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Seema Dhaka Delhi Police: दिल्ली पुलिस में लेडी सिंघम अब तक बदल चुकी हैं 76 से अधिक बच्चों का जीवन, शामली जिले से है गहरा नाता

Seema Dhaka Delhi Police: दिल्ली पुलिस में लेडी सिंघम अब तक बदल चुकी हैं 76 से अधिक बच्चों का जीवन, शामली जिले से है गहरा नाता

सीमा ढाका

सीमा ढाका

Seema Dhaka Delhi Police: गुमशुदा बच्चों को ढूंढने वाली स्पेशल सेल में काम करने वालीं हेड कॉन्स्टेबल सीमा ढाबा अब तक 76 से ज़्यादा गायब बच्चों को उनके परिवार से मिलवा चुकी हैं। टीम का टारगेट था कि साल में लगभग 50 बच्चों गुमशुदा बच्चों को ढूंढना। लेकिन सीमा ढाका ने कम समय मे ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों को बचाया। एक इंटरव्यू में सीमा ने बताया कि इस फील्ड के काम मे कोई आगे नहीं आया। फिर सीमा ने आगे बढ़कर बच्चों को तलाश कर उनके घर तक पहुंचाने का काम किया।

सीमा ढाका इस समय समयपुर बदली पुलिस थाने में तैनात हैं। वह अन्य थानों के केस भी सॉल्व कर चुकी हैं। सीमा ने कहा कि मैं खुद 8 साल के बच्चे की मां हूं और जब किसी बच्चे की गुमशुदा की खबर आती है, तो उन्हें बहुत अजीब सा लगता है। साथ ही परेशान भी हो जाती है। उनसे ये सब बर्दाश्त नहीं होता। इसकी वजह से उन्होंने अपने सभी सीनियर अफसरों से बात कर अपने को इस सेल में काम की इच्छा जाहिर की। जिसमे सभी ऑफिसर मैन भी गए।

सीमा ढाका को उनकी कार्य निष्ठा और ईमानदारी के लिए दिल्ली पुलिस एनएन श्रीवास्तव ने उन्हें आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देने की घोषणा की है। ये उन्हें इंसेटिव स्कीम के तहत प्रमोशन दी है। इस सम्मान को पाने वाली सीमा दिल्ली पुलिस की पहली कर्मचारी बन गई है। ढाका ने बाहरी जिले और रोहिणी सहित राजधानी में कई जिलों में ड्यूटी की है। जब 2014 में उन्हें हेड कांस्टेबल पद पर पदोन्नत किया गया था, तब वह दक्षिण पूर्वी दिल्ली में तैनात थीं। 2017 में उन्हें बाहरी उत्तरी दिल्ली जिले में ट्रांसफर किया गया।

ढाका ने कहा कि मैंने अपने सीनियर्स से अनुरोध किया कि वे मुझे गुमशुदा बच्चों का पता लगाने की अनुमति दें। मैंने उन्हें यह आश्वासन भी दिया कि जिन मामलों पर मैं पहले से काम कर रही हूँ, वे पीड़ित नहीं होंगे या उनकी जाँच में देरी नहीं होगी। ढाका ने तब लापता बच्चों का पता लगाने के लिए दो महीने का लक्ष्य रखा। उनके अधिकांश मामलों में ऐसे बच्चे शामिल थे, जो अपने परिवारों से अलग हो गए थे और कुछ साल पहले गायब हो गए थे।

इनमें से कुछ मामले 2013 तक वापस आ गए थे। उन मामलों को तब हल नहीं किया गया था। लेकिन मैंने इनपुट इकट्ठा करना शुरू किया और पुलिस के अलावा, स्थानीय लोगों ने भी उसका पता लगाने और लापता बच्चों को उनके परिवारों के साथ फिर से मिलाने में मदद की। जब लोगों को पता चला कि मैं क्या करने की कोशिश कर रहा हूं, तो उन्होंने अधिक इनपुट देना शुरू कर दिया। प्रमोशन के बाद लापता बच्चों का पता लगाने के लिए ढाका का जुनून कम नहीं होगा। वास्तव में उसने कहा कि ओटीपी ने उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया है।

Seema Dhaka Delhi Police: गुमशुदा बच्चों को ढूंढने वाली स्पेशल सेल में काम करने वालीं हेड कॉन्स्टेबल सीमा ढाबा अब तक 76 से ज़्यादा गायब बच्चों को उनके परिवार से मिलवा चुकी हैं।[#item_full_content]

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