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Haribhoomi-Inh Exclusive: जब प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी ने पूछा – हाथरस मामले में आखिर साबित क्या करना चाहती है उत्तरप्रदेश सरकार, सुनें पूरी चर्चा

Haribhoomi-Inh Exclusive: जब प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी ने पूछा – हाथरस मामले में आखिर साबित क्या करना चाहती है उत्तरप्रदेश सरकार, सुनें पूरी चर्चा

Haribhoomi-Inh Exclusive: जब प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी ने पूछा – हाथरस मामले में आखिर साबित क्या करना चाहती है उत्तरप्रदेश सरकार, सुनें पूरी चर्चाHaribhoomi-Inh Exclusive: जब प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी ने पूछा – हाथरस मामले में आखिर साबित क्या करना चाहती है उत्तरप्रदेश सरकार, सुनें पूरी चर्चा

Haribhoomi-Inh Exclusive: उत्तरप्रदेश के हाथरस में युवती के साथ कथित गैंगरेप का मामला राजनीतिक रूप लेने लगा है। इस मामले में उत्तरप्रदेश पुलिस और योगी सरकार की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े होने लगे हैं। ऐसे में उत्तरप्रदेश की योगी सरकार दोषियों को सजा दिलवाने के बदले खुद को बचाने में जुट गई है।

ऐसे में प्रश्न ये उठता है कि आखिर योगी सरकार चाहती क्या है? उत्तरप्रदेश के हाथरस को पुलिस की छावनी बनाने का क्या लक्ष्य हो सकता है? योगी सरकार हाथरस में ऐसा क्या छुपा रही थी कि किसी को पीड़ित परिवार से मिलने तक नहीं दिया जा रहा था? इन्ही तीखे सवालों के साथ प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी ने ‘हाय हाथरस’ चर्चा की शुरूआत की। बता दें कि हाय हाथरस चर्चा में प्रधान संपादक महोदय के साथ सीनियर कांग्रेस नेता अलका लांबा, पूर्व बीजेपी सांसद किरण महेश्वरी, छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी राम निवास और राजनीतिक विश्लेषक डॉ आलोक मेहता शामिल हुए।

राम राज्य के दावे कटघरे में

प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी ने इस चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तरप्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ के राम राज्य के दावे पर सीधा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि इन दिनों हाथरस में चल रही गतिविधियां इन दावों पर सीधा प्रहार करती हुई नजर आ रही है। साथ ही आज ये सवाल देश का हर नागरिक पूछना चाहता है कि योगी आदित्यनाथ से ऐसी क्या चूक हो गई जिसका परिणाम हमें हाथरस में देखने को मिल रहा है?

बीजेपी नेताओं पर प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी के तीखे सवाल

प्रधान संपादक हिमांशु द्विवेदी ने इस चर्चा में शामिल पूर्व बीजेपी सांसद किरण महेश्वरी से भी कई सवाल किए। उन्होंने पूछा कि उत्तरप्रदेश की शासन व्यवस्था ऐसी क्यों दिख रही है कि जिस बेटी को हमें न्याय दिलाना चाहिए था, उसकी लाश भी परिवार से छुपके जला दी गई?

हिमांशु द्विवेदी ने बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं पर भी कई सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पीड़ित परिवार से मिलने गए। उन्हे सांत्वना दी। वहीं उत्तरप्रदेश में 6 हजार से ज्यादा ऐसी घटनाएं हुई, लेकिन जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तो ये भी नहीं हो पाया कि वो पीड़ित परिवार का दर्द बांट सकें।

इसके अलावा प्रधान संपादक महोदय ने बीजेपी की पूर्व सांसद किरण महेश्वरी के नजरिए पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि अगर बीजेपी दुष्कर्म पीड़िता के परिवार से मिलने जाती है तो वो न्याय के लिए जाती है। लेकिन अगर कांग्रेस मिलने जाती है तो राजनीति करने जाती है? बता दें कि ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब पूरा देश जानना चाहता है और जो काफी महत्वपूर्ण भी हैं। उत्तरप्रदेश के हाथरस में हुए कांड के मामले में सभी बीजेपी नेताओं का नजरिया एक जैसा लगता है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के हाथरस दौरे को बीजेपी नेताओं ने एक राजनीतिक साजिश बता दिया, लेकिन उन्हीं नेताओं में इतनी संवेदनशीलता नहीं दिखी कि वो पीड़ित परिवार से जाकर उनका हाल जान सके। प्रधान संपादक महोदय ने चर्चा में शामिल हुए अन्य वरिष्ठ जानकारों से भी कई तीखे सवाल किए। उन सवालों के जवाब आज देश का हर नागरिक जानना चाहता है। आप भी देखें ‘हाय हाथरस’ की पूरी चर्चा।

‘हाय हाथरस’ चर्चा में प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी ने ऐसे सवाल पूछे हैं, जिसका जवाब आज हर देशवासी जानना चाहता है। इस चर्चा में प्रधान संपादक महोदय के साथ सीनियर कांग्रेस नेता अलका लांबा, पूर्व बीजेपी सांसद किरण माहेश्वरी, छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी राम निवास और राजनीतिक विश्लेषक डॉ आलोक मेहता शामिल हुए।[#item_full_content]

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