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Punjab and haryana बार काउंसिल ने की अदालतों में फिजिकल हियरिंग शुरू करने की मांग

पंजाब एवं हरियाणा बार कौंसिल के चेयरमैन करनजीत सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कीं वह चीफ जस्टिस को 21 मई को और जून माह में फिजिकल हियरिंग का रोड मैप भी दे चुकी है जिसपर कोई गौर नहीं हुआ। कौंसिल ने इस सम्बन्ध में चीफ जस्टिस से मिलने का समय भी माँगा लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया |

कौंसिल का कहना है कि हाईकोर्ट के जज काम करना ही नहीं चाहते जिसका खामियाजा केवल वकील या उनसे जुड़े लाखो परिवार ही नहीं बल्कि न्याय की तलाश में आने वाले लाखो परिवार भुगत रहे है जिन्हे न्याय नहीं मिल रहा |

बार कौंसिल के चेयरमैन व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि दिल्ली व महाराष्ट्र में सर्वाधिक कोरोना मरीज सामने आये है जहाँ अदालतों में फिजिकल हियरिंग शुरू हो चुकी है। केरल , तमिलनाडु ,उतर प्रदेश बिहार व कर्नाटका में भी अदालतों में कुछ हद तक फिजिकल काम काज होने लगा है लेकिन पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट को एतराज है जिसका कारण बताया जाए। 

करमजीत सिंह व हरीश राय ढांडा ने बताया कि हाईकोर्ट के जज कोर्ट्स का ही नहीं बल्कि प्रशासनिक काम भी नहीं करते जिसका उदहारण देते हुए उन्होंने बताया कि पिछले 7 वर्षों से वकीलों को सीनियर डेजिग्नेशन नहीं दिया गया जबकि सुप्रीम कोर्ट इंदिरा जैसिंघ के मामले में कह चुकी है कि साल में दो बार सीनियर डेजिग्नेशन के लिए एक्सरसाइज होनी चाहिए। कौंसिल चेयरमैन ने बताया कि डेढ़ वर्ष से वकीलों ने आवेदन किए हुए है जिनपर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि आम जनता व वकीलों की अनदेखी के चलते आम न्याय आदमी से दूर होता जा रहा है जिसकी जिम्मेदारी हाईकोर्ट प्रशासन की है। 

बार कौंसिल के चेयरमैन व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि दिल्ली व महाराष्ट्र में सर्वाधिक कोरोना मरीज
(Corona patient) सामने आये है जहाँ अदालतों में फिजिकल हियरिंग शुरू हो चुकी है। केरल , तमिलनाडु ,उतर प्रदेश बिहार व कर्नाटका में भी अदालतों में कुछ हद तक फिजिकल काम काज होने लगा है लेकिन पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab and Haryana High Court) को एतराज है जिसका कारण बताया जाए।

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