुलना ‘चंपारण’ से की, कहा- किसान-मजदूर अपना अधिकार लेकर ही रहेगा

Farmers Protest: राहुल गांधी ने किसान आंदोलन की तुलना ‘चंपारण’ से की, कहा- किसान-मजदूर अपना अधिकार लेकर ही रहेगा

राहुल गांधी, फोटो फाइल

राहुल गांधी, फोटो फाइल

केंद्र सरकार के द्वारा लाये गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन 39वें दिन भी जारी है। किसान कड़ाके की ठंड और बारिश के मौसम में दिल्ली की सीमाओं पर डटे हैं। उधर विपक्ष भी किसानों के मुद्दे पर लगातार केंद्र सरकार पर हमला कर रहा है। इसी क्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज ब्रिटिश शासन के दौरान चंपारण आंदोलन की तुलाना कृषि-संबंधित कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों आंदोलन से की है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर मोदी सरकार पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि देश एक बार फिर चंपारन जैसी त्रासदी झेलने जा रहा है। तब अंग्रेज कम्पनी बहादुर था, अब मोदी-मित्र कम्पनी बहादुर हैं। लेकिन आंदोलन का हर एक किसान-मज़दूर सत्याग्रही है जो अपना अधिकार लेकर ही रहेगा।

आंदोलन को किया जायेगा तेज 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार यानी 4 जनवरी को किसान संगठनों और सरकार के बीच बातचीत होने जा रही है। किसानों ने कहा कि यदि सोमवार की बैठक में बात नहीं बनी तो वे आंदोलन को तेज कर देंगे। किसानों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो 6 जनवरी को कुंडली, मानेसर और पलवल हाईवे पर ट्रैक्टर मार्च होगा।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि 1917 के चंपारण सत्याग्रह का नेतृत्व महात्मा गांधी ने किया था। इसे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक ऐतिहासिक घटना माना जाता है। यह एक किसान विद्रोह था जो बिहार के चंपारण जिले में हुआ था।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर मोदी सरकार पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि देश एक बार फिर चंपारन जैसी त्रासदी झेलने जा रहा है।

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