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Rewari : क्राइम कंट्रोल करने में पुलिस को चौकीदारों का सहारा, चौंकी व थाना प्रभारी स्थापित करेंगे समन्वय

रेवाड़ी। ट्रेड यूनियन पदाधिकारियों के साथ बैठक करते शहर थाना प्रभारी। फाइल फोटो

रेवाड़ी। जिले में पुलिस (Police) का चेहरा बदलने के बाद भी क्राइम कंट्रोल (Crime Control) होने का नाम नहीं ले रहा है। लूट (Robbery), चेन स्नेचिंग व चोरी जैसी घटनाएं आम होती जा रही है तथा घटनाओं की गुत्थी सुलझाने के नाम पर पुलिस के हाथ आश्वासनों को छोड़ दे तो लगभग खाली ही हैं। जिससे अब पुलिस ने क्राइम को कंट्रोल करने के लिए गांवों में चौकीदारों (Watchmen) तथा शहरों में ट्रेड यूनियन व रेजीडेंस वेलफेयर एसासिएशन की तरफ निगाह लगाई है। इसके लिए थाना व चौंकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में इनके साथ नियमित रूप से बैठकें कर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। ऐसे अब में देखना होगा कि क्राइम को कंट्रोल करने में पुलिस का यह प्रयास कितना कारगर साबित हो पाता है।

अक्सर अपराध की बढ़ती गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस ग्रामीण क्षेत्रों में ठीकरी पहरे का सहारा लेती है। जहां अपराध में बढ़ोतरी होती है, वहीं पंचायतों को ठीकरी पहरा लगाने के निर्देश दे दिए जाते हैं। लॉकडाउन के दौरान कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए प्रशासन ने भी यह तरीका अपनाया था। अपराध की कमर तोड़ने के लिए पुलिस की तरफ से गांवों में स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) पहले से लगाए हुए हैं। अब ग्रामीण चौकीदारों को भी इस कड़ी के साथ जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। जिन्हें गांव में रहने वाले संदिग्ध लोगों तथा गतिविधियांे की जानकारी पुलिस के साथ सांझा करने के साथ गांव में होने वाले नशे के कारोबार से पुलिस को रूबरू करवाना होगा। इसके अलावा गांवों में चल रहे जमीनी विवादों की पूर्व में जानकारी देना भी शामिल होगा, ताकि जमीनी विवाद में होने वाले झगड़ों की संभावनाओं को खत्म करने में मदद मिल सके। इसी तर्ज पर शहरी व अर्ध शहरी क्षेत्रों में ट्रेड यूनियनों, रेजीडेंस वेलफेयर सोसायटी तथा एमसी का सहारा लेने की रणनीति पर काम शुरू करने की संभावनाएं तलाशी जा रही है। शहर थाना प्रभारी ने गत दिनों ट्रेड यूनियन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर इसका श्रीगणेश भी कर चुके हैं। दक्षिणी रेंज रेवाड़ी के आईजी विकास आरोड़ा की पहल पर पुलिस ने यह कवायद शुरू की है।

यह सौंपी गई है जिम्मदारी

जिले में चौंकी व थाना प्रभारियों को नियमित रूप से चौंकीदारों के साथ बैठकें कर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि चौंकीदार पुलिस के साथ जुड़कर गांव में होने वाली अपराधिक घटनाआंे की जानकारी तुरंत पुलिस के साथ सांझा कर सके। इतना ही चौंकीदारों को विवाद खत्म करने की संभावना के तहत गांव में विवाद का कारण बनने वाले मुद्दों को भी पुलिस के साथ सांझा करना होगा। गांव की घटनाएं जहां पुलिस के साथ सांझा करना चौकीदार की उत्तरदायित्व होगा, वहीं चौंकीदार व ग्रामीणों से मिलने वाली सूचना के बाद गांव में पहुंचना पुलिस की प्राथमिकता में शामिल किया गया है। इतना ही नहीं क्राइम कंट्रोल के लिए पुलिस द्वारा बनाई जानी वाली कार्ययोजना से चौकीदारों को अवगत करवाना चौकी व थाना प्रभारी की जिम्मेदारी तय की गई है। ऐसे मामलों में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहने की चेतावनी भी दी गई है।

क्राइम रोकने के लिए बनाई है रणनीति

चौंकी व थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में चौंकीदारों व गांव के मौजिज लोगों से समन्वय स्थापित करने तथा गांव से मिलने वाली सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें ठीकरी पहरे शुरू करना भी शामिल हैं। शहरी व अर्ध शहरी क्षेत्रों के लिए भी इस प्रकार की योजना पर काम करने के निर्देश दिए हैं। ताकि अपराध पर पूरी तरह से अंकुश लगाए जा सके। ऐसे मामलों में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। इससे चोरी व नशाखोरी के साथ अन्य प्रकार के अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। दक्षिणी हरियाणा रेंज के आईजी विकास अरोड़ा ने बैठक में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए इस कार्ययोजना पर काम करने को कहा था।                                        

                                             -अभिषेक जोरवाल, एसपी रेवाड़ी।

क्षेत्र में बढ़ रही लूट (Robbery) चोरी, स्नेचिंग (Snatching) की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस (Police) ने गांव में चौकीदार (Watchman) व शहरों में ट्रेड यूनियन व रेजीडेंस वेलफेयर एसासिएशन की तरफ निगाह लगाई है। इनकी मदद से अपराध पर अंकुश लगाने का प्रयास करेंगी। सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचेगी और लापरवारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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